नहीं हो रहा परिवहन, खरीदी केंद्रों पर डंप है लाखों क्विंटल गेहूं

नहीं हो रहा परिवहन, खरीदी केंद्रों पर डंप है लाखों क्विंटल गेहूं
Not being transported, dumps at the centers are millions quintal wheat

Mahesh Kumar Singh | Publish: May, 18 2019 08:09:10 PM (IST) | Updated: May, 18 2019 08:09:11 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

बारिश हुई तो खराब हो जाएगा अनाज, विभाग गंभीर नहीं


रीवा. जिले के गेहूं उपार्जन केंद्रों में हालात खराब दिख रहे हैं। जहां एक तरफ खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था है वहीं ट्रांसपोर्टर की मनमानी और लापरवाही के चलते खरीदी केंद्रों पर लाखों क्विंटल गेहूं डंप पड़ा हुआ। बारिस होने पर खुले में रखा गेहूं भींगकर सडऩे लगेगा और फिर उसका जिम्मेदार खरीदी केंद्रों और समितियों के साथ किसानों को बना दिया जाएगा। वहीं विपणन संघ उस बारिश से खराब हुआ गेहूं को लेने से मना कर देगा तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन होगा।


जानकारी दी गई है कि उपार्जित गेहूं के उठाव को लेकर समस्या लगभग जिले के हर ब्लॉक में है। इनमें गंगेव, जवा, त्योंथर, सिरमौर, हनुमना, नईगढ़ी, रायपुर कर्चुलियान और सेमरिया आदि केन्द्रों पर गेहूं डंप है। लेकिन विभाग द्वारा परिवहन नहीं कराया जा रहा है।

ब्लॉक के खरीदी केंद्रों में नष्ट हो रहा गेहूं
गंगेव ब्लॉक अन्तर्गत आने वाले दर्जनों खरीदी केंद्रों में उपार्जित गेहूं खराब हो रहा है। कई खरीदी केंद्र तो ऐसे हैं जहां पर गेहूं खेतों में पड़ा है। केंद्र प्रबंधकों द्वारा बताया गया कि गेहूं को दीमक खाने लगे हैं जिसको बाद में विपणन संघ द्वारा रिजेक्ट कर दिया जाता है। केंद्र प्रबंधकों ने बताया कि ट्रांसपोर्टर की मनमानी के चलते उठाव नहीं हो रहा है। गंगेव ब्लॉक के बांस, हिनौती, लौरी मंडी, लालगांव, देवास आदि खरीदी केंद्रों एवं नईगढ़ी के कोट खरीदी केंद्र में हजारों क्विंटल गेहूं खेत में रखा है जो खराब हो जाएगा।

बांस केंद्र में 15 ट्रक गेहूं एक सप्ताह से खुले में पड़ा है। जिसके विषय में रेडी टू ट्रांसपोर्ट सॉफ्टवेयर में जानकारी भेज दी गयी है लेकिन अभी तक गेहूं का उठाव नहीं किया गया। कोट, लालगांव, देवास और लौरी गढ़ की भी जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। यदि मौसम खराब हुआ तो हम व्यवस्थाएं न बना पाएंगे।
-महेंद्र त्रिपाठी, समिति प्रबंधक बांस

हिनौती खरीदी केंद्र बड़ा खरीदी केंद्र है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बारदाने नहीं आने से समस्या हो रही है। बारदानों का अभाव रहता है जिससे किसानों को दो से तीन दिन धूप में परेशान होना पड़ रहा है। प्रशासन, ट्रांसपोर्टर और बारदाने की तरफ ध्यान दे।
-राजेन्द्र सिंह समिति प्रबंधक हिनौती

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