थाने के भीतर पुलिस वालों पर गैंगरेप का गंभीर आरोप, डीजे ने न्यायिक जांच बैठाई, जानिए सनसनीखेज आरोप किन पुलिस अधिकारियों पर है

- मनगवां थाने के लाकअप में बंद रहने के दौरान वारदात का महिला ने लगाया है आरोप

By: Mrigendra Singh

Published: 18 Oct 2020, 10:37 AM IST

रीवा। केन्द्रीय जेल में बंद एक महिला बंदी ने पुलिस थाने में गैंगरेप किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। जिस पर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इस आरोप के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। महिला के मुताबिक यह घटना पांच महीने पहले की है लेकिन उसे अपना पक्ष रखने का अवसर ही नहीं दिया गया था। पुलिस ने जेल भेज दिया था।

केन्द्रीय में निरीक्षण के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी एडीजे विपिन लावनिया गत दिवस गए थे, जहां पर महिला ने अपने साथ हुई वारदात के बारे में उन्हें बताया। महिला के मुताबिक बीते 9 से 20 मई 2020 तक उसे मनगवां थाने के लाकअप में रखा गया था। जहां पर तत्कालीन एसडीओपी, थाना प्रभारी, दादा नाम का पुलिसकर्मी एवं दो अन्य ने थाने में ही गैंगरेप किया। उस दौरान मनिकवार चौकी की महिला एसआइ को भी इस घटना की जानकारी थी, क्योंकि उसे पकड़कर थाने तक वही लाई थी और पूछताछ भी कर रही थी। इस दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने घटना का विरोध किया था तो अधिकारियों ने उसे धमकाकर चुप करा दिया था।

21 मई के बाद से वह लगातार अब तक जेल में ही है। विधिक सहायता के लिए पहुंचे न्यायाधीश एवं अधिवक्ताओं के सामने महिला ने पुलिस पर यह सनसनीखेज आरोप लगाया है। अब मामला सामने आने के बाद जिला अधिवक्ता संघ ने भी पुलिस पर सवाल उठाए हैं और कार्रवाई की तत्काल मांग की है।


- आरोप लगने पर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए पत्र
जेल में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों पर धारा 164 के तहत बयान न्यायाधीश के सामने दर्ज कराया गया है। यह जानकारी मिलने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए कहा है जिन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही इस मामले की न्यायिक जांच के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने न्यायाधीश कंचन चौकसे को नियुक्त किया है।

- जेल के वार्डन को भी दी थी जानकारी

जेल में बंद महिला ने कहा है कि लगातार उसे ११ दिनों तक थाने में रखकर टार्चर किया जाता रहा और गैंगरेप हुआ। इस घटना की जानकारी वह किसी को नहीं दे पाई और पुलिस ने सीधे जेल पहुंचा दिया। यहां आने पर महिला वार्डन को घटना के बारे में बताया था। वार्डन ने भी न्यायाधीश के सामने इस बात की पुष्टि की है कि उसे यह जानकारी दी गई थी लेकिन आरोपों की वजह से वह जेल आई है, इस कारण उसकी बातों पर भरोसा नहीं होने की वजह से किसी को जानकारी नहीं दी।

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- जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष ने कहा तत्काल हटाए जाएं पुलिस वाले

महिला के आरोपों के बाद जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डेय ने प्रेसकांफ्रेंस कर कहा कि पुलिस पर शर्मनाक और गंभीर आरोप लगाया गया है। इसलिए तत्काल उन सभी को लाइन अटैच या निलंबन करते हुए हटाया जाए जिन पर यह आरोप है। उन्होंने कहा कि 9 से 20 मई तक लॉकडाउन के समय 11 दिन तक लाकअप में रखने की वजह भी पुलिस को यहां स्पष्ट करना चाहिए। ऐसे पुलिस के अधिकारी, कर्मचारी यदि थानों में रहेंगे जनता को सुरक्षा कैसे मिलेगी इस पर बड़ा सवाल है। पाण्डेय ने कहा कि न्यायिक जांच का आदेश देने के बाद डीजे ने एसपी को भी पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा है लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होना भी अपने आप में सवाल है।
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हत्या के आरोप में पकड़ी गई थी महिला
जिस युवती ने थाने के लाकअप में गैंगरेप का आरोप पुलिसकर्मियों पर लगाया है, उसे मनिकवार के पास एक महिला की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि गांव की ही एक महिला की उसने हत्या अपने एक दोस्त के साथ मिलकर किया था।

Mrigendra Singh Reporting
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