विधानसभा : प्रदेश में नए जिले के लिए पहली वरीयता रखता है मऊगंज

विधायक सुखेन्द्र सिंह ने विधानसभा में कहा, वित्त मंत्री तैयार कराएं इसका प्रारूप

By: Mrigendra Singh

Published: 13 Mar 2018, 06:21 PM IST

रीवा. विधानसभा की कार्यवाही में सोमवार को भी रीवा का मामला छाया रहा। विधायकों ने जिले की समस्याओं को प्रमुखता के साथ उठाया। बजट पर चर्चा करते हुए मऊगंज के विधायक सुखेन्द्र सिंह ने कहा कि रीवा में करीब डेढ़ दशक से मऊगंज को जिला बनाए जाने का आंदोलन किया जा रहा है। जानकारी मिल रही है कि निवाड़ी को जिला बनाया जा रहा है। इस कारण सदन को अवगत कराना चाहता हूं कि प्रदेश में जिला बनाए जाने के लिए कोई भी क्षेत्र पहला स्थान रखता है तो वह मऊगंज है। उन्होंने वित्त मंत्री से मांग उठाई है कि मऊगंज को जिला बनाए जाने के लिए प्रारूप तैयार कराएं। विधायक ने इसके अलावा अपने विधानसभा क्षेत्र में पेयजल की समस्या का मामला उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में भारी समस्या है। वहीं सिविल अस्पताल के बारे में कहा कि सरकार केवल आश्वासन से काम चला रही है। किसानों की समस्याओं का भी इस बीच उन्होंने उल्लेख किया।

किसानों को उद्यानिकी की योजना का नहीं मिल रहा लाभ
मनगवां विधायक शीला त्यागी ने उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का किसानों को दिए जाने वाले लाभ की जानकारी मांगी थी। इस पर मंत्री द्वारा दिए गए जवाब से वह संतुष्ट नहीं हुई और कहा कि विभाग के अधिकारी मनमानी रूप से काम करते हैं। कुशल और अकुशल श्रमिकों के नाम पर भी मनमानी चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीबों, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के हितों के लिए काम नहीं कर रही है।

डीईओ का मांगा पूरा चिट्ठा, हटाने के जवाब पर हुए संतुष्ट
सतना विधायक शंकरलाल तिवारी ने रीवा के जिला शिक्षा अधिकारी रहे बृजेश मिश्रा की पदस्थापना से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी। 2005 से अब तक अलग-अलग समय पर वह डीईओ रहे, इस दौरान आई शिकायतों का ब्यौरा मांगा था। साथ ही पूछा था कि निलंबन जैसी कार्रवाई भी हुई या नहीं। मंत्री विजय शाह ने जवाब दिया कि वर्ष 2016 में निलंबित कर विभागीय जांच कराई गई तो आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। वर्तमान में बृजेश मिश्रा को हटाकर अंजनी कुमार त्रिपाठी को पदस्थ किया गया है। वह 15 फरवरी से कार्यभार ले चुके हैं। जिस तरह का विधायक ने सवाल किया था, माना जा रहा था कि पूरक प्रश्न भी उसी तरह करेंगे लेकिन उन्होंने कहा कि सरकार की इस जानकारी से वह संतुष्ट हैं। मंत्री को धन्यवाद देते हुए वह बैठ गए।

राज्य बीमारी सहायता का गरीबों को नहीं मिल रहा लाभ
गुढ़ विधायक सुंदरलाल तिवारी ने राज्य बीमारी सहायता योजना का गरीबों को सही लाभ नहीं मिलने का मामला ध्यानाकर्षण में उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम होता है लेकिन उसका लाभ नहीं दिया जा रहा है। मंत्री रुस्तम सिंह ने जवाब दिया है कि 25 वर्ष से कम आयु के परिवार के सदस्यों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के सभी सदस्य इसके पात्र होते हैं। इस पर विधायक तिवारी ने मंत्री से पूछा कि ऐसे बच्चों की आयु जो अविवाहित स्थिति में 25 वर्ष पार कर गए हैं उन्हें लाभ नहीं दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय विभाग ने यह व्यवस्था बनाई है। जो इस क्राइटेरिया में नहीं आते उनके लिए दूसरी व्यवस्था की गई है। इस मामले में दोनों पक्षों के कई विधायकों की आपस में नोकझोक भी हुई। आखिर तक विधायक सुंदरलाल तिवारी शांत नहीं हुए।

Mrigendra Singh Reporting
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