scriptGood news for the beneficiaries of PM Awas Yojana, you will get cheap | PM आवास योजना के हितग्राहियों के लिए खुशखबरी, इनको भी मिलेगा आवास | Patrika News

PM आवास योजना के हितग्राहियों के लिए खुशखबरी, इनको भी मिलेगा आवास

नई गाइडलाइन में झोपड़ियों और ग्रीन बेल्ट में रहने वाले भी स्‍लम बस्ती के दायरे में आएंगे

रीवा

Published: April 18, 2022 08:49:55 pm

रीवा. प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के हितग्राही चयन को लेकर सरकार ने कई मानकों में ढील दी है। जिसका फायदा सस्ते आवास का सपना देख रहे दूसरे लोगों को भी मिलेगा। सलम बस्ती में रहने वाले लोगों को इडब्ल्यूएस कोटे के मकान दो लाख रुपए में दिए जा रहे हैं। अब नए नियमों के तहत सलम बस्ती का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

good_news_for_the_beneficiaries_of_pradhan_mantri_awas_yojana_urban_1.png

मकान के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत
इडब्ल्यूएस मकान के लिए अनिवार्य दस्तावेजों में आधार कार्ड, आवासहीन होने का स्वप्रमाण पत्र, वैवाहिक होने की स्थिति में पति-पत्नी की फोटो, अकेले की दशा में स्वयं का फोटो, बैंक खाते की कापी, सलम बस्ती के हैं तो वहां पर आवेदक की मौजूदगी का फोटो, आय प्रमाण पत्र आदि। छूट के लिए हितग्राही को अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे जिसमें विकलांग की दशा में मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र, कच्चे आवास का पट्टा है तो प्रति, इसके अलावा अन्य स्वप्रमाणित प्रमाण पत्र भी मांगे जा सकते हैं।

अब तक चिह्नित बस्तियों को ही स्‍लम बस्ती माना जा रहा था और वहीं के लोगों को ही सस्ते मकान मिल पा रहे थे। नए प्रावधानों में फुटपाथ पर अस्थाई रूप से झोपड़े बनाकर रहने वाले लोग स्‍लम हितग्राही माने जाएंगे। इस कारण उन्हें केवल दो लाख में पक्का मकान मुहैया कराया जाएगा। इसी तरह ग्रीन बेल्ट सहित अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में बसे लोगों को सलम और गैर स्लम में चिह्नित करने के लिए नए सिरे से सर्वे कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। नदियों और नालों के किनारे बस्तियों का चयन यदि स्‍लम बस्ती के रूप में होता है तो वहां पर रहने वाले लोगों को सस्ते दर पर मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। नगर निगम रीवा सहित जिले के नगर परिषदों के पास शासन की गाइडलाइन पहुंची है।

नगरीय निकायों द्वारा लगातार कुछ बिन्दुओं पर संशय को लेकर पत्र भेजे जाते रहे हैं जिसके चलते शासन ने रीवा सहित प्रदेश भर के लिए नई गाइडलाइन ही जारी कर दी है। अब तक स्‍लम और नान स्‍लम बस्ती के हितग्राहियों को लेकर बड़ा संशय रहा है। स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं होने की दशा में नगर निगम में शुरुआती दिनों में सभी हितग्राहियों को दो लाख रुपए में मकान देने के आश्वासन दिया गया, इसके लिए पंजीयन भी बड़ी संख्या में कराए गए थे लेकिन बाद में यह कहा गया कि स्‍्लम बस्ती के हितग्राहियों के लिए दो लाख और नॉन स्‍्लम के हितग्राहियों के लिए 4.75 लाख कीमत होगी। इसको लेकर विरोध भी किया गया और कई लोगों ने अपनी राशि वापस भी ले लिया था। इसी तरह कई अन्य निर्देश स्पष्ट नहीं थे।


