बड़ी लापरवाही: कब्जे की जद में शासकीय कॉलेजों की जमीन, जिम्मेदार बने तमाशबीन

आयुक्त द्वारा गठित समिति ने चिह्नित किया कॉलेज...

By: Ajeet shukla

Published: 24 May 2018, 12:18 PM IST

रीवा। जिले के आधा दर्जन से अधिक शासकीय महाविद्यालयों की जमीन बेजा कब्जे की जद में है। इनमें से ज्यादातर कॉलेजों की जमीन का नामांतरण भी उनके नाम नहीं हो सका है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस बावत तमाम निर्देश जारी होने के बावजूद उदासीन व लापरवाहीपूर्ण रवैया अपनाने वाले कॉलेज प्राचार्यों को चिह्नित कर लिया गया है। अब उन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।

लापरवाही करने वाले प्राचार्य चिह्नित
कॉलेज की जमीन का नामांतरण और कब्जे से जमीन को मुक्त कराने में लापरवाही बरतने वाले प्राचार्यों को चिह्नित करने के बावत आयुक्त उच्च शिक्षा की ओर से गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। दो चरण की बैठक में तैयार रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के केवल पांच शासकीय कॉलेजों की जमीन का उनके नाम नामांतरण हो पाया है।

लंबे समय से केवल जारी है प्रक्रिया
वहीं आठ कॉलेजों को कागज पर उनकी जमीन नसीब नहीं हुई है। इनमें से कई कॉलेजों की जमीन पर बेजा कब्जा भी है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद इन कॉलेजों की ओर से अभी प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है। प्राचार्य लंबे समय से केवल प्रक्रिया जारी है का हवाला दे रहे हैं।

समिति उच्च शिक्षा विभाग को भेजेगी रिपोर्ट
कॉलेजों के जमीन संबंधित रिपोर्ट तैयार करने के बाद अब संबंधित समिति कॉलेजों को नोटिस देगी। समिति के सदस्य बीके माला के मुताबिक कॉलेजों से प्राप्त जवाब सहित पूरी रिपोर्ट आयुक्त उच्च शिक्षा को भेजी जाएगी। उसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी। गौरतलब है कि कॉलेजों के प्राचार्य नामांतरण और बेजा कब्जा हटाने के बावत वर्षों से राजस्व विभाग में आवेदन किए जाने का हवाला देते रहे हैं। हकीकत क्या है, इसकी पड़ताल के लिए समिति का गठन किया गया है।

तीन सदस्यीय समिति का किया है गठन
कॉलेजों के जमीन की रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए आयुक्त उच्च शिक्षा ने क्षेत्रीय कार्यालय के अतिरिक्त संचालक के माध्यम से तीन सदस्यीय अभिलेख निरीक्षण निगरानी समिति का गठन किया है। समिति में बतौर संयोजक विभाग के ओएसडी प्रभात पाण्डेय, अशासकीय सदस्य बीके माला व अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरपी मिश्रा शामिल है। समिति ने दो बैठकों में अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। जल्द ही तीसरी बैठक होने जा रही है। इसके बाद समिति की ओर से कॉलेजों को नोटिस जारी की जाएगी।

बेजा कब्जा व बिना नामांतरण वाले कॉलेज
समिति के सदस्य बीके माला के मुताबिक टीआरएस कॉलेज, मॉडल साइंस कॉलेज, शासकीय विधि महाविद्यालय, शासकीय संस्कृत महाविद्यालय, शहीद केदारनाथ महाविद्यालय मऊगंज, स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय त्योंथर व शासकीय महाविद्यालय सेमरिया के जमीन का उनके नाम नामांतरण नहीं हो सका है। कॉलेज की जमीन पर बेजा कब्जा भी है, हालांकि कुछ कॉलेजों का मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।

कॉलेज, जिनका हो गया नामांतरण
सदस्य के मुताबिक, न्यू साइंस कॉलेज, शासकीय महाविद्यालय देवतालाब, शासकीय महाविद्यालय रायपुर कर्चुलियान, शासकीय महाविद्यालय नईगढ़ी व शासकीय महाविद्यालय गुढ़ की जमीन का कॉलेज के नाम नामांतरण हो गया है। हालांकि नईगढ़ी व गुढ़ कॉलेज का अभी नक्शा तरमीम होना बाकी है। गुढ़ कॉलेज के स्टेडियम की जमीन कॉलेज के नाम नहीं हो पाई है। शासकीय महाविद्यालय गोविंदगढ़ एक ऐसा कॉलेज है, जिसको अभी तक जमीन ही नसीब नहीं हुई है। कॉलेज पीडब्ल्यूडी के क्षतिग्रस्त भवन में संचालित हो रहा है।

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Ajeet shukla Reporting
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