scriptpaddy purchase center in rewa, rain effect | खुले आसमान में रखी एक लाख क्विंटल धान बारिश में भीगी, कई जगह बचाया | Patrika News

खुले आसमान में रखी एक लाख क्विंटल धान बारिश में भीगी, कई जगह बचाया


- मौसम के पूर्वानुमान के चलते कलेक्टर ने खरीद केन्द्रों में तिरपाल के इंतजाम के दिए थे निर्देश

रीवा

Published: December 29, 2021 10:14:02 pm


रीवा। मौसम में आए बदलाव की वजह से खेती एवं अन्य कई क्षेत्रों पर इसका असर पड़ा। सबसे अधिक असर समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही धान पर पड़ा है। खरीद केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे ही रखे होने की वजह से बारिश में बड़ी मात्रा में धान भीग गई। हालांकि कई जगह पूर्व से ही तैयारियां होने की वजह से बड़ी मात्रा में धान को बचाया भी गया है। इस वर्ष खरीद के साथ ही उठाव का कार्य होने की वजह से अधिक मात्रा में नुकसान नहीं हुआ है। जिले के 124 खरीद केन्द्रों में 24 लाख क्विंटल से अधिक की खरीदी हो चुकी है, जिसमें अधिकांश जगह से करीब 23 लाख क्विंटल उठाव भी हो चुका है। इनदिनों 1.14 लाख क्विंटल धान ही बची थी, जिसमें कुछ जगह पर बचाव के इंतजाम नहीं होने से बारिश में भीग गई है। वहीं कई केन्द्रों ने मौसम के अनुमान को देखते हुए पालीथिन का इंतजाम कर रखा था। शहर के नजदीक कृषि उपजमंडी करहिया में जहां पर खरीदी के लिए आने वाले धान को रखने के इंतजाम हैं, यहां भी धान भीग गई। गांवों में तो बनाए गए केन्द्रों में बचाव के इंतजाम नहीं है। बारिश में ऊपर से गिरने वाले पानी से तो बचाया गया लेकिन नीचे से जो पानी बह रहा था, उससे नहीं बचाया जा सका। इस तरह से हर जगह पर आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।
जिले में अब तक 38 हजार 233 किसानों से 2.40 लाख मिट्रिक टन धान की खरीद की गई है। उपार्जित धान में से 22.94 लाख मिट्रिक टन धान का परिवहन करके सुरक्षित भण्डारण किया गया है। यह कुल खरीदी का 90 प्रतिशत से अधिक है। अब तक खरीदी केन्द्रों में नान एफएक्यू पाई गई 46 हजार ५६ ङ्क्षक्वटल धान रिजेक्ट की गई है। अब तक किसानों को 255 करोड़ तीन लाख रुपए की राशि बैंक खाते में जारी की जा चुकी है।
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तौल से पहले भीगी किसानों की धान
खरीद केन्द्रों में धान बेचने के लिए आए किसानों की बड़ी मात्रा में धान का तौल नहीं हो सका था। मंगलवार को अचानक बारिश होने की वजह से किसानों की बड़ी मात्रा में धान भीग गई। किसानों के पास बचाव के इंतजाम नहीं थे। कुछ जगह तो तौल हो रही थी, उसी दौरान बारिश शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि इनदिनों हर दिन करीब डेढ़ लाख क्विंटल से अधिक की खरीदी हो रही है। इतनी मात्रा में ही किसान केन्द्रों में धान लेकर पहुंचे थे और बारिश के चलते भीग गई है। अब खरीदी केन्द्रों के प्रभारियों ने कहा है कि वह भीगी हुई धान की तौल नहीं करेंगे, क्योंकि इससे उन्हें घाटे का सामना करना होगा।
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किसानों की सब्जियों को भी पहुंचा नुकसान
बारिश की वजह से केवल धान की खरीदी केन्द्रों तक ही नुकसान नहीं रहा। खेतों में किसानों के मसूर, अरहर के साथ ही सब्जियों की खेती को भी बारिश की वजह से नुकसान पहुंचा है। आलू, टमाटर और गोभी की बड़ी मात्रा में नुकसानी की सूचना मिली है। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि यदि मौसम में कुछ दिन इसी तरह से बदलाव होता रहा तो पाले की संभावना बढ़ जाएगी जिससे किसानों को नुकसान होगा।
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अमानक धान खरीदने पर समिति प्रबंधक को नोटिस
जिले भर में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जा रहा है। सेवा सहकारी समिति मिसिरगवां तहसील हनुमना द्वारा संचालित खरीदी केन्द्र मिसिरगवां में 360 ङ्क्षक्वटल अमानक धान खरीदने की शिकायत मिली थी। इस संबंध में जांच करने पर पाया गया कि समिति प्रबंधक दिनेश त्रिपाठी द्वारा 360 ङ्क्षक्वटल नॉन एफएक्यू धान की खरीद कर उसे भण्डारण के लिए भेजा गया। जिसे सर्वेयर द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया है। शासन द्वारा खरीदी केन्द्र में ही धान की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिसका समिति प्रबंधक द्वारा लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने समिति प्रबंधक मिसिरगवां दिनेश त्रिपाठी को कारण बताओ नोटिस दिया है। नोटिस का तीन दिन में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
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धान खरीदी में अनियमितता पर नोटिस
अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने सेवा सहकारी समिति गोविंदगढ़ के समिति प्रबंधक देवेन्द्र पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस के अनुसार समिति प्रबंधक को कलेक्टर कार्यालय द्वारा अनिल चतुर्वेदी को समर्थन मूल्य पर उपार्जन कार्य से पृथक रखने के आदेश दिए गए थे। इसकी अवहेलना करते हुए धान खरीदी केन्द्र गोविंदगढ़ क्रमांक 2 में अनिल चतुर्वेदी को केन्द्र प्रभारी बनाया गया तथा उससे अवैधानिक तरीके से धान उपार्जन का कार्य कराया गया। यह शासन के निर्देशों का खुला उल्लंघन तथा गंभीर लापरवाही है। अनिल चतुर्वेदी को तत्काल उपार्जन कार्य से पृथक करते हुए इस संबंध में तीन दिवस में अपना पक्ष प्रस्तुत करें। समय सीमा पर संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर समिति को उपार्जन कार्य से पृथक करने तथा ब्लैक लिस्टेड करने की कार्यवाही की जाएगी।

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