कांजी हाऊस में भूख से तड़प-तड़प मर गए 74 से ज्यादा मवेशी, कमिश्नर ने बठाई जांच

जिले के त्योंथर जनपद के बसहट गांव की घटना, प्रशासनिक अमला पहुंचा

By: Rajesh Patel

Published: 06 Jan 2020, 04:00 PM IST

रीवा. हो सकता है यह तस्वीर आप को विचलित कर दे। लेकिन, लापरवाह और बेपरवाह तंत्र का यह जीता-जागता उदाहरण है। कांजी हाउस में कैद 75 से ज्यादा मवेशियों की इस लिए मौत हो गई कि क्यों कि उनके चारे-पानी के इंतजाम के साथ कोई व्यवस्था नहीं की गई। गत दिन हुई दो दिन की बारिश में दल-दल बन गया। और वे वहां से बाहर नहीं निकल पाए। मामला रीवा जिले के त्योंथर जनपद के बसहट गांव का है। बताया गया कि क्षेत्रीय अमला मौके पर पहुंचकर देररात ही पड़ोस में ही गड्ढे में दफनाने का काम शुरू कर दिया है।

पंचायत ने नहीं दिया भूसा-पानी , कांजी हाउस के संचालक की जवाबदेही
शासकीय कांजी हाऊस में रखे करीब एक सैकड़ा जानवरों की भूख-प्यास से तड़पकर मौत हो गई। रविवार को पूरा मामला सामने आने पर प्रशासन के होश उड़ गए। आनन-फानन में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सहित पशु चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। कांजी हाऊस के अंदर का नजारा रोंगटे खड़े कर देने वाला था। इस कांजी हाऊस के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत पर होती है लेकिन पंचायत द्वारा इनके भूंसा व चारा की व्यवस्था नहीं की गई। मवेशी बाड़े के अंदर ही बंद रहे जिससे करीब एक सैकड़ा जानवरों की भूख-प्यास से तड़पकर मौत हो गई।

बेजुबान जानवरों पर किसी ने नहीं दिखाई दया
हैरानी की बात तो यह है कि इन बेजुबान जानवरों पर किसी ने दया नहीं दिखाई और एक-एक करके करीब सैकड़ा भर जानवर काल के गाल में समा गए। रविवार को पूरा मामला उस समय सामने आया जब लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। घटना सुनकर खुद अधिकारियों के होश उड़ गए। तत्काल नायब तहसीलदार अंकित मौर्य, सोहागी थाना प्रभारी कन्हैया बघेल, पशु चिकित्सक डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह, पटवारी अमरीश तिवारी सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया।

जेसीबी से बाउंड्री तोडक़र बाहर निकाला
कांजी हाऊस के अंदर मृत पड़े जानवरों में प्रथम दृष्ट्या 75 जानवरों के मौत की पुष्टि की जा रही है। हालांकि काफी जानवर अभी दूसरे स्थानों में पड़े जिनको शायद कुत्ते घसीट ले गए। प्रशासन जेसीबी मशीन की मदद से मृत जानवरों को बाहर निकलवा रहा है। वहीं दूसरी ओर पशु चिकित्सकों की टीम भी गांव पहुंच गई है जो बीमार जानवरों का इलाज कर रही है। इस घटना ने पूरी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

बारिश के कारण दलदल बन गया था कांजी हाऊस
बारिश के चलते कांजी हाऊस पूरी तरह से दलदल बन गया था। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से कांजी हाऊस के अंदर दलदल बन गया था। कमजोर जानवर एक बार गिरे तो फिर दुबारा नहीं उठ पाए। काफी जानवर तो दलदल में फंसने की वजह से ही मर गए है। हैरानी की बात तो यह है कि कई दिनों से किसी ने भी कांजी हाऊस की ओर झांका भी नहीं है।

पंचायत की व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस घटना के बाद लोगों ने पंचायत की व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। नियमानुसार कांजी हाऊस के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के ऊपर है जिसे यहां बंद होने वाले मवेशियों के भोजन सहित अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करवानी चाहिए। लेकिन पंचायत ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया। पंचायत की यही लापरवाही एक सैकड़ा मवेशियों की मौत का कारण बन गई।

कमिश्नर ने बठाई जांच,
कमिश्नर डॉ. अशोक भार्गव ने कांजी हाउस में मरने वाले मवेशियों के मामले में जांच कमेटी गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया है। जांच कमेटी में सीइओ जिपं अर्पित वर्मा, एसडीएम त्योंथर एमपी बरार सहित पशु चिकित्सा संचालक व सीइओ जनपद को शामिल किया है। उधर, कलेक्टर ने भी अपर कलेक्टर इला तिवारी को मौके पर भेजकर कार्रवाई का निर्देश दिया है। ब्लाक स्तरीय पशु चिकित्साधिकारी की दो वेतन वृद्धि रोकने का आदेश देते हुए पंचायत सचिव को निलंबित करने का आदेश दिया है

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Rajesh Patel Reporting
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