जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़, अस्पताल के स्टोर में एक्सपायरी डेट की दवाइयां, प्रभारी को निलंबित करने के निर्देश

- संभागायुक्त एवं कलेक्टर ने संजयगांधी अस्पताल का फिर से किया औचक निरीक्षण

By: Mrigendra Singh

Published: 16 Sep 2020, 11:52 AM IST


रीवा। संजयगांधी अस्पताल की बेपटरी होती व्यवस्था के चलते संभागायुक्त एवं कलेक्टर ने औचक निरीक्षण किया। एक दिन पहले भी रात्रि में निरीक्षण किया था, जिसके चलते अस्पताल के अधिकारी, कर्मचारी फिर लापरवाह हो चले थे। इसी बीच फिर से संभागायुक्त राजेश कुमार जैन एवं कलेक्टर इलैयाराजा टी निरीक्षण के लिए पहुंच गए।

अस्पताल के कई हिस्सों का भ्रमण करते हुए दवा के स्टोर रूम पहुंच गए। जहां पर दवाएं रखने की अव्यवस्था खुले तौर पर देखी गई। इतना ही नहीं दवाओं के एक्सपायरी डेट की जांच की तो पता चला कि कई ऐसी दवाएं हैं जिनकी अवधि समाप्त हो चुकी है। उन्हें स्टोर से बाहर करने या फिर अलग रखने की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई थी।

इसलिए संभागायुक्त ने मेडिकल कालेज के डीन को निर्देशित किया है कि तत्काल स्टोर प्रभारी प्रवीण कुमार उपाध्याय को निलंबित किया जाए। साथ ही कहा है कि इस तरह से यदि कहीं और लापरवाही पाई जाती है तो अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी कार्रवाई करें अन्यथा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही कलेक्टर के पास यह शिकायत मरीजों के परिजनों ने की थी कि एक्सपायरी डेट की दवाइयां दी जा रही हैं। सितंबर महीने का आधा समय बीत गया और सितंबर महीने में एक्सपायर होने वाली दवाएं वितरित की जा रही थी। निरीक्षण के समय चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग जीआर गुजरे, डॉ. मनोज इंदुलकर, सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुधाकर द्विवेदी सहित अन्य मौजूद रहे।

- निर्माण कार्य की धीमी गति पर नाराजगी
संभागायुक्त और कलेक्टर ने गांधी मेमोरियल हास्पिटल का भी निरीक्षण किया। जहां पर खनिज मद तथा अल्ट्रामेगा सोलर पावर प्लांट बदवार के सीएसआर मद से कराए जा रहे कार्यों को देखा। निर्माण एजेंसी के अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जो समय सीमा दी गई है उसके अनुसार कार्य नहीं हो रहा है। काफी धीमी गति से कार्य चल रहा है। जीएमएच तथा संजय गांधी हास्पिटल से सुपर स्पेशलिटी ब्लाक को जोडऩे वाले मार्ग एवं नाले का निर्माण शीघ्र पूरा कराने का भी निर्देश दिया है। वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर असंतोष व्यक्त किया और मौके पर उपस्थित लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर जीआर गुजरे को स्वीकृत निर्माण
कार्यों का डीपीआर के अनुसार सत्यापन करने तथा निर्माण
कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। नए वार्डों के निर्माण के लिए रिक्त पड़ी भूमि का उपयोग करने के लिए कहा है।

Mrigendra Singh Reporting
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