राजनीतिक रसूख: बीस साल से एक ही सर्किल में पदस्थ पटवारी, नियम-कायदे दरकिनार

राजनीतिक रसूख: बीस साल से एक ही सर्किल में पदस्थ पटवारी, नियम-कायदे दरकिनार

Rajesh Patel | Publish: Sep, 07 2018 01:01:54 PM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

चुनाव आयोग नई दिल्ली एवं राज्य आयोग को भेजे गए पत्र में खुलासा, हुजूर तहसील कार्यालय से दी गई जानकारी में टवारियों का सामने आया राजनीतिक रसूख

रीवा. जिले की तहसीलो में राजनीति रसूख के आगे नियम-कायदे दरकिनार कर दिए गए हैं। हुजूर तहसील में एक दर्जन से ज्यादा पटवारी एक सर्किल में कई साल से जमे हुए हैं। पटवारियों के रसूख का असर इस कदर है कि तहसील में पदस्थापना दिनांक से एक ही सर्किल में नौकरी कर रहे हैं। हैरान करने वाली बात तो यह कि बीस साल से एक सर्किल में काम कर रहे हैं। मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के बावजूद जिले के आला अफसर पटवारियों के रसूख के आगे नतमस्तक हैं।

चुनाव आयोग को भेजा पत्र
चुनाव आयोग नई दिल्ली और राज्य निर्वाचन आयोग को सामाजिक कार्यकर्ता अरुण ङ्क्षसह की ओर से भेजे गए पत्र में इसका खुलासा हुआ है। सूचना अधिकार के तहत हुजूर तहसील कार्यालय से दी गई जानकारी के अनुसार हुजूर तहसील में जनवरी १९९८ में जवाहर शुक्ला की पदथाना की गई है। जबकि नवम्बर 1998 में सर्किल अलाट कर दी गई। तब से लेकर आज तक एक ही तहसील में जमे हुए हैं।

अफसरों की साठ-गांठ से अंगद की तरह जमाएं पांव
अफसरों से साठगांठ कर हुजुर तहसील की गिर्द सर्किल में शहर के आस-पास के पटवारी हल्के में बस्ता लेकर घूम रहे हैं। समान पटवारी हल्के में कई बार जमीनों के खुदबुर्द किए जाने का भी आरोप लगा। इसके बावजूद उसी सर्किल में पदस्थ हैं। इसी तरह गिर्द सर्किल में आशुतोष मिश्र दिसंबर 2012, विद्याघर द्विवेदी मार्च 2004 से गिर्द सर्किल में पांव जमाए हुए हैं। इसी तरह राजनीति रसूख के चलते योगेश्वर अवस्थी मई 2008 से पदस्थ हैं।

हुजूर तहसील के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार
हुजूर तहसील के गिर्द सर्किल में संदीप कुमार शुक्ला अगस्त 2017 से लेकर अब तक पदस्थ हैं। इसी तरह पुष्पेन्द्र ङ्क्षसह अगस्त 2017 से, जवाहर शुक्ला नवंबर 2018 से, आशुतोष मिश्र दिसबर 2010, अमित कुमार पांडेय मार्च 2014, विरेद्र कुमार द्विवेदी अक्टूबर 2011, योगेश्वर अवस्थी मई 2004, ज्ञानेन्द्र ङ्क्षसह गिर्द दिसंबर 2004, राजेन्द्र प्रसाद तिवारी अक्टूबर 2009, सुनीता मिश्रा अक्टूबर 2008, अरुण यादव मार्च 2013, रावेन्द्र प्रसाद पांडेय जुलाई 2017, अखिलेश शर्मा जुलाई 2017, राजा सिंह मार्च 2015, गोपाल मिश्रा अक्टूबर 2016, नीलम श्रीवास्तव अक्टूबर 2015, राजेश प्रसाद द्विवेदी जून 2017, सुभाष कुमार द्विवेदी मार्च 2004, सुरेश पांडेय मई 2016 से हैं।

बनकुंइया सर्किल में पदस्थ
हुजूर तहसील के बनकुइंया सर्किल में लालबहादुर कोल सितंबर 2004 से लेकर अब तक। इसी तरह इंद्र कुमार द्विवेदी सितंबर 2016, देवेश त्रिवेदी, अगस्त 2016, राजेन्द्र प्रसाद माझी अक्टूबर 2007, बाबूलाल साकेत जून 2017, मीरा सोनी मई 2012, विनीता सिंह जून 2015, सीमा मिश्रा जून 2015, रेखा पटेल जून 2015, प्रकाशमणि मिश्र फरवरी 2013, मानेन्द्र प्रताप ङ्क्षसह सितंबर 2017।

गोविंदगढ़ में ये हैं पदस्थ
विरेन्द्र कुमार तिवारी अगस्त 2013 से अब तक, इसी तरह आराधना मिश्रा 2015, स्वामीशरण अगस्त 2010, राजेश्वरी प्रसाद तिवारी जुलाई 2011, प्रियमबदा त्रिपाठी अक्टूबर 2016, प्रतिभा कुशवाहा जुलाई 2016, प्रमोद कुमार तिवारी मई 2018, अभयलाल कोल अक्टूबर 2016, संतोष कुमार पांडेय जून 2017, शैलेन्द्र मिश्रा सितंबर 2017, हिमाशु शुक्ला कार्यालय अटैच हैं अक्टूबर 2016।

संभागायुक्त से शिकायत, चुनाव कार्य में न पहुंचा सके बाधा
सामाजिक कार्यकर्ता अरुण कुमार सिंह ने हुजूर तहसील में लंबे समय से एक ही सर्किल में पदस्थ पटवारियों की शिकायत चुनाव आयोग के साथ ही संभागायुक्त महेन्द्र चंद्र चौधरी से की है। आवेदन देकर बताया कि एक ही तहसील व एक ही सर्किल में राजनीतिक पहुंच के दम पर पदस्थ हैं। अरुण ने मांग की है कि लंबे समय से पदस्थ पटवारियों को 20किमी से दूर पदस्थ किया जाए। जिससे चुनाव कार्य में बाधा न डाल सकें।

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