शिवराज मामा के राज में भांजियों का भविष्य अंधकार में

उन्नयन के आठ साल बाद भी न भवन न खेल का मैदान, उपेक्षा का शिकार कन्या हायर सेकंडरी विद्यालय

By: Mahesh Singh

Published: 20 Jul 2018, 12:53 PM IST

रीवा. शिवराज मामा के राज में भांजियों का भविष्य अंधकार में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कन्याओं के उत्थान की बात तो कही जाती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति कन्या विद्यालयों की स्थिति अत्यंत बदतर है। सुविधाओं के नाम पर न भवन है, न खेल मैदान एवं सुरक्षा का तो कोई इंतजाम नहीं है।शासकीय कन्या हायर सेकंडरी विद्यालय प्रशसनीय उपेक्षा का शिकार है। हालात यह है की 7 नवम्बर 2011 को कन्या हायर सेकंडरी विद्यालय का उन्नयन हुआ था किंतु आज दिनांक तक विद्यालय के नाम भूमि आबंटित नहीं हो सकी है। जिससे न तो विद्यालय का भवन बन पाया और न ही यहां खेल का मैदान ही है। जिससे बालिकाओं को खेलने का अवसर नहीं मिलता।

7 कमरों में 500 छात्राएं करती है अध्ययन
कन्या विद्यालय में 500 से भी अधिक छात्राएं अध्ययन करती है। एक कमरे में 70 से 80 छात्राएं बैठती हैं जिससे छात्राओं को विद्या अध्यन में काफी कठनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिससे बालिकाओं की शिक्षा दिलाने की शासन की मंशा पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।

न सायकल स्टैंड न ही बाउंड्री
विद्यालय में छात्राओं की साइकलें रखने की ब्यवस्था नहीं की गई है। साथ ही विद्यालय में बाउंड्री की व्यवस्था भी नहीं है जिससे छात्राएं अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं। बताया गया है कि आए दिन छात्राओं की साइकिल चोरी होती है।

16 की जगह 4 शिक्षक
हायर सेकंडरी विद्यालय का उन्न्यन तो कर दिया गया लेकिन उसमें संसाधन नहीं उपलब्ध कराए गए। स्कूल में 16 शिक्षकों की जगह है जिसमें मात्रा 4 शिक्षकों की अभी तक में नियुक्ति हुई है। प्रशासन की अदूरदर्शिता से छात्राओं का भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है।

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विद्यालय की भूमि हेतु जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद मामला राजस्व विभाग में है। जैसे ही विद्यालय के नाम जमीन हो जाती है वैसे ही सभी ब्यवस्थाएं कर ली जाएंगी।
कुंजीलाल कोल, प्राचार्य

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