खनिज कार्यालय में अफसरों की अनुपस्थिति में टेबल पर रखीं फाइलें खंगाल रहे खनिज कारोबारी

सवालों के घेरे में कार्यालय में रखे दस्तावेजों की सुरक्षा, कार्यालय परिसर से लेकर अफसरों की टेबल तक सक्रिल दलाल

By: Rajesh Patel

Updated: 03 Mar 2019, 12:18 PM IST

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IMAGE CREDIT: patrika

रीवा. जिला खनिज कार्यालय में अधिकारियों की टेबल से लेकर बाबुओं की आलमारी तक में रखीं फाइलों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। कार्यालय में अधिकारियों की अनुपस्थिति में खनिज कारोबारी फाइलें खंगाल रहे हैं। कार्यालय परिसर से लेकर अफसरों की टेबल तक दलाल सक्रिय हैं।

फाइल लेकर प्रभारी खनिज इंस्पेक्टर को ढूढं

खनिज कार्यालय में दोपहर 2.10 बजे खनिज इंस्पेटर आरती चौधरी और मानचित्रकार व प्रभारी खनिज इंस्पेक्टर ठाकुर वीर सिंह की कुर्सी खाली रही। इसी बीच टेबल पर रखीं दर्जनों फाइलों को कथित खनिज कारोबारी हनुमना तहसील क्षेत्र में पत्थर, पटिया और क्रशर प्लांट से जुड़ी फाइलों को उलट-पलट रहा था। वहीं लक्ष्मी स्टोन क्रशर के भंडारण के लिए फाइल लेकर प्रभारी खनिज इंस्पेक्टर को ढूढं रहा था। कुछ ही देर बाद एक अन्य कारोबारी फाइल लेकर टेबल पर पहुंचा। अलग-अलग फाइलों को खंगालने में मशगूल रहे। इस दौरान कार्यालय में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं रहा। कथित कारोबारी आपस में चर्चा कर रहे थे कि फाइलें टेबल पर ही रखीं है, लेकिन अधिकारी बता रहे कि फाइल नहीं मिल रही है। इसी तरह बाबुओं के आलामारी में कथित कारोबारी फाइलें खंगाल रहे थे।

फाइलों को लेकर चर्चा में व्यस्त रहे

हैरान करने वाली बात यह कि जिस समय कारोबारी फाइलें पलट रहे थे उस वक्त मानचित्रकार कार्यालय में खनिज अधिकारी से कुछ अन्य फाइलों को लेकर चर्चा में व्यस्त रहे। ये कहानी अकेले एक दिन की नहीं है, बल्कि हर रोज कार्यालय का ऐसा ही नजारा रहता है। खनिज इंस्पेक्टरों के टेबल पर रखी फाइलों को बेखौफ कथित खनिज कारोबारी खंगालते रहते हंै। कई आवदकों में इस बात को लेकर असंतोष है कि कार्यालय में रखीं फाइलों की गोपनीयता सुरक्षित नहीं है। फाइलों में रखे आश्वयक दस्तावेज कई बार गायब भी हो जाते हैं। अधिकारियों की अनदेखी के चलते फाइलों की सुरक्षा सवालों की घेरे में हैं।

नहीं मिल रहीं कई फाइलें
कार्यालय में रखीं कई फाइलें समय से नहीं मिल रही हैं। कुछ फाइलों को तो नए सिरे से तैयार कराया जा रहा है। कार्यालय में फाइलों के बेतरतीब रखरखाव के चलते भी फाइलें नहीं मिलने से आवेदक बैरंग लौट रहे हैं। जिले के अलग-अलग जगहों से आए आवेदकों ने बताया कि बाबू यह कहकर लौटा रहा है कि अभी फाइलों में इस्पेक्टरों की रिपोर्ट नहीं लगी है। कुछ को जवाब दिया कि अभी फाइल नहीं मिल रही है। खाली समय में आइए देखते हैं।

कार्यालय में माइनिंग प्लान बनाने वालों का दखल
खनिज कार्यालय में माइनिंग प्लान बनाने वाले निजी संस्थान के कर्मचारियों का दखल रहता है। जिससे आवेदन करने वालों को भी कार्यालय में दिक्कत होती है। दरअसल, अधिकारियों की अनुपस्थित में फाइल पलटने वालों को भी आवेदक कर्मचारी समझा बैठता है। जिससे आवदकों को भी परेशानी होती है। इतना ही नहीं कार्यालय परिसर से लेकर अफसरों की टेबल तक खनिज कारोबारियों के साथ माइनिंग प्लान तैयार करने के लिए 20 हजार रुपए से लेकर 40 हजार रुपए तक सौदा करेंगे। माइनिंग प्लान बनाने के लिए कोई फिक्स राशि नहीं है। कारोबारी की पर्सनाल्टी के आधार पर माइनिंग प्लान तैयार किए जा रहे हैं। कार्यालय के बाहर माइनिंग प्लान तैयार करने के बजट में अधिकारियों का हिस्सा भी फिक्स करते हैं।

वर्जन...
इस तरह का मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। हां, ये जरूर है कि कार्यालय में किसी भी कर्मचारियों की अनुपस्थित में टेबल पर रखीं फाइलों को नहीं पलटना चाहिए। अगर ऐसा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
रत्नेश दीक्षित, जिला खनिज अधिकारी

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Rajesh Patel Reporting
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