बारातघरों को अस्थाई लाइसेंस जारी करेगा निगम, शर्तें पूरी करने का मिलेगा अवसर

- आधा दर्जन बारातघरों को जारी किया गया अस्थाई लाइसेंस, 15 के आवेदनों का हो रहा परीक्षण

रीवा। शहर में चल रहे बारातघरों को शर्तों के अनुरूप नहीं होने पर बंद करने से पहले एक अवसर नगर निगम द्वारा दिया जा रहा है। जिसके तहत अस्थाई लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। अब तक करीब आधा दर्जन की संख्या में अस्थाई लाइसेंस जारी भी कर दिए गए हैं। इन्हें अवसर दिया गया है कि जो शर्तें लाइसेंस के लिए अनिवार्य हैं उनका पालन करने के बाद वह दावा पेश करें। जिसके बाद सत्यापन कराया जाएगा और शर्तों पर खरा उतरने पर ही स्थाई रूप से लाइसेंस जारी होगा। हाईकोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका पर नगर निगम को निर्देश मिला है कि बिना लाइसेंस बारातघरों का संचालन नहीं किया जाए। इसके लिए उज्जैन नगर निगम द्वारा जिन नियमों के तहत बारातघरों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, वह रीवा में भी लागू किए जाएं। इस निर्देश के तहत निगम आयुक्त ने शहर के सभी बारातघर संचालकों को नोटिस जारी कर कहा कि वह लाइसेंस के लिए आवेदन करें। इस बीच जिन संचालकों की ओर से आवेदन नहीं लगाया गया, उनके प्रतिष्ठान सीज करने की कार्रवाई भी शुरू की गई। करीब ३० की संख्या में बारातघरों को सीज भी किया जा चुका है। इनदिनों वैवाहिक कार्यक्रमों का सीजन होने की वजह से लोगों को परेशानी हो रही थी, जिसकी वजह से पहले तो सीज होने के बाद भी खोले गए लेकिन अब अस्थाई रूप से लाइसेंस जारी कर दिया गया है।


- दोबारा सत्यापन के बाद स्थाई लाइसेंस होगा जारी
नगर निगम ने जिन बारातघरों को अस्थाई लाइसेंस जारी किया है, यह उनकी ओर से किए गए दावें के आधार पर है। संचालकों ने कहा है कि जो कमियां लाइसेंस की शर्तों को पूरा करने में रह गई हैं, उन्हें वह जल्द ही पूरा करेंगे। निर्धारित की गई तिथियों के भीतर संचालकों को निगम में यह सूचना देनी होगी कि उनकी ओर से शर्तों का पालन किया जा रहा है। इसका नए सिरे से परीक्षण कराया जाएगा और यदि मानक में वह खरे उतरेंगे तो स्थाई लाइसेंस जारी होगा अन्यथा उन्हें सीज करने की कार्रवाई होगी।


- इन्हें दिया गया अस्थाई लाइसेंस
शहर के जिन बारातघरों को अस्थाई लाइसेंस जारी किया गया है, उसमें प्रमुख रूप से जलसा अमहिया, रायल पैलेस, संस्कृति ग्रीन बरा, उत्सव राजविलास कोठी, लक्ष्मीबाग रतहरा, प्रताप हेरिटेज नेहरू नगर आदि शामिल हैं। इनके अलावा १५ अन्य संचालकों ने भी अस्थाई लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, जिनका परीक्षण चल रहा है, एक-दो दिन के भीतर उन्हें भी लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। सबसे अधिक अड़चन बारातघरों में वाहन पार्किंग और सामने ४० फिट की सड़क की अनिवार्यता को लेकर आ रही है।


- अनुमति पत्र के लिए इन शर्तों का पालन करना होगा
- भवन क्षमता के अनुसार अग्रिशमन यंत्रों की व्यवस्था।
- महिला-पुरुषों के लिए पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था।
- परिसर में आने और जाने के दो रास्ते अनिवार्य होंगे, एक रास्ते वालों का आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
- सड़क की चौड़ाई न्यूनतम ४० फीट अनिवार्य है। सामुदायिक केन्द्रों के लिए यह चौड़ाई २० फीट की होगी।
- कचरा संधारण एवं गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था।
- बिजली, पानी तथा इमरजेंसी लाइट की पर्याप्त व्यवस्था।
- वाटर हार्वेस्टिंग की पर्याप्त व्यवस्था।
- भोजन बनाने वाले जगह की पर्याप्त व्यवस्था, पार्क, विद्युत कनेक्शन, जनरेटर, आतिशबाजी के स्थान का इंतजाम।
- वाहन पार्किंग व्यवस्था कुल क्षेत्रफल के कम से कम २५ प्रतिशत हिस्से में अनिवार्य।
- विवाह स्थल पर यातायात को बाधित होने से रोकने के लिए निर्धारित संख्या में सुरक्षा गार्ड।
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बारातघरों को अस्थाई लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं, शर्तों के अनुसार जो कमियां रह गई हैं, इसे पूरा करने के बाद स्थाई लाइसेंस दिया जाएगा। कोर्ट में सुनवाई भी होनी है, वहां से मिलने वाले नए निर्देशों के अनुसार कार्रवाई होगी।
अभिषेक सिंह, नोडल अधिकारी (बारातघर लाइसेंस)

Mrigendra Singh Reporting
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