बंद हो चुकी राजीव आवास योजना के नियम भी होंगे लागू
प्रधानमंत्री आवास योजना को भाजपा की सरकार अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता रही है। साथ ही केन्द्र में सरकार आते ही पूर्व संचालित राजीव गांधी आवास योजना को बंद कर दिया गया था। अब राजीव आवास योजना के नियमों को अपनी योजना में शामिल किया है। नई गाइडलाइन में कहा गया है कि अनटेनेबल बस्तियों के हितग्राहियों को भी इडब्ल्यूएस मकान की पात्रता दी जाएगी। इसमें उन बस्तियों को शामिल किया गया है जो पर्यावरण की दृष्टि से खतरनाक स्थलों पर बसी हुई हैं। नदी, तालाब के किनारे, पहाड़ी या अन्य दलदल स्थल की बस्तियों को भी इस श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा परिस्थितिक रूप से संवेदनीश स्थलों को भी शामिल किया गया है, जिसमें नेशनल पार्क, अभयारण्य क्षेत्र शामिल है। इसी तरह से सार्वजनिक उपयोगिता वाले क्षेत्रों में बसे लोग जिसमें सड़क, रेलवे ट्रैक, ट्रंक या अन्य किसी तरह के बुनियादी ढांचे के लिए चिह्नित स्थल। इसमें भी स्पष्ट किया गया है कि किस तरह के हितग्राही सस्ते मकाने के लिए पात्र होंगे।

हितग्राहियों के नाम चयन पर होगी पारदर्शिता
प्रधानमंत्री आवास योजना के एएचपी घटक के इडब्ल्यूएस मकानों का आवंटन करने से पहले सस्‍लम और नान सस्‍लम बस्तियों के हितग्राहियों के नामों के चयन को लेकर भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। शासकीय भूमि पर स्थापित बस्तियों में रहने वाले लोग चाहे वह पट्टाधारक हों या अतिक्रामक के रूप में कच्चे मकान या झोपड़े में रहते हों। ऐसे अविकसित क्षेत्रों को मलिन बस्ती के रूप में चिह्नित किया जाएगा। इन बस्तियों के लोगों को आवास योजना के हितग्राही के रूप में चिह्नित कर नाम सार्वजनिक किए जाएंगे और दावा-आपत्तियां ली जाएंगी। अंतिम निर्णय नगरीय निकायों की प्रशासकीय परिषद द्वारा किया जाएगा। सलम बस्ती के हितग्राहियों को दो लाख में ही मकान मिलेंगे। नान स्लम में राज्यांश के डेढ़ लाख रुपए कम करने का निर्णय प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले ही लिया था। यह राशि हितग्राही को बाद में लौटाई जाएगी, पहले भुगतान करना होगा। रीवा में 475 लाख रुपए नान सस्‍्लम के मकानों की कीमत बताई गई है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Veer Mahan जिसनें WWE में मचा दिया है कोहराम, क्या बनेंगे भारत के तीसरे WWE चैंपियनName Astrology: इन नाम वाले लोगों के जीवन में अचानक से धनवान बनने का होता है योगफटाफट बनवा लीजिए घर, कम हो गए सरिया के दाम, जानिए बिल्डिंग मटेरियल के नए रेटबुध जल्द वृषभ राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों के लिए बेहद शुभ समय, बनेगा हर कामबेहद शार्प माइंड होते हैं इन 4 राशियों के लोग, बुध और शनि देव की रहती है इन पर कृपाज्योतिष: रूठे हुए भाग्य का फिर से पाना है साथ तो करें ये 3 आसन से कामराजस्थान में देर रात उत्पात मचा सकता है अंधड़, ओलावृष्टि की भी संभावनाशादी के 3 दिन बाद तक दूल्हा-दुल्हन नहीं जा सकते टॉयलेट! वजह जानकर हैरान हो जाएंगे आप

बड़ी खबरें

जम्मू कश्मीरः बारामूला में जैश-ए-मोहम्मद के तीन पाकिस्तानी आतंकी ढेर, एक पुलिसकर्मी शहीदDelhi News Live Updates: दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में मिली महिला की सड़ी हुई लाश, जांच में जुटी पुलिससुप्रीम कोर्ट में पूजा स्थल कानून के खिलाफ दायर की गई याचिका, संवैधानिक वैधता को चुनौतीTexas Shooting: अमरीकी राष्ट्रपति ने टेक्सास फायरिंग की घटना को बताया नरसंहार, बोले- दर्द को एक्शन में बदलने का वक्तजातीय जनगणना सहित कई मुद्दों को लेकर आज भारत बंद, जानिए कहां रहेगा इसका ज्यादा असरपंजाब CM Bhagwant Mann का एक और बड़ा फैसला, सरकारी नौकरियों के लिए पंजाबी भाषा है जरूरीकपिल सिब्बल समाजवादी पार्टी के टिकट से जाएंगे राज्यसभा, बताई कांग्रेस छोड़ने की वजहशिवसेना नेता यशवंत जाधव की बढ़ी मुश्किलें, ED ने जारी किया समन
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.