विंध्य के सबसे बड़े अस्पताल में नवजात की मौत बनी पहेली

सिर पर चोट के निशान देख परिजन हुए आक्रोशित, सात दिन पहले हुई थी ऑपरेशन से डिलेवरी, एसएनसीयू में भर्ती था नवजात

By: Dilip Patel

Published: 23 May 2018, 12:25 PM IST

रीवा। गांधी स्मारक चिकित्सालय में ऑपरेशन से जन्मे नवजात की मौत पहेली बन गई। उसके सिर पर चोट के निशान देख परिजनों के होश फाख्ता हो गए। वह समझ ही नहीं पा रहे कि नवजात के सिर पर चोट कब और कैसे लगी। डॉक्टर भी इस मामले में कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
सतना अमिलिकी निवासी सुमित्रा साकेत ने सात दिन पहले इस नवजात को ऑपरेशन से जन्म दिया था। गांधी स्मारक चिकित्सालय के गायनी विभाग के डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के तत्काल बाद नवजात को गंभीर बता कर स्पेशल न्यू बार्न केयर यूनिट में भर्ती कर दिया गया था। जहां मंगलवार दोपहर 11 बजे उपचार के दौरान नवजात की मौत हो गई। मौत के बाद नवजात को परिजनों को सौंपा गया तो उसके सिर पर चोट के निशान देखते ही महिलाएं चीख पड़ीं। परिजनों ने एसएनसीयू के डॉक्टरों से संपर्क कर जानने की कोशिश की तो सुरक्षा कर्मी ने उन्हें भगा दिया। नवजात को गोद में लिए महिलाएं पहले एसएनसीयू के बाहर, फिर अस्पताल के गेट पर विलाप करती रहीं। लेकिन शिशु रोग विभाग के डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा। परिजन चोट को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें शक है कि नवजात के साथ कोई अनहोनी हुई है तभी उसके सिर पर चोट आई। परिजनों का कहना है कि डिलेवरी के बाद नवजात को दिखाया भी नहीं गया था। उसकी हालत गंभीर बताते हुए सीधे एसएनसीयू भेज दिया गया था।
चोट देख अन्य परिजन भी घबराए
विलाप करते परिजनों की बात सुनकर भर्ती अन्य बच्चों के परिजन भी पास आ गए। नवजात के सिर पर चोट देखकर वे भी भयभीत हैं। अपने बच्चों को लेकर चिंतित है। एक परिजन ने बताया कि एसएनसीयू में बच्चों की रेखदेख में लापरवाही की जाती है। बच्चों की स्थिति कैसी है, यह तक डॉक्टर नहीं बताते हैं। पूछने पर डॉक्टर भड़क जाते हैं।
बेटे के जन्म की खुशियां हुई काफूर
साकेत परिवार में बेटे के जन्म की खुशियां काफूर हो गईं। बाहर नौकरी कर परिवार का लालन-पालन करने वाला पिता मंगलवार की सुबह ही अस्पताल पहुंचा था। एसएनसीयू में भर्ती बेटे को देखने की बड़ी इच्छा थी लेकिन किस्मत को ये मंजूर नहीं था। कुछ ही घंटों के बाद बेटे की मौत से वह बदहवास हो गया। उधर मां ऑपरेशन के बाद गायनी वार्ड में भर्ती है। वह इस हादसे से अंजान है।

Dilip Patel
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