डिजिटल इंडिया में रेलवे कर्मचारियों को देगा इलेक्ट्रॉनिक पेंशन पे आर्डर

डिजिटल इंडिया में रेलवे कर्मचारियों को देगा   इलेक्ट्रॉनिक पेंशन पे आर्डर

Lok Mani Shukla | Publish: Jul, 14 2018 12:45:36 PM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

पेंशन के रेल कर्मचारियों को नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर,बैकों के लिए जारी होगा इलेक्ट्रॉनिक पेंशन पे आर्डर

रीवा। रेलवे ने डिजिटल इंडिया के तहत यात्रियों के बाद अब कर्मचारियों को सुविधा दी है। जून 2018 से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन के लिए बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए रेलवे कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक पेंशन पेंमेंट आर्डर (इ-पीपीओ) जारी करेगी।
बताया जा रहा कि पश्चिममध्य रेल में जून 2018 से इ-पीपीओ की सुविधा प्रारम्भ कर दी गई है। प्रथम चरण में 13 बैंकों और 95 पेंशनरों को इसमें शामिल किया गया है। अन्य बाकी बैकों को जल्द ही इस सेवा के तहत शामिल किया जाएगा। इस स्कीम के तहत जून 2018 में रेलवे से सेवानिवृत्त होने वाले रेलकर्मियों की डिजिटल हस्ताक्षरित पेंशन पे आर्डर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से बैंको को भेजे जाने लगे हैं। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन जल्द ही चालू हो जाएगी, क्योंकि बैंको को मानवीय रूप से डाटा की एंट्री नहीं करनी पड़ेगी। पहले डाटा एंट्री में काफी समय लगता था। इस नई व्यवस्था से सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन शीघ्र चालू हो जाएगी। इसके अतिरिक्त इ-पीपीओ की व्यवस्था से लाखों रुपए के पेपर एवं प्रिटिंग लागत की भी बचत होगी।

दो साल बाद प्लेटफार्म पर व्हीआईपी वेटिंग हाल का काम शुरु
रेलवे स्टेशन के अंदर व्हीआईपी वेटिंग हाल का काम अंतत: प्रांरभ हो गया है। इसके लिए दो साल पहले रेलवे ने आम बजट में प्रावधान रखा था। लेकिन आवंटन प्राप्त होने के बाद भी व्हीआईपी वेटिंग हॉल का काम बंद पड़ा था। इसके साथ ही महिला वेटिंग हॉल का काम भी निर्माण एजेंसी ने प्रांरभ कर दिया है।
लंबे समय से रीवा स्टेशन में महिला वेटिंग व व्हीआइपी वेटिंग हाल की मांग चली आ रही थी। रेलवे इस पर वर्ष 2016 में 1 करोड़ 48 लाख रुपए का बजट आंवटित किया गया था। इसमें पृथक से महिला वेटिंग हाल व व्हीआईपी वेटिंग हाल का निर्माण किया जाना है लेकिन रेलवे के निर्माण शाखा द्वारा समय में टेंडर जारी नहीं होने के कारण काम प्रांरभ नहीं हो पाया। यह व्हीआईपी वेटिंग हाल प्लेटफार्म क्रमांक 1 स्टेशन मास्टर कक्ष के बगल में बनाया जाना है। देश व प्रदेश की राजधानी को जोडऩे वाली ट्रेनों में बड़ी संख्या में केबिनट स्तर के मंत्री व सांसद व अधिकारी स्टेशन पहुंचते हैं लेकिन इनके लिए पृथक से वेटिंग हाल नहीं होने से सुरक्षा को लेकर बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता था।

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