स्कूलों की जमीन पर भूमाफियों की नजर एक्सीलेंस सहित 46 शासकीय स्कूलों की जमीन पर कब्जा

सरकार के एंटी माफिया अभियान में स्कूल की जमीनों पर कब्जा नहीं हटाया जा रहा है। स्थिति यह है कलेक्टे्रट से लगे जिला एक्सीलेंस विद्यालय की जमीन से कब्जा नहीं हट पाया है। इस तरह 46 हायर सेकेंडरी व हाईस्कूलों की जमीन भूमाफियों ने हड़प ली है। इसमें कहीं दुकानें तो कहीं घर बने गए है। संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों ने तहसील मेंं आवेदन दिया है। लेकिन उसपर कार्रवाई तो दूर की बात रही तहसीलदार मौके पर भी नहीं पहुंचे है।

रीवा। सरकार के एंटी माफिया अभियान में स्कूल की जमीनों पर कब्जा नहीं हटाया जा रहा है। स्थिति यह है कलेक्टे्रट से लगे जिला एक्सीलेंस विद्यालय की जमीन से कब्जा नहीं हट पाया है। इस तरह 46 हायर सेकेंडरी व हाईस्कूलों की जमीन भूमाफियों ने हड़प ली है। इसमें कहीं दुकानें तो कहीं घर बने गए है। संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों ने तहसील मेंं आवेदन दिया है। लेकिन उसपर कार्रवाई तो दूर की बात रही तहसीलदार मौके पर भी नहीं पहुंचे है। इतना ही थानों में मुकदमा कायम करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में प्राचार्यों ने शिक्षा विभाग को लिखकर अपनी औपचारिकता पूरी कर ली है।

सरकारी जमीनों पर लगातार बढ़ते कब्जा को लेकर सरकार ने एंटी माफिया अभियान चलाया है। बावजूद इसके शासकीय स्कूलोंं की जमीनों का कब्जा नहीं हट रहा है। हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी स्तर के विद्यालयों में रिक्त पड़ी जमीन पर कब्जा होने के बाद अब विद्यालयों का विकास प्रभावित हो रहा है। बच्चों को खेदकूद की गतिविधियों के लिए मैदान तो दूर की रही है, अब शाला भवनों के विकास के लिए जमीन नहीं बची है। इस संबंध में कई बार प्राचार्य पत्राचार कर चुके हैं लेकिन इसके बावजूद स्कूलों से अतिक्रमण नहीं हटा है।

बताया जा रहा है कि 46 विद्यालयों में जो जमीन अधिग्रहण की गई है, उसका कुल रकवा दस एकड़ तक पहुंच रहा है। नगरीय निकायों के अंदर संचालित इन स्कूलों की जमीन महंगी है जिससे उसपर अतिक्रमण किया जा रहा है।

कहीं दानदता तो कही ग्रामीण-
इन स्कूलों जमीन पर कहीं तो दानदाताओं ने जमीन देने के बाद वापस अतिक्रमण कर लिया है। तो कही आसपास के स्थानीय लोगों ने स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है। वहीं व्यवसायिक स्थल के आसपास जो जमीन बची थी उसमें व्यवसाइयों ने भी अतिक्रमण कर लिया। इसमें प्राचार्य व शिक्षकों ने विरोध किया तो उन्हें जाने से मारने की धमकी देकर चुप्प कर दिया जाता है।

इनकी है जिम्मेदारी-
हाईस्कूल व हायरसेकेंडरी विद्यालयों में जमीन की मॉनीटरिंग करने व उस जमीन से अतिक्रमण हटाने की जबावदारी प्राचार्य के बाद विकास खंड शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित तहसीलदार की थी। लेकिन स्कूलों की जमीन पर अतिक्रमण होता रहा और इन दोनों ने अतिक्रमण हटाने के लेकर कोई प्रयास ही नहीं किए।

इन विद्यालयों की जमीन पर है कब्जा-
तहसील मनगंवा -शासकीय हाई स्कूल बांस, शा. मा. विद्यालय गढ़, हाई स्कूल कठेरी, शा. हाई स्कूल टिकुरी, शा. बालिका छात्रावास गंगेव।
तहसील नईगढ़ी -शासकीय हाई स्कूल जुड़मनियां, शा. हाई स्कूल रामपुर, शा. हाई स्कूल जोरौट
तहसील जवा-शासकीय हाई स्कूल कोटवा, हाई स्कूल चौखड़ी, शा. उ.मा. पहिलपार, उत्कृष्ट उमावि सितलहा, शा. हाई स्कूल घुसरुम, शा. उमावि भनिगवां, शा.उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डभौरा, शासकीय हाई स्कूल जमुई।
तहसील त्योंथर -शासकीय उमावि कटरा, शाउमावि चाकघाट
तहसील गुढ़-शासीय हाई स्कूल बरसैता, शाउमावि अजान गगहरा, शाउमावि बालक गुढ़, शा. हाई स्कूल पूर्वा, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सागरा, शाउमावि कन्या गुढ़
तहसील रीवा -शासकीय उत्कृष्ट मार्तंड क्रमांक 01, शासकीय हाईस्कूल मड़वा, शा पुष्पराज शाउमावि गोविंदगढ़, शाउमावि रहट,शाउमावि भोलगढ़, हाई स्कूल सुमेदा, शा. कन्या स्कूल सुमेदा, हाई स्कूल भुंडहा।
हनुमना-शाउमावि खटखरी, शाउमावि बराव, शासकीय हाईस्कूल पाती मिश्रान, शाउमावि बराव, शासकीये हाई स्कूल कन्या गौरी।
तहसील सिरमौर- शाउमावि मझियार, शासहीय स्कूल पडऱी
तहसील मऊगंज-पुष्पराज उमवि खुटहा, शा. आर्दश पूर्व माध्यमिक उत्कृष्ट मऊगंज, शाउमावि मऊगंज, शाउमावि कन्या, हाई स्कूल पटपरा
तहसील ररापपुर कर्चुलियान- शाउमावि तमरा देश

राजस्व अधिकारियों को लिखा है पत्र
हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी में 46 विद्यालयों की जमीन पर कब्जा है। इस संबंध में प्राचार्य ने जानकारी दी है। जिससे संबंधित तहसील के राज्स्व अधिकारियों को को लिखा गया है।
आरएन पटेल, डीईओ

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