नायब तहसीलदार ने भगाया, आमरण अनशन में पति -पत्नी

Lokmani shukla

Publish: Dec, 07 2017 12:53:51 (IST)

Rewa, Madhya Pradesh, India
नायब तहसीलदार ने भगाया, आमरण अनशन में पति -पत्नी

अधिकारियों ने दो दिन में निराकरण का आश्वासन दिया था,ठंड में रात तक कलेक्टर कार्यालय गेट के सामने बैठे पति -पत्नी

रीवा। बेघर पति-पत्नी न्याय के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे तो नायब तहसीलदार ने दुत्कार कर भागा दिया। इससे वह बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय से सामने ही आमरण अनशन पर बैठ गए। सुबह से शाम तक मांगों को लेकर पति-पत्नी गेट पर बैठे रहे। इस दौरान कलेक्टर से लेकर सभी अधिकारी गेट से गुजरे, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। आश्वासन केएक माह बाद नहीं हुई कार्रवाई।

अफसरों ने दिया था आश्वासन
मनगवां तहसील के दुअरा निवासी जमुना कोरी व उनकी पत्नी रेनू कोरी को अधिकारियों ने दो दिन में निराकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन एक माह बाद भी कुछ नहीं हुआ तो वह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। दंपति मनगंवा में खसरा नंबर 131 के भाग 0.20 एकड़ में पट्टा देने के लंबित मामले के निराकरण की मांग कर रहे हैं।

अब बेघर कर रहे
अनशन पर बैठे जमुना कोरी ने बताया कि पहले वह दुअरा में घर बनाकर रहते थे। प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान आवंटित हुआ। छत तक काम भी हो गया है, लेकिन द्वितीय किश्त अभी नहीं मिली है। वहीं, पुराना घर भी गिरा दिया है। दबंगों ने घर में घुसकर मारपीट की है।

पुलिस ने भी नहीं सुना
पति ने बताया कि उनके साथ के घर अंदर घुस कर मारपीट की घटना है। इस लेकर मारपीट करने वाले यज्ञनारायण अग्निहोत्री, हेमू अग्निहोत्री व रमेश पांडेय पर पुलिस में शिकायत की है लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसे लेकर वह पहले 2नवम्बर को कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठा था।

रात रैन बसेरा में लिया आश्रय
कलेक्ट्रेट कार्यालय में आमरण अनशन बैठे देर रात पति पत्नी की बात सुनने कोई भी अधिकारी नहीं है। इसके बाद वह कड़ाके की ठंड में रात तक कलेक्टर कार्यालय गेट के सामने बैठे है। इसके बाद रैन बसेरा में आश्रय लिया है। इसके बाद पुन: आमरण अनशन कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंच गए।

 

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