बाणसागर का पानी लोनी बांध तक पहुंचाने का प्रोजेक्ट दो साल से अटका, राज्यसभा सांसद ने मुख्यमंत्री को लिखा ये पत्र

20 से अधिक गांवों को मिलनी है सिंचाई की सुविधा, भू अर्जन से जुड़ा कार्य लंबे समय से रुका

 


रीवा। बाणसागर बांध से आने वाले पानी का उपयोग रीवा जिले के त्योंथर अंचल के करीब दो दर्जन गांव नहीं कर पा रहे हैं। पूर्व में नहर का जो रूट तैयार किया गया था, उससे इन गांवों को छोड़ दिया गया था। लगातार उठ रही मांगों के बीच सरकार ने प्रभावित गांवों को प्रोजेक्ट से जोडऩे की स्वीकृति दी है। करीब दो वर्ष से इस नए प्रोजेक्ट पर कार्य नहीं हो रहा है। प्रशासनिक उदासीनता की वजह से संबंधित गांवों के लोगों को बाणसागर का पानी नहीं मिल पा रहा है।

रीवा की ओर से बीहर नदी होते हुए सिरमौर के टोंस हाइडल पावर प्लांट तक पानी जाता है। जहां पर बिजली उत्पादन के बाद यह पानी टमस नदी में छोड़ा जाता है। आगे इसी पानी को लिफ्ट परियोजना के माध्यम से फिर जवा अंचल के गांवों तक पहुंचाया जाता है।

जलसंसाधन विभाग ने त्योंथर जल बहाव परियोजना के तहत उन सभी गांवों तक पानी पहुंचाने की कार्ययोजना बनाई है। इसी के तहत सूती गांव में स्थित लोनी बांध में भी पानी पहुंचाना था। करीब दो दर्जन गांवों में इससे सिंचाई होगी। क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार मांग उठाई जा रही है। जिसके चलते नहर बनाने के लिए सर्वे का कार्य पहले ही हो चुका था। भू-अर्जन की कार्रवाई में मामला अटका हुआ है।


- राज्यसभा सांसद ने सीएम को लिखा पत्र
लोनी बांध तक बाणसागर का पानी पहुंचाने का मामला बीते साल राज्यसभा में सांसद राजमणि पटेल ने उठाया था। करीब एक वर्ष तक कोई कार्रवाई नहीं होने की वजह से अब उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि लोनी बांध तक पानी पहुंचाने के लिए जलसंसाधन विभाग की ओर से चार करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि ठेकेदार को दी गई है। इससे करीब तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल रकबे में सिंचाई होगी। सांसद ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि प्रोजेक्ट में जहां पर भी रुकावट हो, उसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर कार्य प्रारंभ कराएं, इससे किसानों को बड़ा लाभ होगा।


- मुआवजे का नहीं हो सका निर्धारण
करीब दो वर्ष से लोनी बांध तक नहर पहुंचाने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक किसानों को इसके मुआवजे का निर्धारण नहीं किया जा सका है। कुछ समय पहले गोंद कला, गोंद खुर्द, खटखरी खुर्द, खटखरी कला आदि गांवों को लोगों ने प्रदर्शन भी किया था और कई जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था।

एसडीएम कार्यालय में किसानों को मुआवजा वितरण करने की फाइल लंबे समय से पड़ी है। उस पर किसी तरह का प्रयास प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नहीं किया जा रहा है। जलसंसाधन विभाग का कहना है कि अवार्ड जुड़ा कार्य पूरा होने के बाद वह कार्य प्रारंभ करा देंगे। इसमें अभी मुख्य नहर का कार्य होगा, साथ ही माइनर और सबमाइनर नहरों का भी कार्य होना है। जिसमें गांवों तक पानी पहुंचाने में समय लग सकता है।
-------
लोनी बांध तक पानी पहुंचाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इस कार्य से करीब दो दर्जन गांवों को सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। इसलिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर यह कार्य पूरा कराएं ताकि किसानों को लाभ मिल सके।
राजमणि पटेल, राज्यसभा सांसद
----
प्रोजेक्ट की रूपरेखा तय है। अवार्ड पारित होना बाकी है, जैसे ही यह कार्य पूरा होगा तत्काल कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों के किसानों से संवाद चल रहा है, उन्हें भी बताया है कि भू-अर्जन से जुड़ी प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद नहरों का कार्य प्रारंभ होगा और उनके गांव तक पानी पहुंचाया जाएगा।
एसएम तिवारी, कार्यपालन यंत्री त्योंथर बहाव परियोजन

Mrigendra Singh
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned