किराया दस रुपए फिर भी ओवरलोड ऑटो पर लगाम नहीं

तीन सवारी बैठाने की शर्त पर बढ़ाया गया था ऑटो का किराया, यातायात पुलिस ने दिया अभयदान

रीवा. शहर में दौडऩे वाले ऑटो में ओवलोडिंग की समस्या दिनोंदिन गंभीर हो रही है। सवारी घटाने की शर्त पर किराया बढ़वाने वाले ऑटो चालक निर्धारित संख्या से अधिक सवारियां बैठकर शहर की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे है। हैरानी की बात तो यह है इस प्रकार ओवरलोडिंग को पुलिस ने भी अभयदान दे रखा है। यही कारण है कि ओवरलोडिंग कर ऑटो चालक हादसों को न्यौता दे रहे है। शहर की सड़कों पर दिन भर ये नजारे देखने को मिल जाते है।

सालभर पूर्व आटो चालकों ने ओवरलोडिंग के लिए किराया कम होने का तर्क दिया था। कलेक्ट्रेट में हुई मीटिंग में ऑटो में तीन सवारी बैठाने की शर्त पर किराये में बढ़ोत्तरी की गई थी। ऑटो चालक न्यूनतम किराया दस रुपए वसूल करने लगे लेकिन ऑटो में यात्रियों की संख्या में कमी नहीं आई। आराम से ऑटो चालक 8 से 10 सवरियां तक बैठाकर निकल जाते है लेकिन उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होती है।

ओवरलोडिंग का नजारा तो सबसे ज्यादा रेलवे स्टेशन में देखने को मिल जाता है। ट्रेन आने पर ऑटो चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर चलते है। तीन सवारी बैठाने के आदेश का पालन कोई ऑटो चालक नहीं करता है। यातायात पुलिस लगातार ओवरलोडिंग को नजरअंदाज कर रही है। यही कारण है कि ओवरलोडिंग के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।

देहात से ओवरलोड ऑटो लेकर आते चालक
शहर में आसपास के ग्रामीण इलाकों से प्रतिदिन ऑटो ओवरलोड सवारियां लेकर आते है। सुबह सवारी लाते समय उसमें ओवरलोडिंग का नजारा हैरान कर देने वाला रहता है। गोविन्दगढ़, सेमरिया, बैकुंठपुर सहित आधा दर्जन मार्गों में बेखौफ ओवरलोड वाहन चलते है। रात में वापस लौटते समय भी अधिकांश ऑटो ओवरलोड रहते है। इन मार्गों में पुलिस की चेकिंग भी शून्य है।

थानों की पुलिस ने खड़े किये हाथ
शहर में ऑटो सहित अन्य वाहनों की चेकिंग से अन्य थानों की पुलिस ने हाथ खड़े कर दिये है। शहर में 6 थाने मौजूद है लेकिन उनके सामने से ऑटो ओवरलोड सवारियां भरकर आराम से निकल जाते है। पुलिस द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। शहर में ऑटो चालकों की मनमानी रोकने के लिए अन्य थानों की भी जिम्मेदारियां तय करनी होगी।

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ऑटो की ओवरलोडिंग रोकने के लिए ज्यादातर चौराहों में चेकिंग प्वाइंट लगाने होंगे। शहर की भौगोलिक संरचना के हिसाब से थाने में बल की कमी है। हालांकि ओवरलोड ऑटो पर कार्रवाई होती है लेकिन एक स्थान पर चेकिंग लगने के बाद वे दूसरे चौराहों से निकल जाते है।
मनोज वर्मा, डीएसपी यातायात

Mahesh Singh
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