स्थापना के 57 वर्ष बाद इंजीनियरिंग कालेज ग्रेडिंग के लिए तैयार

- दो बार लगातार प्रयासों में कोरोना लॉकडाउन की वजह से रुक गया निरीक्षण
- एनबीए ने निरीक्षण के लिए जताई सहमति, 28 अगस्त से शुरू होगा निरीक्षण

By: Mrigendra Singh

Published: 12 Jul 2021, 09:49 PM IST


रीवा। शासकीय इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना के बाद से अब तक राष्ट्रीय स्तर पर ग्रेडिंग के लिए नाम शामिल नहीं हुआ। अब 57 वर्षों में पहली बार ग्रेडिंग के लिए रीवा का इंजीनियरिंग कालेज तैयार है। नेशनल बोर्ड आफ एक्रेडिटेशन(एनबीए) ने ग्रेडिंग की प्रतिस्पर्धा में इसे भी शामिल करने की सहमति जताई है।

इंजीनियरिंग कालेज प्रबंधन द्वारा दिए गए आवेदन को मान्य करते हुए यहां पर संसाधनों के सत्यापन के लिए तारीखों का भी ऐलान किया गया है। आगामी 28 एवं 29 अगस्त को कालेज कैम्पस के संसाधनों को परखा जाएगा कि यह राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में किस स्तर पर है।

बताया गया है कि इसके पहले प्रयास किया गया था लेकिन स्टाफ की कमी की वजह से प्रतिस्पर्धा में शामिल होने से रह गया था। बीते दो वर्षों से एनबीए ग्रेडिंग के हिसाब से कार्य कालेज में हुए हैं और निरीक्षण के लिए आवेदन दिया गया था।

वर्ष 2019 में की गई तैयारियों के बाद दिए गए आवेदन में वर्ष 2020 के शुरुआत महीने में ही निरीक्षण की संभावित तिथि निर्धारित की गई थी। लेकिन उसी दौरान कोरोना संक्रमण आया और सारी व्यवस्थाएं ठप हो गईं। कई महीने तक शिक्षण संस्थान बंद रहे, जिसके चलते एनबीए ने निरीक्षण का कार्यक्रम निरस्त कर दिया। इसके बाद फिर से तैयारियां की गईं और कोरोना की रफ्तार घटते ही फिर आवेदन किया गया।

इस बार भी तिथि निर्धारित होने के बाद कोरोना की रफ्तार बढ़ी और रीवा सहित देश के कई शहरों में एक साथ लॉकडाउन लगाया गया। अब धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य हुई हैं तो फिर इंजीनियरिंग कालेज ने आवेदन किया है। जिस पर अगस्त महीने के आखिरी सप्ताह में निरीक्षण के लिए टीम भेजने की सहमति दी गई है।
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30 सितंबर तक स्टाफ का संकट नहीं
इंजीनियरिंग कालेज में एनबीए ग्रेडिंग के लिए पर्याप्त संख्या में स्टाफ का होना जरूरी है। एक समय ऐसा आया था जब स्वीकृत प्राध्यापकों के 89 पद में महज 11 बचे थे। लगातार मांग उठती गई और पदस्थापना भी होती गई। वर्तमान में &0 नियमित प्राध्यापक यहां पर कार्य कर रहे हैं। साथ ही विश्व बैंक परियोजना के सहयोग से केन्द्र सरकार ने &5 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्तियां की हैं। इस तरह से पढ़ाने वालों की कुल संख्या 65 हो गई है। परियोजना के तहत नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को पहले तीन वर्ष के लिए नियुक्त किया गया था। बाद में इनकी अवधि छह-छह माह बढ़ाई जा रही है। बीते एक अप्रेल से छह माह के लिए इनका कार्यकाल बढ़ाया गया है। जिसके चलते यह 30 सितंबर तक सेवाएं देंगे। इसी दौरान कालेज प्रबंधन एनबीए निरीक्षण चाहता है ताकि स्टाफ का संकट रोड़ा नहीं बने।
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आनलाइन क्लास को भी मानने के लिए तैयार
सामान्य तौर एनबीए ग्रेडिंग का निरीक्षण उसी दौरान होता रहा है जब कक्षाएं संचालित हों। करीब डेढ़ वर्ष से कालेज में कक्षाएं नहीं लग रही हैं। आगामी महीने में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका है, इसलिए आने वाले दिनों में जल्द कालेज में कक्षाएं संचालित होने की संभावना भी कम है। ऐसे में कालेज प्रबंधन ने एनबीए से मांग की थी कि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आनलाइन कक्षाओं को माना जाए। इस पर एनबीए ने आनलाइन क्लास को मानने के लिए सहमति जताई है। निरीक्षण के लिए आने वाली टीम आनलाइन ही छात्रों से संवाद कर पढ़ाई के स्तर का पता लगाने का प्रयास करेगी।
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कालेज भवन का होगा रंगरोगन
ग्रेडिंग के लिए निरीक्षण की तारीख तय होने के बाद अब इंजीनियरिंग कालेज प्रबंधन ने तैयारी शुरू कर दी है। बीते साल की गई तैयारियों पर बारिश के बाद भवन का आकर्षण कुछ कम हुआ है। इसलिए अगस्त महीने में निरीक्षण के पहले नए सिरे से भवन का रंगरोगन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि रीवा के कालेज में संचालित चारों ब्रांचों का एक साथ निरीक्षण किया जाएगा।
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दो बार कोरोना की परिस्थितियों की वजह से एनबीए ग्रेडिंग के लिए निरीक्षण स्थगित हो चुका है। अब स्थितियां सामान्य हो रही हैं तो फिर से आवेदन किया है। 28 एवं 29 अगस्त की तारीख निरीक्षण के लिए तय हुई है। इसके लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई है।
डॉ. बीके अग्रवाल, प्राचार्य इंजीनियरिंग कालेज रीवा
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Mrigendra Singh Reporting
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