चाचा-भतीजे की मौत से भड़के परिजनों ने घेरा थाना, लगाया जाम, आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग

गढ़ कस्बे में घंटों मचा रहा बवाल, पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

रीवा। दो दिन पूर्व हृदय विदारक सड़क हादसे में हुई चाचा-भतीजे की मौत के बाद गुस्साए परिजनों का आक्रोश बुधवार को फूट पड़ा। परिजनों ने सड़क में जाम लगा दिया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस ने समझाइश देकर परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने वाहन मालिक के भतीजे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। गढ़ कस्बे में दो दिन पूर्व पिकअप वाहन ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में बाइक सवार पुष्पेन्द्र भुजवा (35) व आशीष भुजवा (25) निवासी गढ़ की मौत हो गई थी जबकि एक व्यक्ति बुरी तरह घायल हुआ था। इस घटना के बाद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने बुधवार की सुबह थाने के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिजन सड़क पर बैठ गए। तत्काल पुलिस पहुंच गई जिसने परिजनों को समझाइश देने का प्रयास किया लेकिन वे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे। सूचना मिलते ही एसडीएम एके सिंह, तहसीलदार श्रीमान आर्मो, एसडीओपी मनगवां बीएस बरीवा सहित अन्य अधिकारी पहुंच गए। अधिकारियों ने उनको उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीडि़त परिवार को अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार की आर्थिक सहायता व संबल योजना के तहत उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया। वहीं वाहन मालिक के भतीजे को पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले आई और उसकी बाइक को थाने में खड़ा करा दिया। काफी प्रयास के बाद दोपहर करीब साढ़े तीन बजे परिजन जाम खोलने को राजी हो गए। पुलिस अब आरोपी चालक की तलाश कर रही है।

पुलिसकर्मी के साथ वाहन मालिक को देखने पर भड़का आक्रोश
दरअसल परिजनों ने सुबह टक्कर मारने वाले वाहन के मालिक को गढ़ थाने के समीप एक पुलिसकर्मी से बातचीत करते देख लिया था। इस बात से परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने सड़क पर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप था कि उक्त वाहन मवेशियों की तस्करी करने वाला था, जिससे पुलिस उसे बचाने का प्रयास कर रही है।

खाता बंद होने से नहीं मिली सहायता राशि
पंचायत खाता बंद होने से पीडि़त परिवार को सहायता राशि भी नहीं मिल पाई। एसडीएम ने परिवार को अंत्योष्टि की सहायता राशि पांच हजार रुपए का भुगतान करने के निर्देश पंचायत सचिव को दिये लेकिन सचिव द्वारा तीन माह से पंचायत का खाता बंद होने की जानकारी दी। खाता चालू होने के बाद राशि देने का आश्वासन उन्होंने दिया। पीडि़त परिवार तक सहायता राशि अभी नहीं पहुंच पाई है।

Balmukund Dwivedi Desk
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