' वैज्ञानिक विधि से जिज्ञासा का समाधान ही अनुसंधान '

' वैज्ञानिक विधि से जिज्ञासा का समाधान ही अनुसंधान '

Vedmani Dwivedi | Publish: Mar, 17 2019 11:26:49 AM (IST) Singrauli, Singrauli, Madhya Pradesh, India

टीआरएस में कार्यशाला का आयोजन

रीवा. शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में कार्यशाला का आयोजन किया गया। 'सामाजिक अनुसंधान के विविध आयाम' विषय पर विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी। मुख्य अतिथि बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द जोशी रहे। अध्यक्षता डॉ. एसयू खान ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अर्थशास्त्र की सह.प्राध्यापक डॉ. विभा जोशी मौजूद रहीं।

मुख्य वक्ता डॉ. अरविन्द जोशी ने कहा कि, व्यापक अर्थ में अनुसंधान किसी भी क्षेत्र में ज्ञान की खोज करना होता है। वैज्ञानिक विधि के सहारे जिज्ञासा का समाधान करने की कोशिश की जाती है।

नवीन वस्तुओं की खोज और पुराने वस्तुओं एवं सिद्धान्तों का पुन: परीक्षण करना, जिससे कि नए तथ्य प्राप्त हो सकें, उसे शोध कहते हैं। बताया कि शोध उस प्रक्रिया अथवा कार्य का नाम है जिसमें बोधपूर्वक प्रयत्न से तथ्यों का संकलन कर सूक्ष्मग्राही एवं विवेचक बुद्धि से उसका अवलोकन-विश्लेषण करके नए तथ्यों या सिद्धांतों की खोज की जा सके।

विकासशील देश गरीबी, बेरोजगारी, आर्थिक असंतुलन, आर्थिक असमानता, सामाजिक तनाव, कम उत्पादकता, प्रौद्योगिकीय पिछड़ेपन के रूप में असं य समस्याओं से पीडि़त है। ऐसी समस्याओं का विश्लेषण अनुसंधान में किया जाता है। सामाजिक विज्ञान अनुसंधान इस संबंध में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

शोध कार्य वैज्ञानिक प्रक्रिया के साथ कला भी
डॉ. एसयू खान ने कहा कि शोध कार्य की सामाजिक उपयोगिता बहुत जरूरी है। जरूरत है कि शोध कार्य, विशेष रूप से सामाजिक विज्ञान विषयों में, सामाजिक समस्याओं के निवारण के लिए किया जाए। साथ ही, शोध कार्य मौलिक होना चाहिए।

जो शोधार्थी अध्यापन में अपना कॅरियर खोज रहे हैं, उनको पूरी निष्ठा, लगन एवं मेहनत से अपना शोध कार्य करना चाहिए। इस कार्यशाला का आयोजन गुणवत्तापरक शोध कार्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। शोध कार्य न केवल एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, बल्कि एक उच्च कला है। एक अच्छे शोधार्थी के लिए शोध समस्या का चयन सबसे महत्वपूर्ण है।

ये रहे मौजूद
कार्यशाला में डॉ. केके सिंह दुबे, डॉ. अजय शंकर पाण्डेय, डॉ. अमित तिवारी, डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव, डॉ. आरएन तिवारी, डॉ. सुशील दुबे, डॉ. मनीष शुक्ला, डॉ. संजय शंकर मिश्रा, डॉ. संध्या शुक्ला, डॉ. पूनम मिश्रा, डॉ. एस.पी.शुक्ल सहित कई प्राध्यापक एवं छात्र - छात्राएं मौजूद रहे।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned