मिनी स्मार्ट सिटी की प्रक्रिया में रीवा फिर पिछड़ा

मैहर, अमरकंटक और चित्रकूट के लिए प्रक्रिया प्रारंभ, शासन ने स्पेशल प्रोजेक्ट के लिए उपयंत्रियों की पदस्थापना की

By: Mrigendra Singh

Published: 07 Jun 2018, 11:35 AM IST

रीवा। शहर के व्यवस्थित विकास के लिए पहले स्मार्ट सिटी के सपने दिखाए गए जब उसमें नाकामी मिली तो सीएम ने कहा मायूष होने की जरूरत नहीं रीवा को मिनी स्मार्ट सिटी बनाएंगे। इसके लिए 12 शहरों को स्पेशल पैकेज देने की बात कही गई थी। कई बार भाषणों में भी जिक्र किया कि रीवा को मिनी स्मार्ट सिटी बनाएंगे। यहां के अधिकारियों की भोपाल में मीटिंग भी हुई जिसमें प्रारंभिक रूपरेखा बताई गई। इसके बाद से किसी तरह का शासन की ओर से पत्राचार निगम के साथ नहीं हुआ है।

दूसरे शहरों में नियुक्ति, रीवा में नहीं
हाल ही में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मिनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। इसमें रीवा का नाम शामिल नहीं है। विंध्य के तीन शहरों को इसमें शामिल किया गया है। मैहर, अमरकंटक और चित्रकूट में कार्ययोजना तैयार करने के लिए उपयंत्रियों की पदस्थापना की गई है। रीवा का नाम नहीं होने से इस बात पर बहस शुरू हो गई है कि जिस तरह से स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही गई थी उसी तरह मिनी स्मार्ट सिटी का भी हाल हो रहा है।

सीधी को भी मिनी स्मार्ट सिटी बनाने की कर गए घोषणा
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री सीधी दौरे पर आए तो उसे भी मिनी स्मार्ट सिटी बनाने का आश्वासन दे गए। इसी तरह की घोषणा सिंगरौली में भी की गई। मुख्यमंत्री के आश्वासनों से लग रहा था कि जल्द ही इस मामले में काम तेज होगा। अब एक बार फिर प्रक्रिया शुरू की गई है लेकिन रीवा को शामिल नहीं किए जाने से माना जा रहा है कि यह भी छूट सकता है।

न शासन ने कुछ मांगा और न निगम ने कुछ भेजा
मिनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पूर्व में नगर निगम के संसाधनों की जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद से न तो शासन की ओर से कोई पत्राचार किया गया और न ही नगर निगम प्रशासन ने कोई मार्गदर्शन मांगा। अमृत योजना के तहत मिलने मिले प्रोजेक्ट और मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास से शहर के भीतर कार्य कराए जा रहे हैं। हालांकि बीते कुछ वर्षों में रीवा का तेजी से विकास हुआ है, इसमें स्पेशल पैकेज मिलता तो और बेहतर बनाया जा सकता था।

सड़क नाली तक सीमित रह गया निगम
शहर के भीतर जो भी विकास कार्य हुए हैं वह स्पेशल प्रोजेक्ट के तहत ही हुए हैं। नगर निगम प्रशासन तो सड़क और नालियों के निर्माण तक ही सीमित रह गया है। अब भी शहर के भीतर बड़ा हिस्सा ऐसा है जहां पर सड़कें और नालियों की जरूरत है। पेयजल, स्वच्छता, अधोसंरचना के लिए केन्द्र और राज्य सरकार के अलग-अलग प्रोजेक्ट मिले हैं। कुछ कार्य तो पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत हो रहे हैं।

आयुक्त को नहीं पता प्रोजेक्ट की स्थिति
नगर निगम के आयुक्त आरपी सिंह को मिनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि रीवा के लिए स्पेशल इसमें क्या मिलेगा यह बता पाना मुश्किल है।

Mrigendra Singh Reporting
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