रानीतालाब में अचानक मरने लगीं मछलियां, व्यथित संभागायुक्त ने पोस्टमार्टम का दिया निर्देश

रानीतालाब में अचानक मरने लगीं मछलियां, व्यथित संभागायुक्त ने पोस्टमार्टम का दिया निर्देश
Dying fish in Ranitlab Rewa

Balmukund Dwivedi | Updated: 04 Jun 2019, 06:35:39 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

संभागायुक्त अफसरों के साथ पहुंचे, चप्पे-चप्पे का किया निरीक्षण, मछलियों के मरने का कारण पता लगाएगा प्रशासन

रीवा. शहर के रानीतालाब में पानी घटने और मछलियां मरने की सूचना पर संभागायुक्त डॉ. अशोक भार्गव इसका निरीक्षण करने पहुंच गए। उन्होंने तालाब परिसर का पूरा अवलोकन किया और साथ में मौजूद नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव एवं अन्य अधिकारियों से मछलियों के मरने का कारण पूछा। कई जगह तालाब में मरी मछलियां देखी गई। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि सबसे पहले तो जो मछलियां मर चुकी हैं उन्हें बाहर निकाला जाए ताकि दूसरी मछलियों पर इसका असर नहीं पड़े। वेटरनरी विभाग के अधिकारियों को बुलाकर निर्देशित किया कि इन मछलियों का पोस्टमार्टम कर यह पता लगाएं कि किस वजह से इनकी मौत हो रही है। निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मछलियों को पानी से निकालकर कहीं एकांत जगह में इन्हें गड्ढे खोदकर दफनाया जाए। जिससे बाहर भी कोई प्रदूषण नहीं फैले। इसके अलावा सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सप्ताह भर के भीतर रानीतालाब की व्यवस्था दुरुस्थ करने की रिपोर्ट भी पेश करें।

बिछिया का पानी तालाब तक पहुंचाने के होंगे इंतजाम
नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव ने जानकारी दी कि करीब सौ मीटर की दूरी पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी है, यहां पर बिछिया नदी का पानी आता है। जिसे सीधे तालाब में पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने संभागायुक्त से मांग भी रखी कि बिछिया में यदि नहर का पानी डाला जाए तो जो अभी स्थिर होने की वजह से गंदा दिखता है वह चलायमान हो जाएगा। इस पर संभागायुक्त भार्गव ने कहा कि जलसंसाधन के अधिकारियों से इस पर चर्चाकर व्यवस्था बनाएंगे। पीएचइ के कार्यपालन यंत्री को निर्देशित किया है कि तालाब में ऐसी बोरिंग की जाए जिससे पानी बिना मोटर के आता रहे।

बतखों की संख्या बढ़ेगी, सौंदर्यीकरण पर जोर
तालाब में कुछ बतख दिखने पर संभागायुक्त रुके और उनके एक साथ तैरने की तरीकों पर अधिकारियों को बताया कि ये इसी तरह चलते हैं। इतना बड़ा तालाब है कि करीब एक हजार की संख्या में इन्हें रखा जाए ताकि पर्यटकों के लिए ये भी प्रमुख आकर्षण बनें। इसके अलावा फब्बारे एवं अन्य व्यवस्थाएं बनाने के लिए कहा है। तालाब की मेढ़ पर पौधों की संख्या बढ़ाने के साथ ही घास भी लगाने के लिए निगम आयुक्त से कहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि तार फेसिंग कमजोर होने की वजह से आए दिन अराजक तत्व इसके भीतर प्रवेश कर जाते हैं। इसकी व्यवस्था भी बनाने के लिए कहा है।

आक्सीजन की कमी को भी माना जा रहा वजह
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मत्यपालन विभाग के अधिकारी भी संभागायुक्त के साथ भ्रमण में थे। जिन्होंने जानकारी दी कि कई बार पानी में आक्सीजन की कमी के चलते मछलियां एवं अन्य जलीय जीव मरने लगते हैं। संभागायुक्त भार्गव ने निर्देशित किया कि तत्काल 10 क्विंटल चूना पानी में डाला जाए, साथ ही आक्सीजन एवं अन्य तत्व बढ़ाने के लिए जो भी व्यस्थाएं तत्काल मुहैया कराई जाएं।

अखबार पढ़कर मन व्यथित हुआ
डॉ. अशोक भार्गव, संभागायुक्त ने बताया कि सुबह अखबार में पढ़ा कि अकारण मछलियां मर रही हैं। मन व्यथित हुआ, अधिकारियों को बुलाकर तालाब परिसर का भ्रमण किया है। मछलियों के मरने का कारण पता लगाने के साथ ही आगे की व्यवस्थाएं बनाने के लिए निर्देश दिया है। प्रयास है रानीतालाब परिसर को बेहतर बनाया जाए।

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