जानिए, सरकारी जमीनों पर कैसे अतिक्रमण करा रहे अफसर, 500 एकड़ से ज्यादा जमीन पर कारोबारियों का कब्जा

जिले में आला अफसरों की अनदेखी के चलते 500 एकड़ से ज्यादा सरकारी सहित निजी जमीनों पर अतिक्रमण हो गया

By: Rajesh Patel

Published: 13 Mar 2018, 10:36 PM IST

रीवा. जिले में आला अफसरों की अनदेखी के चलते 500 एकड़ से ज्यादा सरकारी सहित निजी जमीनों पर अतिक्रमण हो गया है। जिसको हटाने में अब अफसरों का पसीना छूट रहा है। कुछ प्रकरणों को छोड़ दें तो ज्यादातर अतिक्रमण के प्रकरण राजस्व अफसरों की टेबल पर धूल खा रहे हैं। इतना ही नहीं सरकार की बेसकीमती जमीनों को हथियाने के लिए जमीन कारोबारियों ने अधिकारियों से साठगांठ कर दर्जनों प्रकरण राजस्व कोर्ट से राजस्व मण्डल कोर्ट में स्थानांतरित करा लिया है, ताकि जमीन हथियाने में कामयाब हो सकें।
120 दिन में अतिक्रमण के प्रकरण का निराकरण हो जाना चाहिए
जिला प्रशासन के रिकार्ड के अनुसार जिले के विभिन्न राजस्व कोर्ट में अतिक्रमण के ५०० से ज्यादा प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं। जबकि सिटीजन चार्टर की समय सीमा के अनुसार 120 दिन में अतिक्रमण के प्रकरण का निराकरण हो जाना चाहिए। लेकिन अधिकारियों की शिथिलता के चलते सालों प्रकरण लंबित हैं। हुजूर तहसील में दो दर्जन से अधिक सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के मामले पहुंचे हैं।
राजस्व रिकार्ड में छेड़छाड़ कर प्लाटिंग कर बेच लिया
जिसका निराकरण नहीं हो पाया है। ज्यादातर मामले रसूखदारों से जुड़े हैं। कई जमीन कारोबारियों ने तो सरकार की बेसकीमती जमीनों के राजस्व रिकार्ड में छेड़छाड़ कर प्लाटिंग कर बेच लिया है। शहर में नजूल एरिया में छोटे-छोटे छुकड़ों पर ३५ एकड़ से ज्यादा जमीन पर अतिक्रमण है। बिछिया में भी जगह-जगह अतिक्रमण के मामले हैं। जिसको हटाने में अफसरों का पसीना छूट रहा है। इसी तरह त्योंथर, जवा, सिरमौर, सेमरिया, मऊगंज, मनगवां, गुढ़ और हनुमना तहसील एरिया में सैकड़ो एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है। बेदखली की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
केस-01
करोड़ों की जमीन के रिकार्ड में हेराफेरी
हुजूर तहसील क्षेत्र के ढेकहा में राजपूत गन फैक्ट्री के आसपास दो एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग तान दी गई हैं। इतना ही नहीं जमीन कारोबारियों ने राजस्व रिकार्ड में हेराफेरी कर कई नंबरों की भूमियों को अपने नाम दर्ज करा लिया है। जिसका प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में चल रहा है। जिला दंडाधिकारी न्यायालय के अनुसार सरकार बनाम पूर्णिमा मेलहोत्रा आदि के नाम प्रकरण की सुनवाई चल रही है।
केस-02
करहिया में तालाब की जमीन पर अतिक्रमण
करहिया में20 एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन के रिकार्ड में हेराफेरी का मामला सामने आया है। अकेले तालाब की लगभग दस एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर रिकार्ड में छेड़छाड़ किया गया। शिकायत के बाद तत्कालीन अपर कलेक्टर ने जांच में सरकार के नाम जमीन दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन जमीन कारोबारियों ने अफसरों से साठगांठ कर प्रकरण राजस्व मंडल में स्थानांतरित करा लिया है।
केस-03
ढाई एकड़ से ज्यादा तलाब पर अतिक्रमण
हुजूर तहसील क्षेत्र के दुआरी गांव में ढाई एकड़ से ज्यादा तालाब की जमीन पर अतिक्रमण है। इसी तरह लौआ में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों ने अतिक्रमण कर मकान बना लिए गए हैं। विभागीय अधिकारी नोटिस देकर कार्रवाई करना भूल गए हैं।
अतिक्रमण हटाने की शतत प्रक्रिया चल है। जैसे-जैसे शिकायतें दर्ज होती हैं। बेदखली का प्रकरण चलाकर हटाए जाने की कार्रवाई की जाती है। अभी हाल में ही पीटीएस चौराहे के बगल में पानी टंकी के नीचे तेरह घर हटाए गए हैं। कुछ चिह्नित किए गए हैं। जल्द ही हटाए जाएंगे।
जितेन्द्र तिवारी, तहसीलदार, हुजूर

Rajesh Patel Reporting
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