साक्षरता को लेकर जन की टूटी नींद, प्रौढ़ शिक्षा ने पूरी की उम्मीद

साक्षरता को लेकर जन की टूटी नींद, प्रौढ़ शिक्षा ने पूरी की उम्मीद

Ajit Shukla | Publish: Sep, 08 2018 09:21:04 PM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

महिलाओं ने भी दिखाई रुचि...

रीवा। बदलते समय के साथ साक्षरता को लेकर लोगों की नींद टूटी है। पढ़ाई के प्रति जन जागरूक हुआ है। साक्षरता के बढ़ते आंकड़े इस बात का गवाह हैं। निरक्षता से निजात पाने में प्रौढ़ शिक्षा लोगों के लिए सहायक बनी है। खासतौर पर महिलाएं को घर बैठे साक्षर होने का मौका मिला है।

जिले में साक्षरता 86 फीसदी तक पहुंच गई
प्रौढ़ शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो वर्तमान में पिछले एक दशक में साक्षरता बढक़र 86 फीसदी तक पहुंच गई है। वर्ष 2007-08 में जिले में कुल साक्षरता का प्रतिशत 69.2 रहा है। जबकि वर्तमान में कुल साक्षरता 86 प्रतिशत तक पहुंच गई है। शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक महिलाओं की साक्षरता में जबरदस्त इजाफा हुआ है। वर्ष 2007-08 में महिलाओं की साक्षरता 56.7 फीसदी रही है। जबकि वर्तमान में 80 फीसदी तक पहुंच गई है। पुरुष साक्षरता में करीब 11 फीसदी का इजाफा हुआ है। वर्तमान में पुरुष साक्षरता 91 फीसदी करीब बताई जा रही है।

आदिवासी क्षेत्र में अभी अभियान की जरूरत
साक्षरता को लेकर वैसे तो जिले में काफी सुधार है, लेकिन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पढ़ाई के प्रति लोगों में अभी और अलख जगाने की जरूरत है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मऊगंज, जवा व नईगढ़ी क्षेत्र के कुछ गांवों में साक्षरता का प्रतिशत काफी कम है। हनुमना के पिपराही, बीरादेही व जडक़ुड़ सहित अन्य क्षेत्रों में साक्षरता की दर काफी कम होने है। दूसरी ओर से हुजूर, सिरमौर, मनगवां व रायपुर कर्चुलियान में साक्षरता दर संतोषजनक 80 फीसदी से अधिक बताई जा रही है।

शिक्षित करने जारी रहेगा अभियान
साक्षर भारत योजना के तहत शुरू प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम 2013 से शुरू होकर 31 मार्च 2018 तक चली। उसके बाद कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया, लेकिन अभी शिक्षित करने का क्रम जारी रहेगा। प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी केपी तिवारी के मुताबिक सोमवार, 8 सितंबर से दूसरी नई योजना की घोषणा की जानी है। जल्द ही नए अभियान के तहत लोगों को घर में ही शिक्षित करने का अभियान शुरू होगा। अधिकारी के मुताबिक वह दिन दूर नहीं जब शत-प्रतिशत लोग साक्षर होंगे।

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