सरकारी दफ्तर होंगे पेपरलेस, लागू होगी इ-ऑफिस प्रणाली, जानिए, इन 59 विभागों में चल रही तैयारी

सरकारी दफ्तर होंगे पेपरलेस, लागू होगी इ-ऑफिस प्रणाली, जानिए, इन 59 विभागों में चल रही तैयारी
Government Offices in Paperless

Rajesh Patel | Updated: 20 Jul 2019, 11:52:13 AM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

जिले में 59 विभागों में अक्टूबर से चालू हो जाएगी योजना, शासन की गाइड लाइन पर योजना को अमली जामा पहनाने में जुटे अफसर

रीवा. सबकुछ योजना के तहत हुआ तो जल्द ही सरकारी दफ्तर पेपरलेस हो जाएंगे। शासन की गाइड लाइन पर अफसरों ने कवायद शुरू कर दी है। सरकार की इस व्यवस्था में जिले के ५९ विभागों में इ-ऑफिस प्रणाली लागू होगी। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था के शुरू होने से हर माह लाखों रुपए खजाने का बोझ कम हो जाएगा।
शासन की योजनाएं ऑनलाइन हो गई हैं। लेकिन, अभी तक कार्यालयों में स्टेशनरी का उपयोग किया जा रहा है। जिस पर सरकार के खजाने को हर माह लाखों रुपए का बोझ पड़ रहा है। सरकार प्रारंभकि चरण में विभागाध्यक्ष और जिला कार्यालयों में इ-ऑफिस प्रणाली को लागू करने जा रही है। जिला कार्यालयों में दो अक्टूबर से इ-आफिस प्रणाली लागू कर दी जाएगी। जबकि संभाग स्तर पर 31 दिसंबर से योजना को शुरू करना है।

वर्जन..
शासन की गाइड लाइन के तहत जिले के सभी विभागों में इ-ऑफिस प्रणाली लागू होगी। क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में विभागाध्यक्षों की क्रियान्वयन कमेटी गठित की जाएगी। जिला और संभागस्तर पर सभी कार्यालय अक्टूबर से लेकर 31 दिसंबर तक इ-ऑफिस प्रणाली की व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
आशीष दुबे, जिला प्रबंधक, इ-गर्वेंस

कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित होगी विभागाध्यक्षों की टीम
मध्य प्रदेश शासन के उप सचिव सीबी पडवार ने जिला प्रशासन को पत्र भेज कर इ-आफिस प्रणाली को लागू करने के लिए प्रारंभिक तैयारियों के लिए गाइड लाइन भेजी है। जिसमें कहा है कि इ-आफिस कार्य प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागाध्यक्ष एवं कलेक्टर अपनी अध्यक्षता में क्रियान्वयन समिति गठित कर प्रारंभिक आठ बिंदुओं की प्रक्रिया पूरी करें।

कार्यालय में पुराने दस्तावेजों का होगा विनिष्टीकरण
शासन के सभी कार्यालयों में पुराने रेकार्ड का विनिष्ठीकरण की प्रक्रिया की जाएगी। इससे पहले नस्तियों के रेकॉर्डस को स्कैन कर डिजिटाइजेशन किया जाएगा। पुरानी नस्तियों के विनष्टीकरण के लिए रणनीति के लिए कार्यवाही की जाएगी। सभी विभागों में लाखों की संख्या में नस्तियों का विनिष्टीकरण होगा।

प्रारंभिक चरण में इन बिदुओं पर की तैयारी
-मास्टर ट्रेनर का चयन (3-4 संख्या में)।
-अधिकारी-कर्मचारी की सरकारी इ-मेल आइडी।
-अधिकारी-कर्मचारियों का मास्टर डेटा और फाइल हेड्स डेटा को निर्धारित प्रपत्र उपलब्ध कराया जाए।
-कार्यालयों में इन्फ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित कराया जाए।
-डिजिटल हस्ताक्षार टोकन की व्यवस्था करना।


इन विभागों में चालू होगी व्यवस्था
कृषि, पशुपालन एवं डेयरी, विमानन, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विभाग, भोपाल गैस त्रास्दी, राहत एवं पुनर्वास, जैव प्रद्योगिकी, सहकारिता, वााणिज्यकर एवं उद्योग, संस्कृत, ऊर्जा एवं नवकरणी, वित्त, मछली पालन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, वन, राज्य वन विकास निगम, मध्य प्रदेश फारेस्ट प्रोड्यूशन फेडरेशन, एमपी इको टूरिज्म बोर्ड, सामान्य प्रशासन विभाग, लोक सेवा प्रबंधन, उच्च शिक्षा, गृह, आवास एवं प्रर्यावरण, सूचना प्रौद्योगिकी, जेल, श्रम, विधि एवं विधायी कार्य, चिकित्सा शिक्षा, खनिज, नर्मदा घाटी विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य, योजना, आर्थिक एवं संख्यकी, सार्वजनिक उपक्रम, जनशिकायत निवारण, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जनसंपर्क, लोक निर्माण, पुनर्वास, राजस्व एवं धर्मस्व तथा धार्मिक न्यास, ग्रामोदय, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, विमुक्त घुमक्कड़ एवं अद्र्धघुमक्कड़ जाति, कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक न्याय, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकि शिक्षा, पर्यटन, परिवहन, नगरीय प्रशासन, जल संसाधन, महिला बाल-विकास, कौशल विकास विभाग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम।

 

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