रीवा में सामूहिक अवकाश पर 600 नर्सेस, संविदा कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा

संजय गांधी अस्पताल में 350 स्टाफ नर्सेस समेत जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में रेगुलर नर्सेस ने नहीं किया काम, एसजीएच में जूडॉ, परिवीक्षावधि, कोविड की अस्थाई नर्सो ने वार्ड में वितरण की दवाएं, लगाए इंजेक्शन

By: Rajesh Patel

Published: 29 Jun 2021, 11:24 AM IST

रीवा. विंध्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल संजय गांधी और जिला अस्पताल समेत सीएचसी-पीएचसी केन्द्रों पर सोमवार की सुबह से ही स्टाफ नर्स सामूहिक अवकाश पर चली गईं। सरकारी अस्प्तालों में रेगुलर नर्सेस के अवकाश पर जाने पर परिवीक्षावधि, संविदा और कोविद का काम देख रहीं नर्सेस को लगाकर जैसे-तैसे वार्ड में जिससे वार्ड में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था बेपटरी हो गई। जीएमएच, एसजीएमएच, जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुबह आठ बजे मिलने वाली दवाएं दस बजे दी गईं। संजय गांधी अस्पताल के कई वार्ड में जूडॉ ने दवाएं वितरण के साथ इंजेक्शन देने के लिए मोर्चा संभाला। मेडिकल कालेज के डीन डॉ. मनोज इंदुलकर ने अस्पताल में रात्रि ड्यूटी के लिए निजी कॉलेजों की नर्सेस छात्रों को बुलाकर व्यवस्था सौंपी है।

संविदा कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा
नर्सेस एसोसिएशन मध्य प्रदेश के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ही जिले की नर्सेस सुबह आठ बजे ही सामूहिक अवकाश पर चली गईं। संजय गांधी में 350 नर्सेस के नहीं आने से वार्ड से लेकर वार्ड तक व्यवस्था चरमरा गई। अस्पताल प्रबंधन ने पूर्व सूचना पर तैयारी कर ली थी। संजय गांधी अस्पताल में परिवीक्षावधि में 30, सुपर स्पेशलिटी में 93 नर्सेस के साथ ही प्राइवेट कालेज की नर्सिंग छात्राओं की ड्यूटी लगाई। संजय गांधी अस्पताल में करीब 600 मरीज विभिन्न वार्ड में भर्ती है। रेगुलर नर्सेस वार्ड में रात्रि सेवाएं देने के बाद सुबह आठ बजे चली गईं।
ड्यूटी रूम में बैठे रहे डीन
अस्थाई व्यवस्था के लिए नर्सेस की लगाई की ड्यूटी थी। सुबह समय से नहीं पहुंची तो मेडिकल कालेज के डीन डॉ. मनोज इंदुलकर और अधीक्षक डॉ. शशिधर गर्ग अस्पताल में राउंड लेने के दौरान ड्यूटी रूम में पहुंच गए। यहां पर परिवीक्षावधि में सुपर स्पेशलिटी और एसजीएम को मिलाकर 120 से अधिक नर्सेस की ड्यूटी लगाई गई। अधीक्षक के मुताबिक रात्रि सेवा के लिए प्राइवेट कालेज की नर्सिंग छात्राओं की भी ड्यूटी लगाई गई। जैसे-जैसे वार्ड में मरीजों को दवाएं वितरण की गई।

जूडॉ ने लगाए इंजेक्शन, बांटी दवाएं
जीएमएच, एसजीएमएच के वार्डों में भर्ती मरीजों को सुबह निर्धारित समय पर दवाएं, इंजेक्शन नहीं मिली तो परिवीक्षावधि नर्सेस के साथ जूनियर डॉक्टरों ने वार्ड में दवाएं वितरण करने के साथ ही इंजेक्शन लगाए। हड्डी रोग विभाग में पिछले तीन दिन से जूनियर डॉक्टर चिंरजीव मिश्रा ने मोर्चा संभाला। इसके साथ ही अन्य वार्ड में अस्थाई व्यस्था में जूनियर डॉक्टर सहयोग के लिए आगे आए।

दवा वितरण की व्यवस्था बेपटरी, जद्दो-जहद करते रहे मरीज-तीमारदार
संजय गांधी अस्पताल की ओपीडी में नर्सिंग अस्स्टिेंड के नहीं होने से दवा काउंटर पर वितरण की व्यवस्था चरमरा गई। एसजीएमच के ओपीडी में दवा वितरण के छह काउंटर बनाए गए हैं। लेकिन, स्वास्थ्य कर्मचारियों के नहीं होने से दो ही काउंटर खुले। सुबह ओपीडी के बाद जैसे ही दवा काउंटर की ओर मरीजों की भीड़ बढ़ी कि वहां पर अफरा-तफरी मच गई। दवा के लिए तीमारदार ओर मरीज जद्दो-जहद कर रहे थे। मउगंज से आए बुजुर्ग भीड़ में नीचे गिए गए। बाद में कतार में खड़े लोगों ने ही उन्हें बाहर निकाला। भीड़ की सूचना पर अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद तैसे-तैसे व्यवस्था संभाली गई। इसके अलाावा एक सुपर स्पेशलिटी और एक कैजुवलटी के दवा काउंटर को दवा वितरण के लिए चालू किया गया।

मैटन ऑफिस में ड्यूटी लगाने बैठे रहे डीन व अधीक्षक
संजय गांधी अस्पताल के वार्ड से लेकर दवा काउंटर तक व्यवस्था गड़बड़ाने की सूचना पर पहुंचे मेडिकल कालेज के डीन डॉ मनोज इंदुलकर और अधीक्षक डॉ शशिधर गर्ग मैटन ऑफिस में पहुंचकर ड्यूटी लगाई। रात्रि सेवा के लिए प्राइवेट कालेज की नर्सिंग छात्राओं को बुलाया गया।

nurses :  600 nurses on mass leave in Rewa, contract employees took
rajesh patel IMAGE CREDIT: patrika
nurses :  600 nurses on mass leave in Rewa, contract employees took
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Rajesh Patel Reporting
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