रीवा शहर में सैकड़ों कालोनियां हो गई आबाद, वैधता केवल 26 के पास

- अवैध कालोनियों पर कार्रवाई अफसर बदलते ही रुकी
- शहर में करीब दो सौ से अधिक की संख्या में अवैध कालोनियां विकसित हुई हैं

By: Mrigendra Singh

Published: 01 Aug 2020, 12:01 PM IST



रीवा। शहर का विकास बीते कुछ वर्षों के अंतराल में तेजी के साथ हुआ है। बड़ी संख्या में नए कालोनाइजर्स ने मनमानी रूप से भूखंड बेचकर अवैध कालोनियां बसा डाली। वर्तमान में करीब तीन सौ के पार अवैध कालोनियां शहर में हो गई हैं। इनकी वैधता को लेकर नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं।

बीते साल कुछ समय के लिए नगर निगम प्रशासन ने अवैध कालोनियों पर कार्रवाई के लिए तैयारी की थी, जिसके तहत लंबे अंतराल के बाद शहर की वैध कालोनियों की लिस्ट जारी की गई थी। जिसमें केवल 26 कालोनियों के ही नाम शामिल किए गए थे। वर्षों से निगम अफसरों के संरक्षण में अवैध कालोनियां आबाद होती रहीं, गांवों से आकर लोगों ने भूखंड खरीदकर मकान बना लिया है।

इन मकानों को भवन अनुज्ञा अब तक नहीं मिल पाई है। अब परेशान मकान बनाने वाले भी हैं और नगर निगम प्रशासन भी। जिन लोगों ने अवैध कालोनियां बसाई वह मोटी रकम लेकर गायब होते जा रहे हैं। शहर की उन सभी कालोनियों को वैध माना गया है जो शासन स्तर पर निगरानी के तहत विकसित हुई थी।

इसमें वह कालोनियां शामिल हैं जो पूर्व में नगर सुधार न्यास बोर्ड, हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम, गृह निर्माण सोसायटी एवं पंजीकृत बिल्डर्स द्वारा बनाई गई हैं और इनके निर्माण में नियमों का पालन किया गया है। वर्षों से अधिकांश लोग यह दलील देते रहे हैं कि उन्हें यह नहीं पता कि शहर में कौन सी कालोनी वैध है और कौन सी अवैध है। इसलिए नगर निगम ने बीते साल वैध कालोनियों के नाम सार्वजनिक करते हुए कहा था कि अवैध कालोनियों में प्लाट या फिर भवन की खरीदी करने वाले स्वयं जिम्मेदार होंगे। इसलिए चिन्हित वैध कालोनियों में ही मकान और भूखंड खरीदे जाएं।
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- शासन स्तर पर लंबित है मामला
अवैध कालोनियों को नियमितीकरण करने के लिए करीब दो दशक से प्रदेश सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। यह प्रयास तब तेज होता है जब विधानसभा के चुनाव नजदीक आते हैं, चुनावी मुद्दा बनने के बाद इस पर अमल नहीं हो पाया है। इधर शहर में तेजी के साथ अवैध कालोनियां बसती चली गई, निगम के अधिकारियों की ओर से इस पर रोक नहीं लगाई गई। बीते साल हाइकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने अवैध कालोनियों के नियमितीकरण पर रोक लगा दी है। सरकार द्वारा पूर्व में जारी की गई अधिसूचना को भी निरस्त कर दिया गया था। कोर्ट ने स्थानीय निकायों को यह अधिकार दिया था कि वह अवैध कालोनियों का अधिग्रहण कर कार्रवाई कर सकते हैं। वहीं सरकार ने आश्वासन दिया था कि फिर से नया कानून बनाकर अवैध कालोनियों को नियमित करने के प्रयास किए जाएंगे, अब तक इस पर कोई गाइडलाइन नहीं आई है।
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- शहर की ये कालोनियां हैं वैध
नगर निगम के दस्तावेजों के अनुसार जिन वैध कालोनियों की सूची पूर्व में जारी की गई थी उसमें प्रमुख रूप से विंध्य विहार कालोनी पडऱा, प्रकाश ग्रांसर सिटी, दीनदयालधाम पडऱा, शांतिविहार कालोनी,देवालय रेसीडेंसी, बद्रिका साई सिटी खैरी, शिल्पी सिटी चोरहटा, रॉयल स्टेट चोरहटा, पद्मधर कालोनी ढेकहा, कामता रेसीडेंसी ढेकहा, हाउसिंग बोर्ड कालोनी बोदाबाग, श्रीजी वृंदावन कालोनी, शिल्पी उपवन कालोनी, इंदिरा नगर कालोनी, सुधार न्यास कालोनी सिरमौर चौराहा, नेहरू नगर, अल्प आय वर्ग कालोनी नेहरू नगर, शिल्पी कुंज, निर्मल कालोनी समान, पीके स्कूल के पीछे जेपी नगर कालोनी, हेडगेवार नगर, शंभू नगर बाणसागर रोड, शिल्पी ग्रींस बदरांव, चिरहुला कालोनी, अंततपुर गृह निर्माण समिति, विवेकानंद नगर कालोनी आदि शामिल हैं।

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- 121 अवैध कालोनियों पर चल रही कार्रवाई
पूर्व में अवैध कालोनियों के नियमितीकरण के लिए विकास शुल्क जमा कराने के लिए डेवलपमेंट प्लान तैयार कराया गया था। इसमें 121 कालोनियां शामिल की गई थी। जिनसे विकास शुल्क जमा कराने के बाद नियमित करने की तैयारी थी। इसी बीच हाइकोर्ट ने प्रक्रिया पर ही रोक लगा दी थी। बताया जा रहा है कि अभी भी करीब दो सौ से अधिक की संख्या में अवैध कालोनियां ऐसी हैं जिन्हें नगर निगम चिन्हित ही नहीं कर पाया है।
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- कई अवैध कालोनियों का अधिग्रहण कर चुका है निगम
बीते साल कुछ महीने तक अवैध कालोनियों पर कार्रवाई की शुरुआत की गई थी। तत्कालीन निगम आयुक्त सभाजीत यादव ने पहले नोटिस देकर कालोनाइजर्स को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए, जब उनकी ओर से कोई प्रयास नहीं किया गया तो कालोनियों को अधिग्रहित कर वहां पर निगम के अधिकारियों को बतौर प्रशासक तैनात कर कालोनियों के विकास निर्देश दिया था। आयुक्त का तबादला होने के बाद व्यवस्थाएं फिर से पहले की तरह हो गई हैं। निगम ने जिन कालोनियों का अधिपत्य लिया था उसमें प्रमुख रूप से वार्ड क्रमांक आठ के चेलवा टोला में अवैध कालोनाइजर कमलकिशोर पटेल की 2.833 हेक्टेयर की कालोनी, वार्ड 15 के रतहरा में मैनपुरी यूपी निवासी कालोनाइजर शिवाजी की 9.712 हेक्टेयर कालोनी, वार्ड 45 के कुठुलिया में प्रमोद कुमार मिश्रा की 3.047 हेक्टेयर की अवैध कालोनी, वार्ड क्रमांक 15 के रतहरा में कालोनाइजर्स गीता रानी के 3.796 हेक्टेयर की कालोनी एवं वार्ड क्रमांक दस के अनंतपुर में सज्जन यादव की 0.142 हेक्टेयर की कालोनी का अधिग्रहण कर इनमें प्रशासक नियुक्त किए गए थे।

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Mrigendra Singh Reporting
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