कांग्रेस की हारी सीटों में सबसे अधिक दावेदार, पर्यवेक्षक ने दावेदारी का कारण पूछा तो रह गए सन्न

राष्ट्रीय सचिव सुधांशु त्रिपाठी रीवा में दावेदारों से पूछ रहे कि उन्हें टिकट मिली तो कैसे दिलाएंगे जीत

By: Mrigendra Singh

Published: 22 Jul 2018, 11:05 AM IST

रीवा। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधांशु त्रिपाठी इनदिनों रीवा प्रवास हैं। वह पार्टी के बड़े नेताओं के साथ रायशुमारी कर रहे हैं साथ ही उन दावेदारों से भी टिकट देने का कारण पूछ रहे हैं जो अपने को पहला दावेदार बता रहे हैं। पर्यवेक्षक के कुछ चुभते सवाल हैं जिसे सुनकर कइयों ने तो दावेदारी ही नहीं करने की बात कह दी है। जिले की सभी विधानसभाओं के नेताओं से वह मिले। क्षेत्रीय नेताओं के साथ पार्टी की गतिविधियों की जानकारी लेने के बाद वन टू वन चर्चा भी की।
जिन नेताओं ने स्वयं के लिए टिकट मांगा उनसे सवाल पूछा कि आखिर ऐसा क्या है उनमें की पार्टी टिकट दे। अब तक किस तरह से संगठन के लिए काम किया और जनसमस्याओं को कैसे उठाया, इसकी भी जानकारी ली। त्रिपाठी ने उन प्रमुख नेताओं से भी मुलाकात की जो स्वयं के लिए नहीं बल्कि अपने समर्थक दूसरे नेता के लिए टिकट की मांग कर रहे थे। उनसे भी वही सवाल पूछे गए जो दावेदारों से किए गए थे। कुछ तो ऐसे भी नेता पहुंचे थे जिन्हें यह ही नहीं पता कि उनके विधानसभा में पार्टी के कितने ब्लाक, मंडलम और सेक्टर की कमेटियां हैं।
रीवा विधानसभा में अभय मिश्रा, कविता पाण्डेय, गुरमीत सिंह मंगू, समर्थ सिंह, राजेन्द्र शर्मा, बृजभूषण शुक्ला, अजय मिश्रा, विनोद शर्मा, राजेन्द्र सिंह, केपी सिंह, मुकेश श्रीवास्त्व, लल्लन खान सहित अन्य ने अलग-अलग चर्चा की और पार्टी को किस तरह से जीत हासिल होगी इसके लिए सुझाव भी दिए हैं। इसमें कई नेताओं ने स्वयं को ही दावेदार बताया है तो कुछ ने लोकप्रियता किसकी कितनी है यह बताया। बाद में पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों और अन्य विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं से भी चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से सवाल किया कि आखिर ऐसा क्या है उनमें की पार्टी टिकट के लिए नाम तय करे। रीवा विधानसभा की सीट लगातार कई बार से पार्टी हारती जा रही है, यहां तक की मुकाबले से भी बाहर हो जाती है ऐसे में दावेदार किस रणनीति के तहत मुकाबला करेंगे। कई दावेदारों ने अपने पुराने काम गिनाए तो किसी ने अलग-अलग वर्गों का समर्थन होने का दावा किया। कुछ ने अपने अनुभव का लाभ और समाज में अच्छी पहचान का हवाला देते हुए कहा कि वही प्रमुख दावेदार हैं।
सेमरिया में मिलने वाले प्रमुख नेता त्रियुगीनारायण शुक्ला, प्रदीप सोहगौरा, कुंवर सिंह, गजेन्द्र दुबे, सुबोध पाण्डेय, डीपी सिंह के साथ ही सत्यनारायण शर्मा के समर्थक कार्यकर्ता मिले। इन सबसे क्षेत्र में पार्टी के जनाधार और किस तरह से जीत दिलाई जाए इसके बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। वहीं सिरमौर में विवेक तिवारी, गिरीश सिंह, रमाशंकर मिश्रा, चक्रधर सिंह, विद्यापाल गौतम, सिद्धनाथ पाण्डेय, आदित्य प्रताप सिंह, रामायण गौतम, बृजेश पाण्डेय, कमलेश्वर पटेल, रमेश पटेल सहित अन्य कई नेताओं ने क्षेत्र में पार्टी की जीत के लिए राष्ट्रीय सचिव को अपने सुझाव बताए। सायं त्योंथर पहुंचे जहां पर कई पदाधिकारियों और पार्टी के पुराने नेताओं से अलग-अलग चर्चा कर यह पता लगाने का प्रयास किया कि यहां पर सबसे लोकप्रिय नेता उनकी पार्टी में कौन है।
हर विधानसभा में दावेदारों की भारी संख्या देखने को मिली है, कुछ स्थानों पर तो शक्ति प्रदर्शन के लिए नेता पर्यवेक्षक से मिलने भीड़ लेकर पहुंचे थे। हालांकि राष्ट्रीय सचिव ने स्पष्ट भी कर दिया है कि इस तरह के प्रदर्शन से टिकट वितरण का पैमाना कांग्रेस में तय नहीं होता। पार्टी आंतरिक रूप से सर्वे करा रही है कि जीत के लिए कौन सा प्रत्याशी सबसे बेहतर होगा। त्रिपाठी ने कहा है कि संगठन के लिए सब मेहनत करें और जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार की कमियों को उजागर करें। टिकट किसी एक को ही मिलनी है इसके लिए प्रयास करते रहें लेकिन घोषणा होने के बाद सब एक जुट होकर पार्टी प्रत्याशी को जिताने का प्रयास करें।
रीवा जिले में मऊगंज और गुढ़ में कांग्रेस के विधायक हैं, इन दोनों सीटों में कम संख्या में दावेदार सामने आए हैं। जबकि अन्य हर सीट में करीब दर्जन भर से अधिक की संख्या में लोगों ने टिकट की मांग की है। बताया गया है कि 70 से अधिक नेताओं से टिकट के लिए आवेदन करते हुए अपना बायोडाटा भी पर्यवेक्षक को सौंप दिया है।

Mrigendra Singh Reporting
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