MPIDC का कार्यकारी संचालक चढ़ रहा दो-दो लग्जरी वाहन, कमिश्नर ने तलब की रिपोर्ट

मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डवलपमेंट कारपोर्रेशन (एमपीआइडीसी) कार्यालय में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है

By: Rajesh Patel

Published: 24 Aug 2020, 08:53 AM IST

रीवा. मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डवलपमेंट कारपोर्रेशन (एमपीआइडीसी) कार्यालय में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। कार्यकारी संचालक एपी सिंह दो-दो लग्जरी वाहनों का उपयोग रहे हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में प्लाट नियम-कायदे की अनदेखी कर चहेतों को आवंटित कर दिया है। संचालक के द्वारा उद्यमियों की ओर से कोरोना से जंग लडऩे के लिए की गई आर्थिक सहायाता में भी 80 हजार रुपए का घपला किया गया है। मामले में खुलासा कमिश्नर राजेश कुमार जैन की ओर से कार्यालय में पत्र भेजकर मांगे गए अभिलेखों में हुआ है।

कमिश्नर ने तलब की लॉगबुक
आरटीआइ कार्यकर्ता अरुण कुमार ङ्क्षसह ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सहित विभाग को पत्र देकर जांच कराए जाने की मांग उठाई है। मंत्री के पत्र पर कमिश्नर राजेश कुमार जैन ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दिया है। कमिश्नर ने रिपोर्ट तलब की है। कमिश्नर कार्यालय से एमपीआइडीसी कार्यालय भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इनोवा व स्कार्पियों वाहनों की जानकारी लॉगबुक के साथ उपलब्ध कराई जाए।

इंडस्ट्रियल एरिया में प्लाट आवंटन भी गड़बड़ी
कार्यकारी संचालक के कार्यालय में नियम-कायदे की अनदेखी कर प्लाट आवंटन में गड़बड़ी की गई है। चोरहटा उद्योग विहार में निविदा एवं निविदा के उपरांत प्लाट आवंटन कर दिए जाने के मामले में भी कमिश्नर ने रिपोर्ट मांगी है। आरटीआई कार्यकर्ता अरुण कुमार सिंह की शिकायत पर कमिश्नर ने जांच शुरू कर दी है। कमिश्नर ने पत्र भेजकर कार्यकारी संचालक से अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए 21 अगस्त तक डेडलाइन दी है। डेडलाइन बीतने के बाद भी अभी तक कमिश्नर के पत्र का जवाब नहीं दिया गया है।

नियम दरकिनार कर प्लांट का कर दिया आवंटन
कार्यकारी संचालक की मनमानी इस कदर है कि उद्योग बिहार चोरहटा में मेंस सेलार वायर प्राइवेट लिमिटेड के प्लाट की अपील की गई है। भोपाल में सुनवाई चल रही है। इसके बाद भी नियम-कायदे की अनदेखी कर प्लाट का आवंटन कर दिया गया है।

ऐसे समझे मनमानी
कमिश्नर की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार अश्वनी प्रताप ङ्क्षसह मूलत: महाप्रबंधक है। ग्रेड पे 6600 है। गाइड लाइन के तहत इस ग्रे पेड वाले अधिकारी को 5.50 लाख तक कीमत के वाहन का उपयोग किया जा सकता है। लेकिन, महाप्रबंधक के द्वारा लग्जरी दो वाहनों का प्रयोग किया जा रहा है। वाहन क्रमांक-एपी/१७सीबी००१३ (इनोवा), इसके अलावा स्कार्पियो। दोनों वाहनों का टैक्सी परमिट नहीं है।

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Rajesh Patel Reporting
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