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विंध्य में फिल्म फ्रेंडली माहौल, अवसर मिले तो बन सकता है बड़ा सेंटर


- मध्यप्रदेश को फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड मिलने के बाद रीवा सहित विंध्य में बढ़ी संभावनाएं

रीवा

Updated: July 27, 2022 03:27:59 pm


मृगेन्द्र सिंह, रीवा। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा में मध्यप्रदेश को फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड मिला है। बीते कुछ वर्षों से फिल्मों को प्रोत्साहन देने के मामले में प्रदेश में बेहतर काम हुआ है। कई बड़े बैनरों की फिल्मों की शूटिंग भी मध्यप्रदेश में हुई है। इस मामले में विंध्य क्षेत्र संसाधनों से परिपूर्ण है लेकिन जरूरत के अनुसार यहां अवसर ही नहीं मिला है। प्राकृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की संख्या यहां पर्याप्त है। जहां पर बड़ी फिल्मों का निर्माण भी किया जा सकता है। इस ओर न तो सरकार ने ध्यान दिया और न ही स्थानीय स्तर पर मांग उठी। इसके पहले ङ्क्षवध्य के कई स्थल और यहां के घटनाक्रम फिल्मी पर्दे पर आ चुके हैं। अपार संभावनाओं वाले इस क्षेत्र में अब फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के लिए संसाधन भी बढ़े हैं। वर्षों पहले बिंदिया बंदूक जैसी फिल्म रीवा जिले के कई हिस्सों में फिल्माई गई थी तो कुछ साल पहले वेलकम टू सज्जनपुर जो सतना जिले के सज्जनपुर गांव की कहानी ही थी। इसके अलावा चित्रकूट के दृश्य भी कई बार पर्दे पर सामने आ चुके हैं। अब मध्यप्रदेश में फिल्मों के अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है तो विंध्य को उसका केन्द्र बनाने की मांग भी उठने लगी है। बघेली और बुंदेली की लोक कला, संस्कृति कुछ ही दूरी के अंतराल में उपलब्ध है। यहां पर वेबसीरीज के लिए कई लोगों ने शूटिंग की तैयारी भी की है।
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हर तरह की लोकेशन यहां मौजूद
रीवा सहित आसपास के जिलों में फिल्मों की जरूरत के हिसाब से हर तरह की लोकेशन है। कई बड़ी नदियां, पहाड़, जंगल, जल प्रपात, पुरातात्विक धरोहरें, ऐतिहासिक स्थलों के साथ ही चौड़ी सड़कें, मैदान, गांव, शहर, धार्मिक स्थल आदि मौजूद हैं। सामान्य तौर पर फिल्मों में यही जरूरतें होती हैं। रीवा सहित पूरे विंध्य में अब तक बड़ी फिल्मों की शूटिंग नहीं हो पाने का कारण आवागमन की सुविधा की कमी को माना जाता रहा है। अब रेल एवं सड़क मार्ग के साथ ही एयरपोर्ट भी तैयार हो रहा है। जिससे आने वाले दिनों में असुविधाएं नहीं होंगी। गोविंदगढ़ में हेरिटेज होटल के साथ ही शहर में कई होटल भी बन चुके हैं जहां पर कलाकारों और फिल्मकारों को ठहराया जा सकता है।
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फिल्म बनाने के लिए यह स्थान हो सकते हैं आकर्षक
रीवा- जल प्रपातों में पुरवा, क्योंटी, चचाई, बहुती, बेलौंही, टोंस वाटरफाल, घिनौचीधाम के साथ ही छुहिया घाटी, खंधों, गोविंदगढ़, मोहनिया घाटी, भैरवनाथ एवं पहाड़ी क्षेत्र, सोलर प्लांट क्षेत्र बदवार, नेशनल हाइवे, रीवा किला, रानीतालाब मंदिर, चिरहुला मंदिर, लक्ष्मणबाग, महामृत्युंजय मंदिर, वेंकट भवन, बैजू धर्मशाला, क्योंटी किला सहित कई ऐसे स्थान हैं जहां फिल्मांकन किया जा सकता है।
सतना-- शहर के कई प्रमुख स्थल, मैहर शारदा मंदिर, चित्रकूट धाम, धारकुंडी, रामवन, नागौद किला, परसमनिया पहाड़, गृद्धकूट पर्वत, पन्नीखोह, भरहुत, औद्योगिक संस्थान सहित अन्य कई ऐसे स्थान हैं जहां फिल्में बनाई जा सकती हैं।
सीधी- यहां पर सोन नदी और घडिय़ालों का अभयारण्य, सिंह मृग अभयारण्य बगदरा, संजय टाइगर रिजर्व, गुलाब सागर, चंदरेह, भंवरसेन, शिकारगंज, परसिली रेस्टहाउस के साथ ही कई पहाड़ और जंगल भी अनुकूल हैं। आदिवासी क्षेत्रों के गांव भी हैं।
सिंगरौली- माड़ा की गुफाएं और जिले के कई हिस्सों के जंगलों के साथ ही बड़े औद्योगिक संस्थानों में भी अनुमति लेकर फिल्मों की शूटिंग की जा सकती है।
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विंध्य क्षेत्र फिल्म फ्रेंडली सेंटर हो सकता है। यहां खजुराहो से पन्ना, नागौद और सतना के आसपास मंदिर एवं घाटियां, हवेलियां मौजूद हैं। बांधवगढ़ पूरा क्षेत्र शूटिंग के अनुकूल है। साथ ही सीधी का संजय राष्ट्रीय उद्यान और वहां से लेकर परसिली, शिकारगंज आदि का पूरा ट्रैक ऐसा है कि हालीवुड फिल्म भी शूट हो सकती है। गोविंदगढ़, छुहिया, रीवा आदि में कई स्थान प्रमुख हैं। इन्हें अवसर की जरूरत है।
पुष्पराज सिंह, पूर्व मंत्री
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विंध्य की धरती विविधता से भरी हुई है, यहां फिल्मों के अनुकूल वातावरण है। जिस तरह से आउटडोर शूटिंग के लिए लोकेशन की जरूरत होती है, वह सब मौजूद है। सरकार के स्तर पर सुविधाएं देकर फिल्मकार बुलाए जाएं तो रोजगार के अवसरों के साथ ही स्थानीय कलाकारों को अवसर मिलेंगे।
उमेश मिश्र, निदेशक तीन पांच फिल्म रीवा
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विंध्य में प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के साथ ही कला-संस्कृति का भी फिल्मों में उपयोग हो सकता है। यहां कम खर्चे में ही फिल्मों के सेट बनाए जा सकते हैं। सीधी में विंध्य फिल्म महोत्सव का आयोजन हम लगातार कर रहे हैं, जहां पर फिल्मकार आते हैं उन्होंने भी वातावरण देखकर इच्छा जाहिर की है। इस क्षेत्र को फिल्म फ्रेंडली सेंटर के रूप में विकसित करना चाहिए।
प्रवीण सिंह चौहान, विंध्य अंतरराष्ट्री फिल्म महोत्सव के आयोजक
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अब तो बहुत आसान है फिल्मों का निर्माण, कम्प्यूटर का खेल होता है। अब हर दृश्य घर के भीतर ही मिल रहे हैं। यहां पर छोटी-फिल्में बन रही हैं। सोशल मीडिया में लाखों लोग देख रहे हैं। प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थल यहां के महत्वपूर्ण हैं। विंध्य को फिल्म निर्माण का प्रमुख केन्द्र बनाया जा सकता है।
प्रहलाद अग्रवाल, रंगमंच निदेशक सतना

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