खरीदी केन्द्र बनाने में अफसरों का छूट रहा पसीना, 107 पर मुहर

जिले में किसानों की पंजीयन संख्या दो गुना होने पर अधिकतम 129 केन्द्र बनाने की दी डेडलाइन

By: Rajesh Patel

Updated: 12 Nov 2020, 07:40 AM IST

रीवा. जिले में उपार्जन केन्द्र निर्धारित करने अफसरों का पसीना छूट रहा है। तभी तो अभी तक खरीद केन्द्र फाइनल नहीं हो सके हैं। जबकि तीन दिन बाद केन्द्रों पर तौल चालू करना है। लेकिन, जिम्मेदारों की शिथिलता के चलते अभी तक खरीद केन्द्र फाइनल नहीं हो सके हैं। जिला नियंत्रक एमएनएच खान का दावा है कि 13 नवंबर तक केन्द्र फाइनल हो जाएंगे। अब तक 107 केन्द्र बनाए जा चुके हैं। केन्द्रों पर तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं।
किसानों का बढ़ा गया पंजीयन
जिले में इस बार उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की संख्या करीब दो गुना होने से व्यवस्था बनाने में अफसरों की भागदौड़ बढ़ गई है। कलेक्टर के बार-बार समीक्षा के बाद भी अभी तक खरीद केन्द्रों को बनाए जाने की प्रक्रिया फाइनल नहीं हो सकी है। केन्द्र निर्धारित होने के बाद मैपिंग होनी है। मैपिंग नहीं होन पर ऑनलाइन प्रक्रिया प्रभावित होगी। कलेक्टर ने जिम्मेदारों को केन्द्र फाइनल कई बार डेडलाइन दे चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक पूरा नहीं हो सका। रेकार्ड के अनुसार अभी तक 107 केन्द्र फाइनल हो गया है। शासन ने गाइड लाइन तय है कि इस बार 750 किसान के औसत से प्रत्येक केन्द्र बनाए जाएंगे। अधिकतम 50 हजार क्विंटल मात्रा उपार्जन की डेडलाइन दी गई है। जिससे बीते साल की अपेक्षा इस साल केन्द्र करीब दो गुना हो जाएंगे। पिछले साल 71 केन्द्रों पर तौल की गई थी। इस बार 129 केन्द्र खोले जाने की लिमिट दी गई है। संभावना है कि 120 केन्द्र तक खोले जाएंगे।
निर्धारित केन्द्रों पर तैयारियां शुरू, 242 गठान बारदाना भेजा
जिले में 107 केन्द्रों की व्यवस्था करीब-करीब फाइनल हो गई है। नियंत्रक का दावा है कि बनाए गए केन्द्रों पर बारदाना भेजा जा रहा है। टीकर, हिनौता, बैकुंठपुर, खैरहन आदि केन्द्रों पर बारादाना भेज दिया गया है। इसी तरह अन्य केन्द्रों पर भी बारदाना भेजा जा रहा है।
कर्मचारियों के खींचतान में प्रगति खराब
खाद्य विभाग कार्यालय में कर्मचारियों के बीच खींचतान के चलते व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। दरअसल, कार्यालय में अनाचक सीनियर कर्मचारियों के प्रभार में फेरबदल कर दिए जाने के चलते कर्मचारियों में आपसी खींचतान बरकरार है।
सांसद-विधायक के पत्र में उलझे कुछ केन्द्र
खाद्य शाखा में नए केन्द्र बनाए जाने के लिए प्रबंधकों की साठगांठ से क्षेत्रीय विधायकों के पत्र को लेकर भी कई केन्द्र अभी उलझे हुए हैं। हालाकि अधिकारियों का दावा है कि केन्द्र अधिक हैं जिससे परिवर्तन जैसे कोई बात नहीं है। शासन स्तर पर लिमिट तय है। जिससे दिक्कत नहीं होगी।

वर्जन...
अधिकांश केन्द्र बनाए जा चुके हैं। कुछ केन्द्र और बनाए जान हैं। प्रक्रिया करीब-करीब पूरी हो गई है। शासन स्तर पर अनुमति के लिए भेजा गया है। 13 नवंबर तक सभी केन्द्र फाइनल हो जाएंगे। 16 नवंबर से केन्द्रों पर तौल शुरू होने की तैयारियां भी करीब-करीब पूरी हो गई है।
एमएनएच खान, जिला नियंत्रक

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