अपर आयुक्त-अतिरिक्त संचालक भी नहीं बता पाए अतिथि विद्वानों की चयन प्रक्रिया सही है या गलत

अपर आयुक्त-अतिरिक्त संचालक भी नहीं बता पाए अतिथि विद्वानों की चयन प्रक्रिया सही है या गलत
guest faculty protested at trs college

Vedmani Dwivedi | Updated: 04 Jun 2019, 11:30:33 AM (IST) Singrauli, Singrauli, Madhya Pradesh, India

एक दिन में जारी हुए तीन आदेश कोई स्पष्ट नहीं, टीआएस प्रबंधन अपने सहूलियत तो अतिथि विद्वान अपने हित के अनुसार कर रहे नियमों की व्याख्या, तीसरे दिन भी जारी रहा अतिथि विद्वानों का प्रदर्शन, टीआरएस कॉलेज प्राचार्य के खिलाफ की जमकर नारेबाजी

रीवा. शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में अध्यापन का कार्य कर रहे अतिथि विद्वानों को बाहर करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर सोमवार को तीन आदेश जारी हुए। आयुक्त कार्यालय भोपाल से एक आदेश जारी हुआ है। अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा रीवा से भी सोमवार को आदेश जारी हुए। वहीं टीआरएस कॉलेज के प्राचार्य ने भी एक आदेश जारी किया है।

तीनों आदेश अतिथि विद्वानों के चयन से संबंधित हैं, लेकिन किसी में यह स्पष्ट नहीं है कि टीआरएस में नए सिरे से शुरू हुई अतिथि विद्वानों की चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। ऐसे में अपर आयुक्त कार्यालय, अतिरिक्त संचालक कार्यालय से जारी आदेश को अपने - अपने सहूलियत के हिसाब से व्याख्या की जा रही है।

टीआरएस कॉलेज प्रबंधन चयन प्रक्रिया को सही बता रहा है वहीं अतिथि विद्वान आदेश का हवाला देकर चयन प्रक्रिया को गलत बता रहे हैं। अतिरिक्त संचालक कार्यालय से टीआरएस प्राचार्य के नाम पत्र जारी किया गया है। उसमें स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया है कि टीआरएस में शुरू हो रही चयन की प्रक्रिया सही है या गलत।

आयुक्त कार्यालय से जारी हुआ है यह आदेश
अपर आयुक्त उच्च शिक्षा वेद प्रकाश ने ३ जून को एक आदेश जारी किया। जिसमें कहा गया है कि अतिथि विद्वानों के संबंध में उच्च शिक्षा विभाग से समय - समय पर जारी स्पष्ट दिशा निर्देशों के बावजूद कुछ प्राचार्यों एवं अतिरिक्त संचालक बेवजह दिशा - निर्देशों का पालन न करते हुए अभिमत के लिए प्रकरण आयुक्त कार्यालय केा प्रेषित किए जा रहे हैं जो उचित नहीं है। प्राचार्य एवं क्षेत्रित अतिरिक्त संचालकों द्वारा ऐसा करने से जहां एक ओर शासकीय कार्य में अनावश्यक व्यवधान होता है वहीं दूसरी ओर न्यायालयीन प्रकरण उत्पन्न हो रहे हैं। अतिथि विद्वानों के संबंध में समय - समय पर शासन द्वारा जारी दिशा - निर्देशों के पालन में आवश्यक कार्यवाही करें।

अतिरिक्त संचालक कार्यालय से जारी हुआ आदेश
अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डा. सतेन्द्र शर्मा ने भी इसी संबंध में सोमवार को एक आदेश जारी किया। उन्होंने टीआरएस कॉलेज प्राचार्य को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि, 1 जून को टीआरएस कॉलेज रीवा के स्ववित्तीय एवं जनभागीदारी शिक्षकों के लिए सत्र 2019 - 20 में विज्ञापन जारी किया गया है। इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि सर्वाच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय जबुलपुर में लंबित याचिकाओं के संबंध में कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा की राजपत्रित शाखा द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय एवं कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करें।

एडी कार्यालय के सामने प्रदर्शन
सोमवार को तीसरे दिन भी टीआरएस कॉलेज से बाहर हुए अतिथि विद्वान अतिरिक्त शिक्षा संचालक कार्यालय पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। टीआरएस कॉलेज प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी की। नए सिरे से शुरू हुई चयन प्रक्रिया एवं पुराने अतिथि विद्वानों को बाहर करने को गलत बताया। करीब दो घंटे तक नारेबाजी एवं प्रदर्शन जारी रहा। १५० से ज्यादा अतिथि विद्वान प्रदर्शन में शामिल हुए। इससे पहले शनिवार एवं रविवार को भी प्रदर्शन हुआ था।

चयन प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा कोई असर
टीआरएस के प्राचार्य डा. एसयू खान ने कहा कि आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश का हमारे चयन प्रक्रिया में कोई असर नहीं पड़ेगा। नए अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद उनकी मैरिट बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मैरिट में पहले से काम कर रहे अतिथि विद्वानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
डा. एसयू खान, प्राचार्य टीआरएस

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