ईस्टर संडे : रतहरा चर्च में ईसा के अनुयाइयों ने की प्रर्थना , फादर बोले-तीसरे दिन जिंदा हो गए थे

रतहरा चर्च में ईसा मशीह के अनुयाइयों के द्वारा ईस्टर संडे की प्रार्थना की गई। प्रार्थना की अगुआई सिस्टर प्रतिमा कौर द्वारा की गई

By: Rajesh Patel

Published: 05 Apr 2021, 09:15 AM IST

रीवा. रतहरा चर्च में ईसा मशीह के अनुयाइयों के द्वारा ईस्टर संडे की प्रार्थना की गई। प्रार्थना की अगुआई सिस्टर प्रतिमा कौर द्वारा की गई। रविवार को चर्च के फादर कमलेश सिंह पटेल ने बताया कि ईसा मसीह को कई तरह की शारीरिक यातनाएं देकर सूली पर लटका दिया गया था। सूली पर लटकने से पहले भी ईसा मसीह कह रहे थे, प्रभु इन्हें इनकी भूल के लिए माफ कर देना।
मान्यता है कि तीसरे दिन जिंदा हो गए थे
फादर ने अनुयाइयो को जानकारी दी कि देते हुए बताया कि ईसा मशीह अपने प्राण त्याग दिए थे। जिस दिन ये सब किया गयाए उस दिन फ्राइडे का दिन था। इसके बाद ईसा मसीह के शव को एक कब्र में रख दिया गया। मान्यता है कि इस घटना के तीसरे दिन रविवार को ईसा मसीह जिंदा हो गए थे। दोबारा जिंदा होने के बाद उन्होंने 40 दिनों तक अपने अनुयायियों को दर्शन दिए। इसके बाद वे ईश्वर की शरण में चले गए। इसके बाद आने वाले रविवार को ईस्टर संडे के तौर पर मनाया गया।
संडे से शुरूहोकर 40 दिन तक चलता है
ईस्टर का त्योहार ईस्टर संडे से शुरू होकर 40 दिनों तक चलता है। ईस्टर संडे लोगों में बदलाव का दिन है। माना जाता है कि ईसा मसीह के जीवित होने के बाद उनको यातनाएं देने वाले लोगों को भी बहुत पश्चाताप हुआ था। कार्यक्रम में डॉ. उमेश प्रसाद पटेल, अतुल टोप्पो, राजेंद्र साकेत, अमित सिंह, सावित्री पटेल, रामवती सिंह, संगीता पटेल, आदि प्रमुख लोग उपस्थित थे। कोरोना को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम फेसबुक लाइव के माध्यम से लोगों तक प्रभु यीशु के संदेश को पहुंचाया गया। संचालन डॉ. उमेश प्रसाद पटेल ने की।

Rajesh Patel Reporting
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