किसानों के धरना स्थल पर गूंजी शहनाई, बारात लेकर पहुंची दुल्हन

- दूल्हे के किसान पिता ने कहा, आंदोलन स्थल ही हमारा बसेरा है इसलिए यहां वैवाहिक कार्यक्रम रखा

By: Mrigendra Singh

Published: 19 Mar 2021, 10:58 AM IST


रीवा। कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर रीवा के करहिया कृषि उपजमंडी में चल रहे धरना स्थल पर किसानों ने वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित किया। जहां पर सामान्य तौर पर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की गूंज सुनाई देती थी लेकिन गुरुवार को यहां शहनाई और मंगलगीतों की गूंज रही। यहां पर दो किसान परिवारों ने अपने संस्कारिक आयोजनों के तहत यह रस्म अदायगी की।

इस दौरान दोनों किसान परिवारों से बड़ी संख्या में लोग आंदोलन स्थल पर पहुंचे और परिणय सूत्र में बंध रहे वर-वधू को आशीर्वाद दिया। दोपहर करीब ढाई बजे धरना स्थल करहिया मंडी परिसर में दुल्हन आसमां सिंह अपने परिवार के साथ बारात लेकर पहुंची, जिसका स्वागत दूल्हे सचिन और उनके परिवार की ओर से किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक शिव सिंह ने बताया कि संगठन के कोषाध्यक्ष रामजीत सिंह निवासी बिहरा(रीवा) के पुत्र सचिन और विष्णुकांत सिंह निवासी छिरहटा की पुत्री आसमां के बीच रिश्ता तय हुआ था। रामजीत रीवा के किसान आंदोलन का प्रमुख हिस्सा हैं, इसलिए उन्होंने तय किया कि अब इस पारिवारिक खुशियों के कार्यक्रम को किसानों के बीच ही मनाएंगे। दोनों पक्षों से करीब एक हजार की संख्या में किसान और उनके परिवार के लोग इस वैवाहिक आयोजन में शमिल हुए। वर-वधू को आशीर्वाद देने पूर्व सांसद देवराज सिंह पटेल, पूर्व विधायक रामगरीब वनवासी, कांग्रेस अध्यक्ष त्रियुगीनारायण शुक्ला, गुरमीत सिंह मंगू, रमाशंकर पटेल, लखनलाल खंडेलवाल, मास्टर बुद्धसेन पटेल, गिरिजेश सिंह सेंगर, कुंवर सिंह, सुब्रतमणि त्रिपाठी सहित कई अन्य किसान नेता पहुंचे थे।
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किसान मोर्चा का बैनर लेकर पहुंची बारात
बारात लेकर मंडी परिसर पहुंची दुल्हन का स्वागत दूल्हे और परिवार ने किया। इसके बाद धरना स्थल पर जहां मंडप सजाया गया था, वहां तक दोनों साथ गए। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा का बैनर लेकर ये पहुंचे। जिसमें तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग और फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून के दायरे में लाए जाने की मांग लिखी गई थी।
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हर युवा की तरह हमारा भी सपना था कि धूम-धड़ाके से शादी करेंगे लेकिन सरकार ने ऐसी परिस्थितियां बना दी हैं कि हमारा भविष्य अंधकार में है। कृषि कानूनों से किसानों को बड़ा नुकसान होगा, जब हमारा परिवार ही इस कानून से तबाह हो जाएगा तो हमें आवाज उठाना ही पड़ेगा। इसलिए सरकार को संदेश देने के लिए यह कार्यक्रम है कि हम पीछे नहीं हटेंगे।
सचिन सिंह, दूल्हा
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यह संदेश देने के लिए धरना स्थल पर पुत्र की शादी कराई है कि इस आंदोलन को अब किसान ने दिल से लगा लिया है। अब तो सबकुछ यहीं होगा। यह आयोजन पूरी तरह से किसानों पर आधारित है, दोनों पक्षों से किसान परिवार ही आए हैं। दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची रोकने का भी इसमें संदेश है।
रामजीत सिंह, दूल्हे के पिता
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किसान परिवार में जन्मी और विवाह भी किसान परिवार में ही हो रहा है। इसलिए यह गर्व का क्षण है कि हमारे वैवाहिक आयोजन से किसान एकता का संदेश जा रहा है। मेरा मानना है कि ऐसे आयोजनों की शुरुआत से सरकार को अपनी जिद छोडऩी पड़ेगी।
आसमां सिंह, दुल्हन
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शादी में भेंट की राशि आंदोलन के काम आएगी
इस वैवाहिक आयोजन में दोनों पक्षों से आए लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद स्वरूप जो राशि दी है, वह किसी परिवार के घर नहीं जाएगी। दोनों पक्षों ने तय किया है कि यह राशि रीवा में चल रहे किसान आंदोलन के काम आएगी। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से वर-वधू को आशीर्वाद स्वरूप भारतीय संविधान की पुस्तक भेंट की गई है, ताकि भी अपने जीवन में संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाते रहें।
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धरना भी जारी रहा
एक ओर धरना स्थल पर वैवाहिक रस्म अदायगी हो रही थी तो वहीं दूसरी ओर अनिश्चितकाल के लिए शुरू किया गया धरना भी जारी रहा। लगातार 75वें दिन के धरने पर शोभनाथ कुशवाहा के नेतृत्व में धरना दिया गया। जिसमें प्रमुख रूप से किसान नेता रविदत्त सिंह, ओम नारायण सिंह, रविनंदन सिंह, जगदीश प्रसाद सोधिया, कामता प्रसाद शुक्ला, अरुण कुमार तिवारी, भक्तप्रहलाद कुशवाहा, अनिल सिंह, नरेंद्र सिंह सेंगर, अरुण पटेल, विवेक पटेल, भूपेंद्र सिंह, लालमन कुशवाहा सहित अन्य मौजूद रहे।
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Mrigendra Singh Reporting
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