एनसीएल के 86 विद्यालयों में पानी की व्यवस्था नहीं, स्वच्छता सर्वेक्षण की बैठक में खुलासा

कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर ने जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित करने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण की समीक्षा की और दिल्ली से आने वाले वाली टीम को लेकर सजग किया

By: Rajesh Patel

Published: 23 Jul 2018, 11:55 AM IST

रीवा. कलेक्ट्रेट सभागार में रविवार को कलेक्टर ने जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित करने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण की समीक्षा की और दिल्ली से आने वाले वाली टीम को लेकर सजग किया। कलेक्टर प्रीति मैथिल ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्र के स्वच्छता सर्वेक्षण के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में एक अगस्त से ग्रामीण क्षेत्र की साफ-सफाई का सर्वेक्षण केन्द्रीय शासन के दल करेंगे। स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, धार्मिक स्थलों, हाट बाजार तथा प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में साफ-सफाई का जायजा लिया जाएगा। सभी गांवों में साफ-सफाई का अभियान चलाएं। सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेकने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करें।

साफ-सफाई का चलाएं अभियान
कलेक्टर ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी स्कूल भवनों की साफ-सफाई के लिए अभियान चलाएं। सभी स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के शौचालयों को साफ.-सुथरा एवं उपयोग करने लायक बनाएं। इनमें पानी की उचित व्यवस्था करें। स्कूल तथा आंगनवाड़ी के शौचालयों में यदि ताला बंद पाया गया तो संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शौचालयों की सफाई के लिए ग्राम पंचायतों के सहयोग से व्यवस्था करें। जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सभी पंचायतों के सार्वजनिक स्थलों तथा धार्मिक स्थलों को साफ.-सुथरा बनाएं। जन अभियान परिषद इस पूरे अभियान की मानीटरिंग तथा प्रतिदिन रिपोर्टिंग करें। कार्यपालन यंत्री पीएचई, एनसीएल द्वारा बनाए गए 86 स्कूलों के शौचालयों में पानी की व्यवस्था कराएं। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास आंगनवाड़ी केन्द्रों की सफाई पर विशेष ध्यान दें। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल ने स्वच्छता सर्वेक्षण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

मिल बांचे कार्यक्रम में कराएं पंजीयन
कलेक्टर ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सभी प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं में 7 अगस्त को मिल बांचे अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत कोई भी व्यक्ति स्कूल चले हम अभियान में ऑनलाइन पंजीयन कराके 7 अगस्त को स्वयं द्वारा चुनी गई शाला में बच्चों को पढ़ा सकता है। सभी अधिकारी इसके लिए अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं। सेवा निवृत्त कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को मिल बांचे अभियान में भागीदारी के लिए प्रेरित करें। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नयन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके शुक्ला, जिला समन्वयक फरहद जैब सहित सभी परियोजना अधिकारी, जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री, उपयंत्री, बीएमओ तथा बीईओ उपस्थित रहे।

Rajesh Patel Reporting
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