Veterinary College : भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ी, पांच घंटे बाद पहुंची डॉक्टरों की टीम

Veterinary College : भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ी, पांच घंटे बाद पहुंची डॉक्टरों की टीम
Medical students sitting on hunger strike deteriorate

Rajesh Patel | Updated: 23 Sep 2019, 12:35:46 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

वेटनरी कालेज में 7वें दिन भी धरना जारी, वेटनरी कालेज में प्रशिक्षू छात्रों की हालत बिगडऩे की सूचना पर कलेज पहुंचा प्रशासन, आंदोलन खत्म करने दी समझाइस

Medical students sitting on hunger strike deteriorate
rajesh IMAGE CREDIT: patrika

रीवा. वेटनरी कालेज में प्रशिक्षू छात्रों की तबियत बिगडऩे पर अफसरों में हडकंप मच गया। भूख हड़ताल के तीसरे दिन सुबह चार छात्रों की तबियत खराब हो गई। जिसमें एक की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तबियत बिगडऩे में दो छात्राएं शामिल हैं।सूचना के पांच घंटे बाद जिम्मेदार जागे। दोपहर एसडीएम हुजूर फरहीन खान पुलिस फोर्स बल के साथ वेटनरी कालेज पहुंचीं और छात्रों को भूखहड़ताल खत्म करने की समझाइस दी। छात्र लंबित मांगों पर अड़े हुए हैं।

वेटनरी कालेज पहुंचीं एसडीएम ने दी समझाइस
वेटनरी कालेज में छात्र पिछले सात दिन से हड़ताल पर हैं। तीन दिन से आधा दर्जन छात्रों ने भूखहड़ताल शुरू कर दिया है।भूखहड़ताल करने वाले छात्र खुशी जैन, विनोद दांगी, विकलेश, मनीषा और रामेश रजोरिया की तबियत बिगड़ गई।रोमेश रजोरिया की हालत ज्यादा बिगडऩे पर जिला अस्पताल के इमर्जेंस वार्ड में रखा गया है।सूचना के पांच घंटे के बाद भी डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंचीं। इसके बाद छात्रों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी। एसडीएम हुजूर फरहीन खान और एसपी सिटी शिवेन्द्र ङ्क्षसह मौके पर पहुंचे। छात्रों को समझाइस दी। एसडीएम ने कहा आप की मांगों का ज्ञापन शासन और विभाग को भेज दिया गया है। जो भी कुछ होगा वह शासन से ही होगा। हड़ताल खत्म करिए।

इस लिए शुरू कर दी भूख हड़ताल
प्रदेश भर में 1671 स्वीकृत पदों को बढ़ाकर सात हजार करने और इंटर्नशिप के दौरान 4600 रुपए मिलने वाले मानदेय को 20 हजार रुपए करने की मांग शामिल है। पीजी के छात्र सुबह दस से सायं पांच बजे तक एवं अवकाश के दिन भी ड्यूटी करते हैं तो इसके लिए विशेष मानदेय देने की मांग शामिल है। वेटरनरी कालेज के छात्रों की सरकार से प्रमुख नाराजगी की एक वजह यह भी हैकि सरकार अब प्रदेश में मेडिकल कालेज की तर्ज पर वेटरनरी कालेज प्राइवेट खोलने की अनुमति देने की तैयारी कर रही है। छात्रों का कहना है कि सरकार वेटरनरी के डाक्टर तो अधिक संख्या में तैयार करवा देगी लेकिन उनके लिए रोजगार के संसाधन उपलब्ध नहीं कराने से परेशानी और बढ़ेगी। मेडिकल छात्रों की तरह वेटरनरी छात्रों के पास विकल्प कम रहेंगे।

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