बाबू के घर छापामारी में ऐसी सामग्री मिली कि चौंक गए लोकायुक्त के अधिकारी, यहां जानिए क्या मिला


जलसंसाधन विभाग के बाबू के यहां छापा, ढाई करोड़ रुपए से अधिक की प्रापर्टी मिली
- लोकायुक्त पुलिस ने सुबह पांच बजे से देर रात तक अमवा स्थित गांव में की कार्रवाई

रीवा। जलसंसाधन विभाग में पदस्थ एक बाबू के घर लोकायुक्त की टीम ने छापामार कार्रवाई की है। जिसमें बड़ी मात्रा में अनुपातहीन संपत्ति जब्त की गई है। सुबह पांच बजे से शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक चलती रही। जांच में कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे बड़े खुलासे होने का अनुमान है। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त एसपी राजेन्द्र वर्मा सहित करीब 35 से अधिक सदस्यों की टीम पहुंची थी। सुबह जैसे ही शहर के नजदीक अमवा गांव में जलसंसाधन विभाग के बाबू सहायक ग्रेड-2 अंगद प्रसाद शुक्ला के घर छापामारी की कार्रवाई प्रारंभ हुई, गांव में हड़कंप मच गया। लोग यह कार्रवाई देखने के लिए पहुंचने लगे थे। लोकायुक्त टीम के साथ मौजूद सशस्त्र पुलिस बल ने वहां से लोगों को हटाया। इधर कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बाबू के करीबियों में भी हड़कंप मच गया। रीवा शहर में उसके कई नजदीकियों ने तो अपने मकान में ताला लगा दिया और कहीं चले गए। बताया गया है कि अंगद प्रसाद शुक्ला जो त्योंथर नहर संभाग के कार्यपालन यंत्री सिरमौर कार्यालय में सहायक वर्ग दो के पद पर पदस्थ है। कुछ समय पहले ही आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की सूचना लोकायुक्त एसपी को मिली थी। जहां से शिकायत का परीक्षण करने के बाद छापामारी की गई है। आरोपी बाबू के घर से नकदी तो 50 हजार के करीब ही मिली है लेकिन बैंक खातों के साथ ही अन्य प्रापर्टी के डिटेल से पता चला है कि करीब 2.65 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति उसने अर्जित की थी। पैतृक गांव अमवा के साथ ही रीवा शहर और सतना एवं सीधी में भी प्रापर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। अब लोकायुक्त की पुलिस संबंधित स्थानों से दस्तावेजों का सत्यापन कराएगी। छापामार दल का नेतृत्व कर रहे लोकायुक्त के डीएसपी बीके पटेल ने बताया कि आरोपी बाबू अंगद प्रसाद शुक्ला के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 1&(1) बी सहपठित धारा 1&(2) एवं 120बी भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी की आयु 61 वर्ष है, वह इसी वर्ष मई महीने में सेवानिवृत्त भी होने वाला है।


- छह वाहनों में चार लाख से अधिक का खर्च किया ईंधन
आरोपी के घर से जांच के दौरान लोकायुक्त की टीम को दो बोलेरो जीप एवं चार दोपहिया वाहन मिले हैं। इनकी कीमत 17.66 लाख रुपए बताई गई है। इन वाहनों के मीटर रीडिंग के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने कहा है कि चार लाख रुपए से अधिक का व्यय डीजल एवं पेट्रोल में किया गया है। इन वाहनों की खरीदी के लिए आई राशि के संबंध में आरोपी के घर के लोगों ने अलग-अलग तर्क दिए हैं, जिस पर लोकायुक्त पुलिस ने कहा है कि इसकी अभी विस्तार से जांच की जा रही है। आरोपी पक्ष की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर उसका परीक्षण होगा।


- तीन जिलों में आठ प्लाट मिले
छापामारी के दौरान लोकायुक्त पुलिस को आरोपी द्वारा खरीदे गए आठ प्लाटों के दस्तावेज मिले हैं। ये प्लाट रीवा, सीधी और सतना में खरीदे गए हैं, जिनकी कीमत 46.41 लाख रुपए अनुमानित है। हालांकि यह कीमत बाजार दर पर नहीं है बल्कि जिस दर पर रजिस्ट्री हुई है, उसके अनुसार जोड़ा गया है। सभी आठ प्लाटों की कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है। इसके अलावा अमवा गांव में दो मंजिला मकान और एक मंदिर का निर्माण पाया गया है। इसकी कीमत करीब 62 लाख रुपए मानी जा रही है। रीवा शहर में रेलवे स्टेशन के पास करीब 55 लाख रुपए कीमत का मकान कुछ समय पहले ही खरीदा है।


- 40 बीमा पालिसी देख चौंक गए अधिकारी
जांच में आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर 40 से अधिक बीमा पॉलिसी मिली हैं। इतनी अधिक संख्या में बीमा पालिसी देखकर लोकायुक्त के अधिकारी भी चौंक गए। इनके दस्तावेजों का मिलान किया गया तो सभी ओरिजनल पाए गए हैं। इन बीमा पालिसी में करीब 9 लाख 4& हजार रुपए से अधिक की राशि जमा किए जाने की जानकारी मिली है। साथ ही आरोपी व परिवार के नाम से अलग अलग बैंकों के 1& पासबुक, 10 चेकबुक मिले हैं, जिसमें करीब 10 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा होने की बात सामने आई है।


- नौ लाख रुपए की घरेलू सामग्री हुई जब्त
पैतृक गांव अमवा में मकान में जांच के दौरान बड़ी संख्या में घरेलू सामग्री जब्त की गई है। जेबर और अन्य आभूषणों की कीमत 3.50 लाख रुपए अनुमानित है। इसके अलावा फर्नीचर एवं अन्य साजस"ाा की वस्तुओं की कीमत 8.98 लाख रुपए मानी गई है। पूरे दिन चली जांच में मिली सामग्री की कीमत 2.65 करोड़ रुपए अनुमानित की गई है। वहीं बाबू अंगद प्रसाद शुक्ला ने जांच अधिकारियों को जानकारी दी है कि तीन बेटियों और एक बेटे की पढ़ाई और विवाह में करीब 40 लाख रुपए से अधिक की राशि खर्च की गई है।
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जलसंसाधन विभाग के बाबू के यहां अनुपातहीन संपत्ति की सूचना मिलने पर छापामार कार्रवाई प्रारंभ हुई है। देर शाम तक चली जांच में करीब ढाई करोड़ से अधिक की प्रापर्टी की जानकारी मिली है। दूसरे जिलों में भी प्रापर्टी के दस्तावेज मिले हैं, सबका परीक्षण कर रहे हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण भी दर्ज कर लिया है।
राजेन्द्र वर्मा, एसपी लोकायुक्त रीवा

Mrigendra Singh Reporting
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