औद्योगिक क्षेत्र चोरहटा में उद्यमियों के लिए 22 करोड़ की योजना बेमानी, लापरवाह बने अफसर

एमपीआइडसी के अफसरो की नाक के नीचे 22 करोड़ की बिजली, पानी, सडक़ की योजना ढाई साल नहीं हो सकी पूरी

By: Rajesh Patel

Published: 28 Oct 2020, 08:22 AM IST

रीवा. औद्योगिक क्षेत्र चोरहटा में फैक्ट्रियों को मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारर्पोरेशन (एमपीआइडीसी) के जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते बिजली, पानी, सडक़ की 22.38 करोड़ की योजना पूरी नहीं हो सकी है। हैरानी की बात तो यह कि करीब ढाई साल से निर्माणाधीन हैं। औद्योगिक क्षेत्र में पानी की टंकी बनकर तैयार है। लेकिन, अभी तक फैक्ट्रियों को पानी की सप्लाई चालू नहीं हो सकी है। फैक्ट्री संचालकों ने कई बार एमपीआइडीसी के अफसरों का ध्यान आकृष्ट कराए। बावजूद इसके जिम्मेदार लापरवाह बने हैं।
उद्यमियों के लिए 22 करोड़ की योजना बेमानी
चोरहटा औद्योगिक क्षेत्र में चार साल 17 एकड़ से अधिक एरिया में अतिक्रमण हटाए जाने के बाद उद्यमियों का उद्योग स्थापित करने के लिए प्लाट आवंटित कर मूलभूत सुविधाएं विकसित करना के लिए 22 करोड़ रुपए से अधिक की योजना दो साल पहले चालू की गई। एमपीआइडीसी के अधिकारियों का दावा है कि निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रेकार्ड के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में पानी की सप्लाई के लिए पांच पंप के साथ ही 7 लाख लीटर क्षतमा की पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। टंकी बनकर तैयार हो गई है। लेकिन, पानी की सप्लाई अभी तक चालू नहीं हो सकी है। हैरानी की बात तो यह कि अभी तक फक्ट्रियों को कनेक्शन तक नहीं दिए गए हैं। स्ट्रीट लाइट लगाने के कुछ दिन बाद भी बुझ गई हैं। अधिकांश स्ट्रीट लाइट नहीं जल रहीं हैं। जिससे औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री संचालकों को दिक्कत हो रही है।
सडक़ों में दरार, कुछ माह बाद ही ढह गई नाली
औद्योगिक क्षेत्र में दो साल से निर्माधीन अधिकतर कार्य अभी भी अधूरे पड़े हैं। नाली का निर्माण जगह-जगह छोड़ दिया गया है। पानी की टंकी के एरिया में कइयो जगहों पर नाली ढह गई है। सडक़ का निर्माण भी आधा अधूरा है। कई जगहों पर सडक़ निर्माण के बाद दरक गई है। मुख्य सडक़ ही कई जगहों पर फट गई है।
खारा पानी से मुंह मोड़ रहे उद्यमी, योजना बेमानी
औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों के लिए लाखों रुपए की लागत से तैयार की गई पानी की टंकी बेमानी है। कई कंपनी संचालक कनेक्शन लेने से हाथ खड़ा कर दिया है। उद्यमियों के मुताबिक पानी खारा है। प्रारंभ में पानी की दिक्कत होने ज्यादातर ने बोर करा लिए हैं। अब विभाग खारा पानी की सप्लाई करने की तैयारी में है। अभी तक महज आठ से दस कनेक्शन हो सके हैं। जबकि 100 अधिक कनेक्शन करना है।
वर्जन...
प्रोजेक्ट करीब-करीब पूरा हो गया है। कनेक्शन देने का काम चल रहा है। हां यह बात सही है कि पानी खारा है। कनेक्शन पूरा होते ही पानी की सप्लाई जल्द ही चालू हो जाएगी।
अयोध्या सिंह, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, एमपीआइडीसी

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