खरीफ के बाद अनाज हो सकता है मंहगा, कम होगा उत्पादन, जानिए क्या है वजह

खरीफ के बाद अनाज हो सकता है मंहगा, कम होगा उत्पादन, जानिए क्या है वजह

Ajit Shukla | Publish: Sep, 06 2018 02:01:53 PM (IST) | Updated: Sep, 06 2018 02:01:54 PM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

लेटलतीफ हुई बोवनी...

रीवा। मौसम की बेरुखी के चलते खरीफ में बोवनी के अधूरे रह गए लक्ष्य के मद्देनजर विभिन्न फसलों का उत्पादन भी प्रभावित होगा। लेटलतीफ बोवनी के चलते बन रही इस स्थिति ने कृषि अधिकारियों के अभी से होश उड़ा दिए हैं। अधिकारियों को बोवनी के साथ अब उत्पादकता के प्रभावित होने और उत्पादन का लक्ष्य पूरा नहीं होने की चिंता सता रही है।

उत्पादकता प्रभावित न हो, इस कोशिश में जुटे कृषि अधिकारी
कृषि अधिकारियों की ओर से किसानों को उत्पादकता बढ़ाने के लिए मशविरा देने की बनाई गई योजना इसी का नतीजा है। कम और लेटलतीफ बोवनी से उत्पादकता व उत्पादन प्रभावित न हो, इस उद्देश्य को लेकर विभाग की ओर से किसानों को फसल के रखरखाव सहित अन्य जानकारी देने का अभियान शुरू किया गया है। इसको लेकर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

गत वर्ष की तुलना में खरीफ में उत्पादन का बढ़ाया गया है लक्ष्य
कृषि अधिकारियों ने जिले में बोवनी के लिए कुल 2.74 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य रखा है, लेकिन अब तक केवल 1.65 लाख हेक्टेयर में ही बोवनी हो सकी है। इनमें ज्यादातर बोवनी समय बीतने के बाद की गई है। इससे उत्पादकता व उत्पादन दोनों प्रभावित होने की संभावना है। गौरतलब है कि खरीफ में विभाग के अधिकारियों ने सभी फसलों में 639 हजार टन के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो गत वर्ष की तुलना में करीब 40 फीसदी अधिक है। पिछले वर्ष सभी फसलों में 445 हजार टन का उत्पादन प्राप्त किए जाने का दावा किया गया है।

प्रमुख फसलों में उत्पादन का लक्ष्य
गौरतलब है कि कृषि विभाग ने धान के 507 हजार टन, उड़द के 20 हजार टन, मूंग के 10 हजार टन, सोयाबीन के 27 हजार टन व अरहर के 43 हजार टन के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेटलतीफ बोवनी के चलते अब उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त होता मुमकिन नहीं दिख रहा है। क्योंकि यह तय है कि बोवनी में हुई देरी से विभिन्न फसलों की उत्पादकता प्रभावित होगी।

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