कार्यालय से गायब 90 फीसदी संविदा अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस, मांगों पर अड़े आंदोलित कर्मचारी

जिला पंचायत सीईओ ने जिला एवं जनपद पंचायत कार्यालय में अनुपस्थित रहने वाले संविदा कर्मचारियों की मांगी जानकारी

By: Rajesh Patel

Published: 23 Mar 2018, 05:54 PM IST

notice to employees, 90 contractual officers missing from office
rajesh patel IMAGE CREDIT: patrika

रीवा. नियमितीकरण की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलित मध्य प्रदेश संविदा अधिकारी-कर्मचारियों को सरकार नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पिछले कई दिन से कार्यालय छोड़ कर आंदोलन कर रहे हैं। शासन के निर्देश पर जिला स्तर पर प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को जिला पंचायत कार्यालय से लेकर जनपद स्तर पर गायब रहने वाले संविदा अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही कई अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर जिला पंचायत के कर्मचारी सभी जनपदों से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की जानकारी मांगी है।
अनुपस्थित कर्मचारियों की लिस्ट तैयार
जिला पंचायत कार्यालय से लेकर जनपद कार्यालय और लोक सेवा प्रबंधन के कार्यालय की जांच की गई। शुक्रवार को जांच के दौरान ९० फीसदी संविदा कर्मचारी गायब मिले। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यालय से गायब रहने वाले 90 फीसदी से ज्यादा संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी गायब मिले। गायब रहने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है। सीईओ के निर्देश पर जनपद कार्यालय से गायब रहने वाले मनरेगा सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का प्रस्ताव जिला पंचायत कार्यालय भेजा गया है। अनुपसिथत कर्मचारियों की लिस्ट तैयार कर ली गई है।
मांग पर अड़े ज्यादातर कर्मचारी
नियमतीकरण की मांग को लेकर संविदा अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय से आंदोलिनत हैं। भोपाल में प्रदर्शन के बाद लौटे कर्मचारी २२ मार्च से कलेक्टर कार्यालय के सामने फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर कुछ कर्मचारी काम शुरू कर दिया है। जबकि ज्यादातर कर्मचारी मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलित कर्मचारियों की मांग है कि वर्ष 2013 में सरकार ने जो घोषण की है उसी नियम के तहत संविदा कर्मचारियों को नियमित करे और निकाले गए स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों को वापस काम पर ले आए।
जिले में 500 कर्मचारी आंदोलित
नियमतीकरण की मांग को लेकर विभिन्न विभागों के लगभग 2000 कर्मचारी हड़ताल के समर्थन में हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों को मिलाकर करीब 500 कर्मचारी कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अंजनी पांडेय ने कहा कि अफसरों को सूचना देने के बाद कर्मचारी संघ के आह्वान पर सामूहिकरूप से हड़ताल पर सरकार की नोटिस का जवाब देंगे। कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन के दौरान संदीप शुक्ला, योगेन्द्र पांडेय, प्रीति सहित सैकड़ो की संख्या में संविदा अधिकारी-कर्मचारी आंदोलित हैं।
राज्य कर्मचारी संघ का समर्थन
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने संविदा कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराते हुए समर्थन किया है। अध्यक्ष ने कहा कि नियमित और संविदा अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में बराबर काम करते हैं। इस लिए समान वेतन और समान सुविधाएं दी जानी चाहिए। सरकार कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। सांसद और विधायकों की तनख्वाह तो सदन में लाकर बढ़ा लेते हैं, लेकिन फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों को समान वेतन नहीं दिया जा रहा है।

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