परीक्षा के बाद मूल्यांकन में भी होगा बदलाव, इस तरह की बनाई जा रही रणनीति


- इस बार विश्वविद्यालय क्षेत्र के बाहर नहीं भेजी जाएंगी उत्तरपुस्तिकाएं
- विश्वविद्यालय मूल्यांकन केन्द्र बनाने के लिए अग्रणी महाविद्यालयों से मांग रहा जानकारी

By: Mrigendra Singh

Updated: 24 Sep 2020, 11:25 AM IST


रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों की परीक्षा के लिए ओपन बुक प्रणाली का उपयोग किया गया। उत्तर पुस्तिकाएं भी संग्रहण केन्द्रों में जमा करा ली गई हैं। अग्रणी कालेजों के माध्यम से जल्द ही ये उत्तर पुस्तिकाएं विश्वविद्यालय में भी पहुंच जाएंगी।

परीक्षा की रूपरेखा तो सरकार ने तय कर दी थी, उसी के अनुरूप प्रक्रिया अपनाई गई। अब उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किस तरह से कराना है इस पर भी तैयारियां शुरू की गई हैं। अंतिम रूप विश्वविद्यालय की ओर से अब तक नहीं दिया गया है।

कुलपति स्वयं लगातार बैठकें कर रहे हैं और मूल्यांकन में किसी तरह की समस्या नहीं हो इन सब बातों का भी ध्यान रख रहे हैं। मूल्यांकन केन्द्र बनाए जाने के लिए सुझाव मांगे जा रहे हैं। जिस पर यह तय होना है कि सभी परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विश्वविद्यालय परिसर में ही कराया जाए अथवा सभी जिलों के अग्रणी महाविद्यालयों के माध्यम से मूल्यांकन का कार्य संपन्न कराया जाए।

मूल्यांकन को लेकर प्रारंभिक रूपरेखा इसी सप्ताह तय करने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि अभी छात्रों की ओर से कापियां जमा कराई जा रही हैं, ये अग्रणी महाविद्यालयों के माध्यम से विश्वविद्यालय आएंगी, जहां पर विषयवार सभी कालेजों की उत्तर पुस्तिकाएं पहले छांटी जाएंगी। इसके बाद ही इनके मूल्यांकन से जुड़ी प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

30 अक्टूबर के पहले रिजल्ट भी घोषित करना है
उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय को निर्देशित कर रखा है कि ओपन बुक प्रणाली से जुड़ी परीक्षाओं का रिजल्ट आगामी 30 अक्टूबर के पहले ही जारी किया जाए। इस कारण विश्वविद्यालय को उस अवधि के पहले ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य पूरा कराना होगा। इस अवधि में कालेजों के प्रोफेसर्स को आनलाइन कक्षाओं का संचालन भी करना है। जिसके चलते मूल्यांकन और रिजल्ट घोषित करना बड़ी चुनौती होगी।

- विश्वविद्यालय के बाहर नहीं जाएंगी कापियां
विश्वविद्यालय कई वर्षों से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने के लिए दूसरे विश्वविद्यालयों को भेजता रहा है। कई बार दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों को भी कापियां भेजी जाती थी। अधिकांश उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों को दी जाती थी। करीब आधी कापियों का मूल्यांकन विश्वविद्यालय के बाहर कराया जाता था। इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से परिस्थितियां बदली हैं इस कारण बाहर कापियां नहीं भेजी जाएंगी। सभी कापियों का मूल्यांकन कराया जाना है। बताया जा रहा है कि करीब ४४ हजार की संख्या में छात्र परीक्षा में बैठे थे।
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ओपन बुक प्रणाली की परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाएं जमा कराई जा रही हैं। अब अगला चरण इनके मूल्यांकन का होगा। तैयारियां कर रहे हैं कि मूल्यांकन केन्द्र कहां और किस स्वरूप में बनाए जाएं। जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रो. एनपी पाठक, कुलपति अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा
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Mrigendra Singh Reporting
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