अधिकारियों-कर्मचारियों में कंप्यूटर दक्षता की कमी ई-गवर्नेंस में बन रही रोड़ा

जिले में मैनपॉवर व संशाधनों का आभाव, 15 हजार अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया कंप्यूटर का प्रशिक्षण फिर भी ऑनलाइन 60 फीसदी में सिमटी

By: Rajesh Patel

Published: 16 Dec 2020, 08:50 AM IST

रीवा. जिले में ई.गवर्नेंस की व्यवस्था मुख्यालय से लेकर तहसील व ब्लाक में चालू हो गई है। अधिकारियों व कर्मचारियों में कंप्यूटर की दक्षता व संशाधन के अभाव में इ.गवर्नेंस का क्रियान्वयन 60 फीसदी ही हो पा रहा है। कलेक्टर ऑफिस में योजनाओं की मॉनीटरिंग व कार्यालय में काम-काज ऑनलाइन है। मैनपॉवर, संशाधन, कंप्यूटर दक्षता की कमी के चलते अधिकतर बाबुओं की टेबल पर अभी भी नोटशीट मेन्युअल में लिखी जा रही है। जबकि योजनाएं ऑनलाइन चल रही हैं। कलेक्टर कर्यालय के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के साथ ही कंप्यूटर, प्रिंटर और नेटवर्क की बेहतर व्यवस्था है। कलेक्टर सभी विभागों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इस कार्यालय में 80 फीसदी ई-गवर्नेंस का दावा किया जा रहा है।

लोक सेवा केन्द्रों पर 46 विभागों की हर रोज एक हजार सेवाएं
जिले में 58 विभाग संचालित है। जिसमें 46 विभागों की सेवाएं लोक सेवा केन्द्रों से जनता को आनलाइन देने का दावा है। ई.गवर्नेंस के रेकार्ड के अनुसार तहसीलए ब्लाक व थाने ऑनलाइन हैं। विभागों में जनता को 473 सेवाएं ऑनलाइन देने के लिए अधिकृत की गई है। जिसमें अभी पचास फीसदी ही सेवाएं मिल पा रही हैं। जिले में 12 लोक सेवा केन्द्र खोले गए हैं। लोक सेवा केन्द्र पर हर रोज एक हजार आवेदन आ रहे हैं। एक दिवस में खसराए खतौनीए प्रमाण.पत्र आदि की लगभग 250 से 300 सेवाएं तत्काल दी जा रही है। यहां पर यदि सभी तरह की सेवाएं ऑनलाइन मिले तो जनता को सहूलियत मिले।

मेन्युअल आवेदन प्रक्रिया में दलाल सक्रिय
जिले में कमिश्नर, कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदारों की कोर्ट ऑनलाइन हैं। पक्षकारों के प्रकरणों की सुनवाई ऑनलाइन में बेहतर हुई हैं। राजस्व कोर्ट में ऑनलाइन दायरा के साथ मेन्युअल आवेदन लेने की प्रक्रिया है, जिसमें दलाल सक्रिय है। ई-रजिस्ट्री कार्यालय में सेवाएं ऑनलाइन हो रही है। तहसीलों में प्रकरण पहुंचने के बाद नियम-कायदे में उलझे हुए हैं। तहसील, ब्लाक में प्रभावी ढंग से इ-गवर्नेंस का पालन नहीं होने से जनता को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही। उदाहरण सीमांकन, बंटवारा के आवेदन अभी तहसीलों में लिया जा रहे हैं। जबकि कलेक्टर ने आदेश दिया है कि सभी आवेदन लोक सेवा केन्द्र से आएं। फिर भी अभी कई विभागों में मेन्युअल आवेदन लिए जा रहे हैं।

ई.ऑफिस का प्रशिक्षण देेकर भूले
जिले में ई--गवर्नेस के तहत ई-ऑफिस वर्ष 2019 में चालू करना था। इसके लिए जिले में अधिकारी और कर्मचारियों को दक्षता संवर्धन केन्द्र पर 14832 अधिकारी व कर्मचारियों को कंप्यूटर, प्रिंटर, इ-मेल भेजने और अटेंड करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा चुका। चालू वर्ष के प्रारंभ में इ.ऑफिस को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया चालू की गई थी। कार्यालयों में ई-ऑफिस का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया। लेनिक, कागज पर ही सिमट कर रह गया।

धूल फांक रही इ-पंचायतें
जिले में नगरीय और पंचातयों में इ-गवर्नेंस की व्यवस्थाएं धूल फांक रही हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग व नगरीय विभाग की योजनाएं ऑनलाइन हैै। लेकिन, मैनपावर और संशाधन के अभाव में पचास फीसदी काम हो रहा है। पंचायतों में इ-पंचायत व्यवस्था पूरी तरह फेल। जिले में रीवा, मऊगंज, हनुमना, नईगढ़ी को भारत नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। शेष ब्लाक आज भी अधूरे हैं।

कलेक्टर ने कार्यालय में बनाई इ-कंट्रोल व्यवस्था
इलैयाराजा टी ने इ-गवर्नेंस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को आदेश दिया है कि ऑनलाइन आवेदन लिए जाएं। सभी आवेदन लोक सेवा केन्द्र पर जमा कराएं। कलेक्टर ने स्वयं कार्यालय में इ.कंट्रोल व्यवस्था बनाई। कार्यालय मे आधा दर्जन कंप्यूटरए प्रिंटर एक जगह पर रख दिया गया है। साथ ही कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।

कलेक्टर वाट्एप पर आवेदन की कर रहे सुनवाई
कलेक्टर इलैयाराजा टी कोरोना काल में चार माह पहले ज्वाइन करने के दिन से ही वाट्एप पर आवेदन लेकर निराकरण कर रहे है। कार्यालय की जनसुनवाई में आवेदन लेकर संबंधित विभाग के अधिकारी के वाट्एप नंबर पर भेजकर फरियादी के सामने ही निराकरण का आदेश दे रहे हैं। कलेक्टर ने इस तरह तहसीलए ब्लाक और फील्ड के अधिकारियों को भी व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है।

वर्जन...
कलेक्टर कार्यालय में शत.प्रतिशत ऑनलाइन व्यवस्था है। जिले के सभी थानेए तहसीलए ब्लाक ऑनलाइन हो गए हैं। लोक सेवा केन्द्र पर ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं।
--आशीष दूबे, जिल प्रबंधकए इ-गवर्नेंस

फैक्ट फाइल
जिले में लोक सेवा केन्द्र....12
प्रतिदिन आ रहे आवेदन....1000
प्रतिदिन निराकरण..........300
जिले में तहसील..............12
ब्लाक.....................09
कुल पंचायतें...............827
कंप्यूटर प्रशिक्षित अधिकारी-कर्मचारी.....14832

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Rajesh Patel Reporting
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