लोकसभा चुनाव : मध्यप्रदेश में मैदान में कूदी माकपा, इस सीट से घोषित किया प्रत्याशी

लोकसभा चुनाव : मध्यप्रदेश में मैदान में कूदी माकपा, इस सीट से घोषित किया प्रत्याशी

Manoj Kumar Singh | Publish: Mar, 17 2019 07:35:44 PM (IST) | Updated: Mar, 17 2019 07:35:45 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

रीवा लोकसभा से गिरिजेश सिंह को बनाया उम्मीदवार, अन्य दलों में ये प्रमुख दावेदार

 

रीवा. लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सभी प्रमुख दल उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में जुटे हैं। दावेदार भी टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं। भाजपा-कांग्रेस में टिकट के लिए दावेदारी के साथ ही खींचतान भी शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश में प्रमुख दल भाजपा, कांग्रेस के अलावा बसपा, सपा और वामदल भी तैयारी में जुटे हैं। माक्र्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी ने भी मध्यप्रदेश की एक सीट से चुनाव लडऩे की घोषणा की है। पार्टी ने रीवा लोकसभा से अपना प्रत्याशी उतारने का निर्णय किया है। पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने बताया कि माकपा मप्र में केवल एक सीट रीवा से ही चुनाव लड़ेगी।

जसविंदर सिंह ने कहा, विंध्य के वामपंथी नेता गिरिजेश सिंह सेंगर माकपा के उम्मीदवार होंगे। गिरिजेश छात्र जीवन से ही राजनीतिक तौर पर सक्रिय रहे हैं। भाजपा को हराने के लिए पार्टी द्वारा यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि रीवा में पार्टी की ओर से पूर्व सांसद यमुना प्रसाद शास्त्री के जमाने से संघर्ष किया जा रहा है। इस दौरान पार्टी द्वारा कई आंदोलनों का संचालन किया गया जिसमें गिरिजेश सेंगर की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है कि जिससे वैकल्पिक धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन में भूमिका निभाई जा सके। पार्टी पूरी ताकत से मैदान में रहेगी। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में रीवा जिले से वामदलों के विधायक बनते रहे हैं। माकपा के रामलखन शर्मा और भाकपा से विश्वंभर पांडेय विधायक बन चुके हैं।

अजय सिंह ने शुरू कर दिया दौरा

कांग्रेस ने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अपने बड़े नेताओं को संबंधित सीटों से चुनाव लडऩे के संकेत दे दिए हैं। विंध्य में दिग्गज नेता अजय सिंह अब सतना छोड़ सीधी से चुनाव लड़ सकते हैं। पहले वे सतना सीट के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन पार्टी से संकेत मिलने के बाद सीधी तैयारी भी शुरू कर दी है। 18 मार्च को सिंगरौली जिले के सुदा, चितरंगी के मिसिरगवां, बदकूड़, धानी में अजय सिंह की सभा है। गत शुक्रवार को प्रदेश की २९ सीटों पर टिकट तय करने के लिए कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में टिकटों पर चर्चा हुई थी। बताया जा रहा कि इसमें सुंदर लाल तिवारी के निधन के चलते रीवा से उनके बेटे सिद्धार्थ तिवारी और सतना से राजेंद्र सिंहके नाम पर सहमति बनी। वहीं भाजपा में मौजूदा सांसद जनार्दन मिश्रा और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव गौरव तिवारी का नाम चल रहा है। दोनों प्रमुख दलों में टिकट की दौड़ में कई अन्य नेता भी हैं, जो बड़े नेताओं के यहां दौड़ लगा रहे हैं।

इस तरह आता रहा है रीवा जिले का परिणाम

रीवा लोकसभा से मार्तण्ड सिंह तीन बार संसद पहुंचे। इसमें दो बार निर्दलीय एवं एक बार कांग्रेस से सांसद रहे। पहले नेत्रहीन सांसद यमुना प्रसाद शास्त्री भी यहीं से चुने गए। 1977 में नेत्रहीन यमुना प्रसाद शास्त्री भारतीय लोकदल से मैदान में उतरे और मार्तण्ड सिंह को हराकर सबको चौंका दिया। यमुना प्रसाद शास्त्री दो बार सांसद रहे। प्रदेश में बसपा ने भी यहीं से खाता खोला। 1991 में पहली बार प्रदेश में बसपा सांसद के रूप में भीम सिंह पटेल को जीत हासिल हुई। भीम सिंह न श्रीनिवास तिवारी को पराजित कर जीत हासिल की। यहां से भाजपा को सिर्फ तीन बार ही जीत हासिल हुई है। 2014 में भाजपा की ओर से जनार्दन मिश्रा मैदान में उतरे तो उनके सामने कांग्रेस से सुंदरलाल तिवारी और बसपा से सांसद रहे देवराज पटेल सामने थे। साधारण परिवार से आने वाले जनार्दन की सादगी को जनता ने पसंद किया और 1.68 लाख वोटों से जीत दिलाई।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned