बेरोजगारी- निजीकरण के खिलाफ मूलनिवासियों ने किया प्रदर्शन

जिले में मूलनिवासी संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित जिला प्रशासन को 9 सूत्रीय मांगों का सौंपा

By: Rajesh Patel

Published: 18 Sep 2020, 10:01 AM IST

रीवा. जिले में मूलनिवासी संगठनों ने बेरोजगारी, निजीकरण के खिलाफ कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। गुरुवार दोपहर संगठन के प्रदेश स्तरीय आह्वान पर मूलनिवासी संघ एवं मूलनविासी विद्यार्थी संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने संकेतिक धरना दिया और राष्ट्रपति को संबोधित 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा है।

निजीकरण से बढ़ रही बेरोजगारी
मूलनिवासी संघ और मूलनिवासी विद्यार्थी संघ के पदाधिकारियों ने कहा, सरकार सार्वजनिक संस्थाओं का निजीकरण कर रही है। जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य का निजीकरण होने से गरीबों को न तो शिक्षा और न ही इलाज मिल सकेगा। संगठन के पदाधिकारियों ने बेरोजगारी और निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कहा कि रेलवे, एअर इंडिया, भारत संचार निगम लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम, स्टील अथॉर्टी ऑफ इंडिया आदि उपक्रम निजीकरण किया जा रहा है।

सरकारी संस्थाओं को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के बजाए पंूजीपतियों के हांथों में सौंपा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान हुजूर नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देकर मांगे पूरी करने की मांग की। इस अवसर पर आस्तिक पटेल, दिलीप सिंह, लवकुश पटेल, गौरव, अजय, शिवकुमार, जियालाल, प्रकाश, बीडी प्रजापति, पुष्पेन्द्र कुमार आदि रहे।

ये प्रमुख मांगे
राष्ट्रीयकरण की जो संवैधानिक व्यवस्था है, उसे पूरी क्षमता के साथ लागू किया जाए। संविधान की प्रस्तावना सामाजिक और आर्थिक न्याय के लिए सुनिश्चित की जाए।निजी संस्थाओं का राष्ट्रीयकरण किया जाए, जिससे मूलनिवासियों का प्रतिनिधित्तव हो सके। शिक्षा व स्वास्थ्य का निजीकरण तत्काल रोका जाए।रिक्त पदों की भर्तियां शीघ्र की जाएं।

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Rajesh Patel Reporting
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