स्कूल और आगनबाड़ी परिसर में जहरीले पानी का रिसाव होने से बढ़ा खतरा, अफसरों के जवाब हैरान करने वाले

स्कूल और आगनबाड़ी परिसर में जहरीले पानी का रिसाव होने से बढ़ा खतरा, अफसरों के जवाब हैरान करने वाले
Higher risk of leakage of poisonous water in school and aaganbadi rewa

Mrigendra Singh | Updated: 23 Jul 2019, 09:11:08 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India


- कोष्टा कचरा प्लांट के पानी का रिसाव होने से बढ़ी समस्या
- हैंडपंप के पानी का सेंपल तक लेने नहीं पहुंचे निगम के अधिकारी


रीवा। शहर से निकलने वाले कचरे को कोष्टा के कचरा प्लांट में डंप किया जा रहा है। बारिश के चलते शहर से गीला कचरा अधिक मात्रा में निकलता है, इसलिए उस कचरे से पानी का रिसाव भी हो रहा है। प्लांट की बाउंड्रीवाल के किनारे ही आगनबाड़ी केन्द्र और प्राथमिक विद्यालय स्थित है। इन भवनों के परिसर में प्लांट से आने वाले पानी की मात्रा इनदिनों बढ़ती जा रही है।

बारिश की वजह से परिसर में नमी थी जिसके चलते प्लांट के कचरे से रिसाव का पानी वहां पर जमा होता जा रहा है। स्कूल और आगनबाड़ी में हर दिन दर्जनों की संख्या में बच्चे आते हैं और इसी दलदल के बीच से गुजरते हैं। सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति यह है कि परिसर में ही एक हैंडपंप है, जिसके पानी का उपयोग बच्चे कर रहे हैं। कचरे से आने वाला पानी दूषित होता है और उसमें तरह-तरह के केमिकल होने की भी आशंका होती है। यह लापरवाही कभी भी संक्रामक बीमारी के रूप ले सकती है। स्थानीय निवासी विवेक पटेल, देवेन्द्र मिश्रा, राकेश, कविता पाण्डेय आदि का कहना है कि जिस तरह से स्कूल और आगनबाड़ी परिसर में दलदल बना हुआ है, उस पानी से बदबू आती है। बच्चे परेशान हो रहे हैं, वह स्कूल जाने को तैयार ही नहीं होते। बच्चों को शुद्ध पानी पिलाने के संबंध में अब तक न तो स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रयास किया और न ही महिला बाल विकास विभाग की ओर से किया गया। जबकि दोनों की संस्थाएं वहां पर संचालित हो रही हैं।


- निगम ने अभी जरूरत नहीं समझी
शहर का कचरा नगर निगम कोष्टा में डंप कराता है लेकिन वहां पर लोगों को सुविधाएं देने पर ध्यान नहीं है। बीते साल जब स्थानीय लोगों ने विरोध किया और हंैंडपंप का पानी खराब होने की शिकायतें की तब कर्मचारियों को भेजा गया और उन्होंने पानी का सेंपल लिया था। नगर निगम के कैमिस्ट रवि शुक्ला का कहना है कि जब शिकायत मिलती है तब पानी का परीक्षण करने के साथ ही हैंडपंप में ब्लीचिंग भी डाली जाती है। इस वर्ष अभी कोई सूचना नहीं आई है, इसलिए जरूरत नहीं समझी जा रही है।
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हमारे पास 250 आगनबाड़ी केन्द्र हैं, इसलिए किसी एक के बारे में जानकारी नहीं रहती। रोस्टर के तहत निरीक्षण होता है, कोष्टा का दौरा कब किया याद नहीं। रही बात हैंडपंप की तो उसके पानी का परीक्षण कराना हमारे विभाग का काम नहीं है।
सीमा गंजू, परियोजना अधिकारी-महिला बाल विकास

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