जिले में निरीक्षकों का टोंटा, 29 में से 11 थानों में है पदस्थापना

आधे से अधिक उपनिरीक्षकों के भरोसे, कानून और व्यवस्था की स्थिति संभालना हुआ कठिन

By: Shivshankar pandey

Published: 30 Jun 2020, 09:36 PM IST

रीवा। जिले में निरीक्षकों की कमी की समस्या गंभीर होती जा रही है। जिले से लगातार निरीक्षकों का स्थानांतरण हो रहा है और उसके मुकाबले पदस्थापना नहीं होने से जिले के अधिकांश थानें उपनिरीक्षकों के भरोसे चल रहे है। जिले में जिस संख्या में निरीक्षकों के स्थानांतरण हो रहे है उस हिसाब से पदस्थापना नहीं हो रही है। यही कारण है कि यह अंतर लगातार बढ़ रहा है।

उपनिरीक्षकों के भरोसे थाने
जिले के 29 थानों में महज 11 थानों में भी निरीक्षकों की पदस्थापना है। जिले में निरीक्षकों के 36 पद स्वीकृत है लेकिन उसके मुकाबले पदस्थापना काफी है। पिछले कुछ सालों से जिले में निरीक्षकों के काफी संख्या में स्थानांतरण हुए है और तमाम निरीक्षकों के तबादले हो गए लेकिन उसके बाद पदस्थापना काफी कम रही है। हाल ही में दो अन्य निरीक्षकों का जिले से स्थानांतरण हो गया जबकि उनके मुकाबले एक निरीक्षक की पदस्थापना हुई है। वर्तमान समय में जिले के आधे से अधिक थाने उपनिरीक्षकों के भरोसे चल रहे है।

शहर के चार थानों में उपनिरीक्षक
शहर के आठ थानों में से चार में उपनिरीक्षक पदस्थ है जिनके द्वारा थाने का संचालन किया जा रहा है। जिले से लगातार निरीक्षक एक-एक करके स्थानांतरित हो रहे है। विभागीय सूत्रों की माने तो ज्यादातर निरीक्षक रीवा आना नहीं चाहते है। स्थानांतरण होने पर वे उसको कैंसिल करवा लेते है। जो लोग रीव के आसपास के जिलों के रहने वाले है उनमें भी ज्यादातर दूसरे जिलों में पदस्थ है। हालांकि जिले में निरीक्षकों की कमी जल्द पूरी होती नजर नहीं आ रही है।

दर्जन भर से अधिक थाने चला रहे उपनिरीक्षक
वर्तमान में जिले के दर्जन भर से अधिक थाने उपनिरीक्षक चला रहे है। इनमें शहर के अमहिया, चोरहटा, समान, बिछिया के अलावा सोहागी, चाकघाट, लौर, शाहपुर, सगरा, बैकुंठपुर, सिरमौर, सेमरिया, अतरैला, पनवार, डभौरा, जवा थानों में उपनिरीक्षक की पदस्थापना है। ज्यादातर थाने निरीक्षक स्तर के है जिनको उपनिरीक्षक चला रहे है।

आईजी के पत्र पर देऊसर में हुई एसडीओपी की पदस्थापना
रीवा संभाग के दो एसडीओपी सोमवार को सेवानिवृत्त हो गए। आईजी चंचल शेखर ने खाली हो रहे दोनों पदों में नियुक्ति के लिए डीजीपी को पत्र लिखा था जिस पर देऊसर में एसडीओपी की पदस्थापना हो गई है। वहीं रीवा में अभी पदस्थापना नहीं हो पा रही है। हालांकि आने वाली सूची में रीवा में डीएसपी की पदस्थापना की उम्मीद जताई जा रही है।

उपनिरीक्षक से बेहतर काम का प्रयास
जिले में निरीक्षक स्वीकृत संख्या से कम है। वहीं मौजूद निरीक्षकों में कुछ बेहतर ढंग से काम करने में सक्षम नहीं है। यही कारण है कि अधिकांश थानों में उपनिरीक्षकों को प्रभारी बनाया गया है। उपनिरीक्षकों को लगातार मार्गदर्शन कर बेहतर ढंग से काम करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
चंचल शेखर, आईजी रीवा

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