सरकार 220 करोड़ की तौल ली गेहूं, किसानों के खाते में नहीं भेजा 160 करोड़ समर्थन मूल्य

जिले 17 हजार किसानों को दोबारा मैसेज भेजने के बाद भी किसानों की नहीं बढ़ी संख्या. चालू सीजन में लक्ष्य के अनुपात में कम मात्रा में तौल होने से फील्ड में फीडबैक ले रहा प्रशासन

By: Rajesh Patel

Published: 23 May 2020, 02:42 PM IST

रीवा. जिले में किसानों के खाते में 160 करोड़ रुपए समर्थन मूल्य नहीं पहुचंा। अन्नदाता उपज की कीमत के लिए अफसरों की चौखट पर चक्कर लगा रहे हैं। परिवहनकर्ता की शिथिलता के चलते अभी तक स्वीकृत पत्रक जारी नहीं हो सका है। जिससे किसानों का सयय से भुगतान नहीं हो रहा है। किसानों को इस बात का भय सता रहा है कि चार दिन बाद केन्द्रों पर तोल बंद हो जाएगी। पंजीयन की अपेक्षा कोरोना संक्रमण काल में किसान केन्द्रों पर उपज की तौल करने के लिए नहीं पहुंचे। इसको लेकर प्रशासन फील्ड में फीडबैक जुटाने में जुटा है।

लक्ष्य 14 लाख का, तौल महज 11.50 लाख क्विंटल
जिले में 22 मई की स्थित में 11.50 लाख क्विंटल गेहूं की तौल हुई है। 30 हजार से अधिक किसान उपज की तौल कर चुके हैं। पंजीयन के मुताबिक अभी लगभग बीस हजार किसानों ने उपज की तौल नहीं की है। मैसेज एडवांस भेजने के बाद भी आवक की रफ्तार नहीं बढ़ी। रेकार्ड के अनुसार उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की 220 करोड़ रुपए कीमत की गेहूं की तौल हो चुकी है। जबकि अभी तक किसानों के खाते में महज 60 करोड़ रुपए समर्थन मूल्य पहुंचा है।

मैसेज दोबारा, नहीं पहुंचे किसान
जिले में 14 अप्रैल से तौल चालू हो गई। शुरू के पंद्रह दिन तक केन्द्रों पर तौल की रफ्तार धीमी रही। उपार्जन के लिए शासन ने 50 हजार किसानों को मैसेज भेजा है। लेकिन, अभी तक केन्द्रों पर 30,490 किसान उपज की तौल की है। जबकि करीब 17 हजार किसानों को तौल के लिए दोबारा मैसेज भेजा गया है। इस बार तौल केन्द्रों पर किसानों को भेजे गए मैसेज की अपेक्षा किसान नहीं पहुंचे।

कम तौल की वजह तलाश रहा प्रशासन
जिला प्रशासन केन्द्रों पर लक्ष्य के अनुपात में तौल कम होने की वजह तलाश रहा है। केन्द्रों पर भ्रमण पर पहुंचे अधिकारी किसानों से इस बात का फील्ड बैक ले रहे हैं कि मैसेज भेजने और छूट देने के बाद भी केन्द्रों पर आवक नहीं हो रही है। केन्द्र पर किसानों का फीडबैक अलग-अलग है। कुछ जगहों पर अधिक बारिश के कारण उत्पादन प्रभावित हुई है। जबकि कई केन्द्रों पर कोरोना संक्रमणकाल के कारण किसान भविष्य के लिए अनाज स्टोर लिया है। कुछ किसानों का तर्क है कि तोल बंद होने के बाद बाजार में मूल्य अधिक मिलेगा। इस वजह से केन्द्रों पर तौल के लिए नहीं पहुंचे।

केन्द्र पर नहीं पहुंच रहे किसान का यह है आंकड़ा
जिले में 17 मई को 3165 किसानों को मैसेज भेजा गया। केन्द्र पर महज 1410 किसान बेचने के लिए पहुंचे। कमोवेश यही स्थित 18 मई को भी रही। 19 मई को 2865 किसानों को मैसेज भेजा गया। इस दिन महज 1308 किसान पहुंचे। 20 मई को भी 2569 किसानों को मैसेज भेजा गया। जबकि केन्द्र पर 1212 किसान ही पहुंचे। 21 मई को रेगुलर किसानों को 2263 मैसेज भेजा गया। 1846 किसानों ने उपज बेची है।
बाक्स
सीजन में सबसे अधिक तौल 82972 क्विंटल
चालू सीजन में अब तक सबसे अधिक तौल 21 जनवरी को केन्द्रों पर हुई। इस दिन केन्द्रों पर ऐसे किसानों को छूट दिया गया था कि जिन लोगों को मैसेज भेजा गया था। वह किसी कारण तौल नहीं कर पाए हैं। मैसेज मिलने के बाद फसल तैयार नहीं थी। इसकी सूचना पर केन्द्रों पर भीड़ रही। इस सीजन में अब तक की सबसे अधिक तौल 82972 क्विंटल हुई है।

वर्जन...
भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। जिले में 73 प्रतिशत परिवहन हुुआ है। परिवहन की मात्रा का अस्सी प्रतिशत स्वीकृत पत्रक जारी हो गया है। किसानों के खाते में राशि भोपाल से सीधे जारी होती है। जल्द ही भुगतान हो जाएगा। इस बार केन्द्रों पर 26 मई तक तौल के लिए समय निर्धारित किया गया है।
ठाकुर राजेन्द्र सिंह, जिला नियंत्रक

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