सरकारी दफ्तरों के बाबू सरकार से खफा, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर कर्मचारी, तमाशबीन बने कलेक्टर-कमिश्नर , फरियादी परेशान

सरकारी कार्यालयों में काम-काज पूरी तरह ठप, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर दर्जनभर से अधिक सरकारी दफ्तरों के बाबू, कोठी कंपाउंड में की सभा

By: Rajesh Patel

Updated: 24 Jul 2018, 12:51 PM IST

रीवा. मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के आह्वान पर सोमवार को कलेक्टर, कमिश्नरी सहित जिले के विभिन्न सरकारी दफ्तरों के बाबू अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कार्यालयों में ज्यादातर बाबुओं की कुर्सी खाली रही। सरकारी दफ्तरों में काम-काज ठप रहा। कमिश्नर, कलेक्टर कोर्ट सहित राजस्व अधिकारियों के न्यायालय में पेशी पर पहुंचे पक्षकारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इसी तरह आवेदन जमा करने के लिए फरियादी परेशान रहे।

कलेक्ट्रेट के 44 में से 43 बाबू हड़ताल में शामिल
जिला मुख्यालय पर कलेक्टर कार्यालय के ५५ में से ४३ बाबुओं ने काम का बहिष्कार किया। कलेक्टर कार्यालय में १२ बाबुओं ने मोर्चा संभाला। बाबुओं के अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते स्थानांतरित एसडीएम देरशाम तक रिलीव होने का आदेश लेने के लिए कलेक्ट्रेट में बैठे रहे।

अस्सी किमी दूर से आने के बाद बैरंग लौटे पक्षकार-फरियादी
दोपहर १२ बजे अपर कलेक्टर कोर्ट में मनगवां के चंदेह की बुजुर्ग महिला कलावती पेशी पर पहुंचीं। कोर्ट नहीं चलने से कलावती को बैरंग लौटना पड़ा। बुजुर्ग महिला पैसे खर्च कर जैसे-जैसे पेशी पर पहुंची। सुनवाई नहीं होने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर कोसा है। तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट और कमिश्नरी कार्यालय में पेशी पर आए पक्षकार परेशान रहे। उधर, जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालय के बाबू संभागायुक्त कार्यालय के सामने एकत्रित होकर मांगों को लेकर प्रर्शन किया।

ग्रेड-पे नहीं मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि ग्रेड-पे में सुधार नहीं होने तक अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा। बाबुओं ने कहा कि रमेश चंद्र शर्मा समिति के द्वारा प्रस्तुत की गई अनुशांसा प्रतिवेदन को लागू किया जाए। बाबुओं ने लंबित मांगों को लेकर १६ जुलाई से कार्यालय में काली पट्टी बांध कर काम कर रहे हैं, 20 जुलाई को मशाल निकाल कर विरोध किया। 23 जुलाई से अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उधर, ग्रामीण क्षेत्र के बाबू भी काम का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल का समर्थन किया है। उधर कलेक्ट्रेट में काम-काज ठप कर लंबित मांगों के समर्थन कर रहे कई कर्मचारियों ने काम करने वाले बाबुओं को रोकने की कोशिश भी की।

संभागायुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन
लंबित मांगों को लेकर लिपक संभागायुक्त कार्यालय के सामने स्थित कोठी कंपाउंड कार्यालय में सभा की और अनिश्चितकालीन प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया है। ऐलान किया कि जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी वे काम पर नहीं लौटेंगे। प्रदर्शन के दौरान बीके शुक्ला, ब्रिजेश सिंह, उमेश कुमार पांडेय, बलवंत प्रसाद पांडेय, बृजमोहन पटेल, सीतला प्रसाद पटेल, सीडी द्विवेदी, आरएन गौतम, प्रशांत सिंह, केके मिश्र, राहुल चतुर्वेदी, भीम सिंह बघेल, विजय शर्मा, नरेन्द्र पांडेय, आरएल वर्मा, हीरामणि तिवारी, विष्णु प्रसाद तिवारी, किरण शुक्ला, स्नेहलता चौधरी, रामपाल नापित, जेपी तिवारी, शुभांशू खरे सहित सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है।

इन विभागों के लिपिक रहे शामिल
जिला कार्यकारिण के पदाधिकारियों के अनुसार कमिश्नरी, कलेक्ट्रेट, कोषालय, गंगाकछार, पेंशन कार्यालय, भू-अभिलेख, रोजगार कार्यालय, उच्च शिक्षा, ग्रामीण अभियांत्रिका सेवा, चिकित्सा, शिक्षा, आदिमजाति, मेडिकल कॉलेज, जीएमच, महिला बाल विकास, सामाजिक न्याय, आयुक्त भू-अर्जन, विभाग सहित विभिन्न कार्यालय के लिपिक अनिश्चितकालीन प्रदर्शन में शामिल हैं।

ये हैं प्रमुख मांगे
० रमेश चंद्र शर्मा की पांच सदस्यीय रिपोर्ट को लागू किया जाए
० सहायक ग्रेड-३ का गे्रड पे 1900 के स्थान पर 2400 किया जाए
० प्रथम समयमान वेतन 2800 द्वितीय 3200 और तृतीय 3200 किया जाए

Rajesh Patel Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned