रीवा में मंत्री को घेरने ये नेता होंगे मैदान में, इन वजहों से जीत का क्रम तोडऩे को तैयार

रीवा में मंत्री को घेरने ये नेता होंगे मैदान में, इन वजहों से जीत का क्रम तोडऩे को तैयार

Mrigendra Singh | Publish: Sep, 07 2018 12:54:01 PM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

लगातार तीन बार से हो रही भाजपा के राजेन्द्र शुक्ला की जीत, विपक्ष का आक्रोश बढ़ा सकता है मुश्किलें

 

रीवा। विधानसभा चुनाव की तिथियां घोषित होने में महीने भर से अधिक का समय अभी बाकी है लेकिन लड़ाके मैदान में उतरने के लिए तैयार हो रहे हैं। रीवा विधानसभा का चुनाव इस बार नए चेहरों की वजह से रोचक होने की संभावना है।
भाजपा की ओर से लगातार तीन बार जीत दर्ज करा चुके मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को घेरने करीब दो दर्जन नेता तैयारी कर रहे हैं। इसमें हर पेशे से जुड़े लोग सामने आ रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में करीब दर्जन भर दावेदार हैं जिसमें कई ऐसे चेहरे हंै जो मंत्री की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। लगातार जीत का अंतर बढ़ा रहे मंत्री भी इस बार चुनाव को लेकर टेंशन में हैं। उन पर विरोधियों ने आरोपों की लंबी फेहरिस्त बना रखी है। पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा निकटतम रही है। कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन की चल रही कयासें सहीं हुई तो भाजपा को इस बार कड़ी टक्टर से गुजरना होगा।

ये मुद्दे चुनाव के लिए होंगे अहम
लगातार तीन पंचवर्षीय से भाजपा सत्ता में है, परिवर्तन की लहर का असर। जिला न्यायालय भवन स्थानांतरण का मुद्दा, शहर की प्रमुख भूमियां बिल्डर्स को देना, नगर निगम परिसर में मवेशियों को दफनाया जाना, शहर पर फोकस रहा विकास ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी, सीवरेज प्रोजेक्ट से शहर की सड़कें खराब होना आदि प्रमुख मुद्दे चुनाव का प्रभावित करेंगे।
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इन दावेदारों के बीच रोचक मुकाबले में होगा चुनाव
भाजपा-
1-राजेन्द्र शुक्ला- तीन बार से लगातार विधायक और मंत्री हैं। शहर में किए गए विकास पर फिर जनता के बीच जाएंगे।
2- पूर्व महापौर वीरेन्द्र गुप्ता, शिवेन्द्र पटेल- शहर के मेयर रह चुके हैं, राजेन्द्र शुक्ला के बाद स्वयं को पार्टी का विकल्प मानते हैं।
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कांग्रेस
अभय मिश्रा- जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, कुछ महीने पहले ही भाजपा से कांग्रेस में आए। रीवा सीट में मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को हराने खुद को बड़ा विकल्प मानते हैं।
गुरमीत सिंह मंगू- शहर अध्यक्ष हैं और कमलनाथ के करीबी हैं, कई वर्षों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, संघर्षों के दम पर पार्टी से टिकट चाह रहे हैं।
कविता पाण्डेय- नगर निगम में नेता विपक्ष रही, महापौर के चुनाव में निकटतम निर्दलीय प्रत्याशी रहीं। महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष हैं। लोगों से संपर्क का फायदा उठाना चाह रही हैं।
राजेन्द्र शर्मा- पूर्व में चुनाव लड़ चुके हैं, श्रीनिवास तिवारी के करीबी रहे हैं, इस कारण मजबूती से दावेदारी कर रहे हैं।
जयंत खन्ना- ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी हैं, व्यापारियों पर पकड़ के चलते टिकट चाह रहे हैं।
विनोद शर्मा- यूथ कांग्रेस कोटे से रीवा से टिकट चाह रहे हैं, पीसीसी मेंबर हैं।
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बसपा
कृष्णकुमार गुप्ता- 2013 में प्रत्याशी थी और 23 हजार वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे। इस बार भी दावेदारी कर रहे हैं।
मनीष गुप्ता- शहर के बड़े व्यवसायी हैं, धार्मिक आयोजन करते रहते हैं। वैश्य समाज के नेता हैं। चुनाव लडऩा चाहते हैं।
नसीम अंसारी- पार्टी का मुस्लिम चेहरा हैं, 20 हजार अल्पसंख्यक वोटों पर नजर है।
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आम आदमी पार्टी- राजीव सिंह परिहार- लंबे समय से पार्टी से जुड़े हैं, संपर्क भी प्रारंभ कर दिया है।
गौरव वर्मा- जिला संयोजक हैं, इस नाते भाग्य अजमाना चाहते हैं।
समाजवादी पार्टी- अजय शुक्ला- जिला इकाई के अध्यक्ष हैं, लंबे समय से पार्टी को नेतृत्व कर रहे हैं। फिर से भाग्य आजमाना चाहते हैं।
वीरेन्द्र पटेल- शहर अध्यक्ष हैं, पार्षद भी रह चुके हैं, शहर में पार्टी का जाना पहचाना चेहरा है, टिकट की उम्मीद लगाए हैं।
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निर्दलीय-
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डेय, विजय मिश्रा, नागेन्द्र सिंह गहरवार, किसान नेता सुब्रतमणि त्रिपाठी, बीके माला, अनुपम तिवारी, महमूद खान, राजेन्द्र सिंह कटहा, हिमांशु शुक्ला और काव्या सिंह बघेल के नाम भी सामने आ रहे हैं। इस बार डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, युवा, व्यापारी सब चुनाव में भाग्य आजमाना चाह रहे हैं।
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क्षेत्र के लोगों की ऐसी है राय
जनप्रतिनिधि से अपेक्षा विकास के साथ लोगों से संवाद बनाने की होती है, नए लोगों को यह साबित करना पड़ेगा कि वह पहले वाले से किस कारण बेहतर हैं।
एसपी शुक्ला, रिटायर्ड आफिसर
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महिलाओं के लिए योजनाएं तो सरकार ने दी हैं, लेकिन सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है कि सड़क पर उसके साथ कोई घटना नहीं होगी। प्रत्याशी पर उसकी जीत निर्भर होगी।
अर्चना सिंह, गृहणी
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रोजगार के दावे चाहे भले किए गए हों लेकिन युवा अब भी परेशान हंै। योजनाओं के लिए दफ्तरों का चक्कर काटना पड़ रहा है। जो भी अगली सरकार में शामिल होना चाहता है उसे बताना होगा कि क्या बेहतर देंगे।
अंबर निगम, युवा कारोबारी
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रीवा- विधानसभा क्षेत्र में चुनाव का प्रदर्शन
वर्ष 2013- विजयी प्रत्याशी, राजेन्द्र शुक्ला भाजपा
प्राप्त मत- 61502
निकटतम प्रत्याशी- कृष्णकुमार गुप्ता, बसपा,
प्राप्त मत- 23956
मुजीब खान -- 20600
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राजेन्द्र शुक्ला के जीत का अंतर- 37546

 

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